मंगलवार को नई दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में अफगानिस्तान के खिलाफ दूसरे T20I मैच में नीतीश कुमार रेड्डी ने तीन विकेट लेकर शानदार वापसी की. उनकी गेंदबाजी की बदौलत भारत ने मेहमान टीम को 159/8 पर रोक दिया और फिर सात विकेट से लक्ष्य हासिल कर सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली. 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुने गए रेड्डी ने कहा कि हाल ही में चोट से उबरने के बाद अपनी काबिलियत पर भरोसा रखने से ही उनका यह प्रदर्शन संभव हो पाया.
दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय में जबरदस्त वापसी करने के बाद रेड्डी ने कहा कि 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' में रिहैबिलिटेशन के दौरान की गई मेहनत से उन्हें अपनी फिटनेस को लेकर आत्मविश्वास मिला है. अवॉर्ड लेने के बाद रेड्डी ने कहा,"यह अच्छा है. अभी मैं बहुत अच्छा महसूस कर रहा हूं. हमने सीओई में बहुत अच्छा काम किया है और शरीर अच्छी तरह से रिकवर हो रहा है."
उनकी गेंदबाजी में वापसी से भारत को भी काफी मजबूती मिली है, क्योंकि टीम अपने सीम-बॉलिंग ऑलराउंडरों के जरिए बेहतर संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है. रेड्डी ने कहा कि उन्होंने जो अतिरिक्त गति (पेस) हासिल की है, वह खुद को एक संपूर्ण ऑलराउंडर के तौर पर स्थापित करने की उनकी बड़ी महत्वाकांक्षा का हिस्सा है.
-Wicket in the 1st ball in his 1st over ✅
— 𝑺𝒖𝒄𝒉𝒂𝒏𝒅𝒓𝒂 (@snvvs369) September 15, 2026
-Wicket in the 1st ball in his 2nd over ✅
-Wicket in the 1st ball in his 3rd over ✅
Now Can We Say Nitish Kumar Reddy can surpass Hardik Pandya??? pic.twitter.com/Z3kJm1bCfk
उन्होंने कहा,"मैं बहुत अच्छा महसूस कर रहा हूं. मैं हमेशा से बेहतरीन ऑलराउंडर बनना चाहता था और इसके लिए मुझे उस अतिरिक्त गति की जरूरत थी, जो मुझे मिल रही है. इसके फायदे और नुकसान दोनों हैं, और फिट रहना भी जरूरी है."
23 वर्षीय खिलाड़ी का यह योगदान तब आया जब वरुण चक्रवर्ती 'साइड स्ट्रेन' (पसलियों की मांसपेशियों में खिंचाव) के कारण सीरीज के बाकी मैचों से बाहर हो गए, जिससे भारत के पास गेंदबाजी के अहम विकल्पों में से एक की कमी हो गई. रेड्डी ने मिडिल ओवर्स में निर्णायक भूमिका निभाई. उनके तीन विकेटों ने अफगानिस्तान को अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में बदलने से रोक दिया.
उनका यह प्रदर्शन पहले टी20 के बाद एक मजबूत वापसी थी, जिसमें गेंद से उनका प्रभाव सीमित रहा था. हालांकि, रेड्डी का ध्यान इस बात पर कम था कि पहले क्या हुआ था और ज्यादा इस बात पर था कि वे अपने खेल पर भरोसा बनाए रखें. उन्होंने कहा,"मैं कहूंगा कि यह सब अपनी काबिलियत पर भरोसा करने और वापसी करने के बारे में है, और मैं बस खुद पर विश्वास कर रहा था। यह एक अजीब खेल है, किसी भी पल कुछ भी बदल सकता है."
संजू सैमसन की 22 गेंदों में 57 रन और अभिषेक शर्मा की 19 गेंदों में 39 रनों की पारी की बदौलत भारत ने एक मैच बाकी रहते ही सीरीज़ अपने नाम कर ली. रेड्डी का गेंदबाज़ी में असरदार प्रदर्शन भारत के लिए एक और अच्छा विकल्प लेकर आया है, क्योंकि टीम अपनी टी20 टीम के संतुलन को परख रही है.
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