Mukul Choudhary Statement: आईपीएल 2026 में गुरुवार को ईडन गार्डन्स के मैदान पर सांसें रोक देने वाले मैच में लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) ने कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) को 3 विकेट से हराया और जीत के हीरो रहे मुकुल चौधरी. उन्होंने मैच में उस समय क्रीज पर कदम रखा जब लखनऊ की टीम गहरे संकट में थी. उन्होंने हार मानने के बजाय पलटवार किया और मात्र 27 गेंदों में नाबाद 54 रनों की आतिशी पारी खेली. मुकुल ने अपनी पारी में 7 गगनचुंबी छक्के और 2 चौके जड़े. कोलकाता के खिलाफ तूफानी पारी खेलने के बाद जब मुकुल से उनके प्रदर्शन और तैयारियों से जुड़ा सवाल पूछा गया तो उन्होंने अपने अपने क्रिकेट के सफर के आगाज से लेकर कोलकाता के खिलाफ पारी तक को लेकर बहुत ही सरल अंदाज में जवाब दिया और इसके साथ ये भी बताया की आखिर वो क्रिकेट खेलकर किसका सपना पूरा कर रहे हैं जो की अपने आप में एक बहुत ही दिलचस्प कहानी है.
जब मेरे पिता की शादी भी नहीं हुई थी...
मैच जिताने के बाद मुकुल चौधरी काफी भावुक नजर आए. अपनी संघर्ष भरी कहानी सुनाते हुए उन्होंने कहा, "मेरी क्रिकेट की यात्रा असल में तब शुरू हुई जब मेरे पिता की शादी भी नहीं हुई थी. उनका सपना था कि उनका बेटा बड़ा होकर देश के लिए क्रिकेट खेले और मैंने बचपन से ही खेलना शुरू कर दिया था."
सिक्किम से दिल्ली तक का सफर
"सिक्किम में क्रिकेट की अच्छी सुविधाएं और एकेडमी नहीं थीं, इसलिए मैंने दिल्ली और गुड़गांव जाकर मैच खेले. वहीं से मुझे असली पहचान मिली और खेल में सुधार आया." जब मैं U-19 में यूपी के खिलाफ खेल रहा था, वो मेरा सिर्फ दूसरा ही मैच था स्कोर कम था पर मैंने अच्छी पारी खेली. तभी सबको लग गया था कि मैं आगे चलकर कुछ बड़ा करूंगा."
दबाव नहीं, ये तो मौका है
अपने प्रदर्शन को लेकर मुकुल ने कहा, "भगवान ने मुझे यह मंच दिया है. मैदान पर दबाव तो होता है, लेकिन मैं इसे खुद को साबित करने और अपना नाम बनाने के एक मौके की तरह देखता हूं. मेरा लक्ष्य बस अंत तक टिके रहकर मैच खत्म करना था."
मुकुल चौधरी को छक्के मारना है पसंद
"मुझे शुरू से ही जमीन पर शॉट खेलने के बजाय गेंद को बाउंड्री के बाहर छक्के के लिए मारना पसंद है. पिछले दो मैचों में मैं एक भी छक्का नहीं मार पाया था, इसलिए आज जब पहला छक्का लगा तो बहुत सुकून मिला. मुझे पता था कि कोई न कोई गेंद तो मेरे पाले में आएगी ही और मैं बस उसी का इंतजार कर रहा था."
इससे पहले एलएसजी (LSG) की तरफ से युवा बल्लेबाज मुकुल चौधरी ने अर्धशतकीय पारी खेलते हुए हारी हुई बाजी को पलट दिया. 182 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी लखनऊ सुपर जायंट्स की टीम को मिचेल मार्श और एडेन मार्करम ने सधी हुई शुरुआत दी. दोनों ने मिलकर पहले विकेट के लिए 4.1 ओवर में 41 रन जोड़े. मार्श 11 गेंदों में 15 रन बनाकर आउट हुए. वहीं, मार्करम अच्छी शुरुआत का फायदा नहीं उठा सके और वह 15 गेंदों में 22 रन बनाने के बाद वैभव अरोड़ा का शिकार बने. वैभव ने तीन गेंदों के अंदर ही एलएसजी के दोनों सलामी बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा.
कप्तान ऋषभ पंत बल्ले से कुछ खास कमाल नहीं दिखा सके और 9 गेंदों में 10 रन बनाकर आउट हुए. निकोलस पूरन का निराशाजनक प्रदर्शन इस मुकाबले में भी जारी रहा और वह 15 गेंदों का सामना करने के बावजूद सिर्फ 13 रन ही बना सके. अब्दुल समद को अनुकूल रॉय ने सिर्फ 2 रनों के स्कोर पर क्लीन बोल्ड किया. हालांकि, आयुष बदोनी एक छोर संभालकर खड़े रहे और उन्होंने शानदार बल्लेबाजी करते हुए अर्धशतकीय पारी खेली. बदोनी ने 34 गेंदों में 54 रन बनाए. अपनी इस पारी में उन्होंने 7 चौके और 2 छक्के लगाए.
अंत के ओवरों में एलएसजी के 21 वर्षीय बल्लेबाज मुकुल चौधरी ने बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 27 गेंदों में 54 रनों की नाबाद पारी खेलकर लखनऊ सुपर जायंट्स को यादगार जीत दिलाई. मुकुल ने अपनी इस पारी में 2 चौके और 7 छक्के लगाए. आखिरी ओवर में जीत के लिए एलएसजी को 14 रनों की जरूरत थी. वैभव अरोड़ा के इस ओवर में मुकुल ने 2 छक्के लगाते हुए केकेआर की जीत की उम्मीदों पर पानी फेर दिया. गेंदबाजी में केकेआर की ओर से वैभव अरोड़ा, अनुकूल रॉय ने दो-दो विकेट चटकाए. वहीं, नरेन और कैमरून ग्रीन ने एक-एक विकेट निकाला.
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