- पाकिस्तानी खिलाड़ियों की अंग्रेजी और शिक्षा को लेकर अक्सर आलोचना और मजाक बनाया जाता है
- भारतीय खिलाड़ियों में भी अंग्रेजी भाषा की कमजोरी देखी जाती है, लेकिन बीसीसीआई ने इसे सुधारने के प्रयास किए हैं
- कई खिलाड़ी छोटे शहरों से आने के बाद भी शिक्षा के साथ खेल में उत्कृष्टता हासिल करते हुए सम्मानित होते हैं
हाल के सालों में पाकिस्तानी खिलाड़ियों की उनके खेल से ज्यादा उनकी शिक्षा को लेकर जग हंसाई हुई है. प्रेस कॉन्फ्रेंस या मैच के बाद उन्होंने जिस तरह से टूटी फूटी अंग्रेजी भाषा में सवालों का जवाब दिया है. उसे सुन हर कोई हैरान था. ऐसा नहीं है कि पाकिस्तानी खिलाड़ियों की ही अंग्रेजी खराब है. कई भारतीय खिलाड़ी भी अच्छे से अंग्रेजी में बात नहीं कर पाते हैं. मगर बीसीसाआई ने उनके इन कमजोरियों को भी सुधारने का काम किया है.
दरअसल, खिलाड़ियों के खराब भाषा की वजह उनकी शिक्षा है. अक्सर खिलाड़ी छोटे शहरों से निकलकर यहां तक पहुंचते हैं. समय के साथ-साथ कुछ खिलाड़ी खुद में बदलाव करते रहते है, जबकि कुछ खिलाड़ी शिक्षा से दूर केवल अपने खेल पर ही फोकस करते हैं.
देश में कई ऐसे खिलाड़ी हैं जो खेल के साथ-साथ पढ़ाई लिखाई में भी चैंपियन हैं. हर कोई उनके शिक्षा का सम्मान करता है. मौजूदा समय में भी कई भारतीय खिलाड़ी खुब पढ़ें लिखे हैं.
नीतीश कुमार रेड्डी ने बिजनेस एनालेटिक्स में ली है मास्टर की डिग्री
जल्द ही भारतीय टीम का सामना दक्षिण अफ्रीका के साथ है. दोनों टीमों के बीच 3 मैचों की वनडे सीरीज खेली जानी है. आगामी सीरीज के लिए टीम में एक से बढ़कर एक धुरंधरों को शामिल किया गया है. 15 सदस्यीय टीम में नीतीश कुमार रेड्डी का भी नाम शामिल है.
आपको जानकर हैरानी होगी कि आगामी सारीज के लिए चुनी गई भारतीय टीम में नीतीश कुमार रेड्डी सबसे ज्यादा पढ़े लिखे खिलाड़ी हैं. 22 वर्षीय रेड्डी ने नर्सरी की शिक्षा स्कूल से प्राप्त की. उसके बाद उन्होंने बीटेक इन ईसी में किया. वह यहीं नहीं रुके. उन्होंने मास्टर में भी डिग्री हासिल की. रेड्डी ने बिजनेस एनालेटिक्स से मास्टर की डिग्री ली है.
यह भी पढ़ें- W, W, W: IPL से पहले रौद्र रूप में आए अर्जुन तेंदुलकर, लहराती हुई गेंदों पर खुब बल्लेबाजों को नचाया, VIDEO
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं