
भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने इंग्लैंड के खिलाफ यहां सपाट पिच पर ड्रॉ छूटे पहले टेस्ट क्रिकेट मैच में अपने गेंदबाजों के प्रदर्शन की जमकर तारीफ की। भारत ने पहली पारी में 457 रन बनाए और दूसरी पारी नौ विकेट पर 391 रन बनाकर समाप्त घोषित की। इंग्लैंड ने अपनी एकमात्र पारी में 496 रन बनाए।
धोनी ने कहा, हम पिच पर नियंत्रण नहीं कर सकते। हमने वह किया जो हम कर सकते थे और इस मैच में हमारे लिए काफी सकारात्मक पहलू रहे। उन्होंने कहा, इस तरह की पिच पर गेंदबाजों ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया। यहां तक कि 160 ओवर करने पर भी उन्होंने काफी प्रयास किए। उनमें से प्रत्येक ने लगभग 25 से 30 से 35 ओवर किए और फिर भी उन्होंने खुद पर थकान हावी नहीं होने दी।
धोनी ने कहा, कुल मिलाकर हमारी बल्लेबाजी अच्छी दिख रही है। मुरली विजय ने अच्छा प्रदर्शन किया और अन्य का प्रदर्शन भी अच्छा रहा। कुछ बल्लेबाज अपने करियर में शानदार शुरुआत करते हैं और कुछ समय लगाते हैं। यह हमेशा परिणाम से जुड़ा नहीं होता है। यदि आप पिछले कुछ दौरों को देखो तो फिर हमारे बल्लेबाजों में काफी सुधार आया है। मैच के दौरान पिच चर्चा का विषय बनी रही तथा इससे गेंदबाजों को मदद नहीं मिली। भुवनेश्वर कुमार ने दो अर्धशतक जमाए जबकि स्टुअर्ट बिन्नी, मोहम्मद शमी और जेम्स एंडरसन ने पहली बार अर्धशतक पूरा करने में सफल रहे। एंडरसन ने जो रूट के साथ आखिरी विकेट के लिये 198 रन की साझेदारी भी की।
उन्होंने कहा, दक्षिण अफ्रीका में आप तेज विकेट पर खेलना चाहते हो और अच्छा प्रदर्शन करते हो। इंग्लैंड में आप ऐसी पिच और परिस्थितियां चाहते हो जो स्विंग गेंदबाजी के अनुकूल हों। उम्मीद है कि आगे के मैचों में विकेट अधिक जीवंत होंगे। बिन्नी ने अपने पहले टेस्ट मैच में अर्धशतक जमाकर भारत को संकट से बाहर निकाला। उन्होंने रविंद्र जडेजा और भुवनेश्वर के साथ दो अर्धशतकीय साझेदारियां भी कीं। धोनी ने कहा, बिन्नी और रविंद्र जडेजा के बीच साझेदारी काफी महत्वपूर्ण रही। तब आधे दिन का खेल बचा हुआ था और हमने पर्याप्त रन नहीं बनाए थे। उस समय हम संघर्ष कर रहे थे। तब हम चाह रहे थे कि वे अच्छी बल्लेबाजी करें और उन्होंने ऐसा किया। हमारे अधिकतर खिलाड़ियों को दबाव में बल्लेबाजी करने और मैच बचाने का अनुभव नहीं है इसलिए यह मैच उनके लिए अच्छा अनुभव रहा। बिन्नी की भूमिका के बारे में उन्होंने कहा, बिन्नी की भूमिका प्रभावित रही, क्योंकि विकेट उनकी गेंदबाजी शैली के अनुकूल नहीं था। जडेजा सपाट पिच पर गेंदबाजी कर रहा था इसलिए मैंने बिन्नी को अधिक ओवर नहीं देने का फैसला किया। धोनी ने कहा, हम विदेशों में पांच गेंदबाजों के साथ नहीं खेलते हैं, लेकिन पूर्व में ऐसे में हमारी गेंदबाजी को नुकसान पहुंचा है। इसलिए यदि हमें पांच गेंदबाजों, चाहे वह बिन्नी हो या आर अश्विन, के साथ खेलना है तो बल्लेबाजों को अधिक जिम्मेदारी लेनी होगी।
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