पश्चिम बंगाल में मछली पर महाभारत हो रहा है. विधानसभा चुनाव में मछली एक बड़ा मुद्दा बनकर उभर रही है. एक तरफ ममता बनर्जी आरोप लगा रही है कि अगर बीजेपी सत्ता में आई तो मछली-मांस खाना दूभर हो जाएगा, वहीं दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब खुद मछली के बहाने ममता सरकार पर वार करने मैदान में उतर आए हैं. हल्दिया की रैली से पीएम ने सीधा हमला बोलते हुए कहा कि टीएमसी सरकार तो बंगाल को ढंग से मछली भी नहीं खिला पा रही है. इसका जवाब देते हुए टीएमसी सुप्रीमो ने आरोप मढ़ दिया कि बीजेपी शासित राज्यों में लोगों को मांसाहारी भोजन खाने की अनुमति नहीं है.
बिहार का नाम लेकर ममता पर पीएम का निशाना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को हल्दिया में जनसभा को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी सरकार पर आरोप लगाया कि वो अब बंगाल को मछली भी नहीं दे पा रही हैं. टीएमसी के शासन में मछली उत्पादन घटा है जबकि बिहार में यह दोगुना हो गया है क्योंकि बीजेपी ने मछुआरों के लिए बहुत काम किया है. पीएम मोदी के इस बयान पर ममता बनर्जी ने तीखा पलटवार किया.
তৃণমূল মৎস্য ক্ষেত্রের প্রতি সম্পূর্ণ অবজ্ঞা প্রদর্শন করেছে। এর বিপরীতে, কেন্দ্রের এনডিএ সরকার এই গুরুত্বপূর্ণ ক্ষেত্রটিকে শক্তিশালী করার জন্য কাজ করছে। pic.twitter.com/rp7iMpzW9h
— Narendra Modi (@narendramodi) April 9, 2026
‘निर्मम सरकार' को हटाने की अपील की
पीएम मोदी ने अपनी 6 गारंटियों के साथ तृणमूल सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश प्रगति के पथ पर अग्रसर है जबकि तृणमूल कांग्रेस की ‘निर्मम सरकार' बंगाल को पीछे धकेल रही है. विकसित बंगाल बनाने के लिए जरूरी है कि पार्टी की ‘निर्मम सरकार' को सत्ता से हटाया जाए.
बीजेपी बनाएगी मछली पालन में आत्मनिर्भर
पीएम मोदी ने भरोसा दिलाया कि बीजेपी सत्ता में आने पर राज्य को मत्स्य पालन और समुद्री खाद्य क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाएगी. उन्होंने बताया कि केंद्र में बीजेपी सरकार ने मछुआरों के कल्याण के लिए एक समर्पित मंत्रालय बनाया और उसके लिए रिकॉर्ड बजट आवंटित किया है.
बीजेपी राज्यों के बहाने ममता का पलटवार
इसके बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री मोदी पर पलटवार किया और तथ्यों को गलत तरीके से पेश करने का आरोप लगाया. उत्तर 24 परगना जिले के अगरपारा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए ममता ने ये आरोप भी दोहराया कि भाजपा शासित राज्यों में लोगों को मांसाहारी भोजन खाने की अनुमति नहीं है.
बिहार में मछली नहीं खाने देतेः ममता
टीएमसी सुप्रीमो ने कहा कि मैंने सुना है कि आज उन्होंने (प्रधानमंत्री ने) कहा कि बंगाल में मछली का उत्पादन नहीं हो रहा है, जबकि बिहार में अधिक उत्पादन हो रहा है और निर्यात भी हो रहा है. लेकिन आप बिहार में लोगों को मछली खाने की अनुमति नहीं देते. यहां हम बाजारों से मछली खरीदते हैं और खाते हैं. ममता बनर्जी ने कहा कि बंगाल पहले आंध्र प्रदेश से मछली मंगाता था, लेकिन अब यह बंद हो गया है. प्रधानमंत्री को इस पर गौर करना चाहिए.
'न बांग्ला बोल पाएंगे, न मछली खा पाएंगे'
पिछले महीने भी ममता बनर्जी ने आरोप लगाया था कि बीजेपी बंगाल के लोगों के मछली खाने पर रोक लगा देगी. बीरभूम में रैली को संबोधित करते हुए ममता ने कहा था कि ये लोग (बीजेपी) आपको मछली नहीं खाने देंगे. आप अंडा, मीट कुछ नहीं खा पाएंगे और न ही बांग्ला बोल पाएंगे. अगर आपने ऐसा किया तो ये आपको बांग्लादेशी घोषित कर देंगे.
बीजेपी का मछली प्रचार
ममता और उनकी पार्टी के मछली दांव की काट के तौर पर विधाननगर से बीजेपी के उम्मीदवार डॉ. शारद्वत मुखर्जी ने प्रचार का अनोखा तरीका अपनाया. वह 5 किलो की कतला मछली लेकर प्रचार करते नजर आए. ममता के आरोपों के जवाब में बीजेपी यह संदेश देने में जुट गई है कि वह बंगाली पहचान और लोगों के मछली प्रेम के खिलाफ नहीं है. इसी कड़ी में गुरुवार को पीएम मोदी ने मछली का मुद्दा उठाया.
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