
नई दिल्ली:
तुनकमिजाज तेज गेंदबाज एस श्रीसंत बुधवार को तब फिर विवाद में फंस गये जब बेंगलूर से दिल्ली आये विमान में उनके सह यात्री ने उन पर अशिष्ट व्यवहार करने का आरोप लगाया। सह यात्री टीआर रविचंद्रन ने आरोप लगाया कि श्रीसंत को जब आपातकालीन द्वार के करीब नहीं बैठने के लिये कहा गया तो उन्होंने विमान कर्मचारियों के साथ बचकानी हरकतें की।
रविचंद्रन ने कहा कि उन्होंने तथा अन्य यात्रियों ने श्रीसंत के व्यवहार पर आपत्ति जतायी जिसके कारण उड़ान भरने में देरी हुई। श्रीसंत ने हालांकि इन आरोपों का खंडन किया। उन्होंने कहा कि उनका यात्रियों से बमुश्किल कोई बात हुई और वह जानते हैं कि सार्वजनिक तौर पर कैसे व्यवहार करना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘मैं किसी तरह के खराब व्यवहार का खंडन करता हूं। मैंने अभद्र भाषा का उपयोग नहीं किया। मैं नहीं मानता कि मैंने विमान में किसी तरह की अभद्र भाषा का उपयोग किया। इसके अलावा मैं भारतीय टीम के लिये खेलता हूं और मैं नियम जानता हूं और समझता हूं कि सार्वजनिक तौर पर कैसा व्यवहार करना चाहिए। मैं स्वयं मानक स्थापित करना चाहता हूं।’’
रविचंद्रन ने दावा किया कि यह घटना बेंगलूर से दिल्ली आ रही उड़ान संख्या एस 2 4234 में घटी। उन्होंने एक चैनल से कहा, ‘‘श्रीसंत को 29 ए सीट दी गयी थी जो संयोग से आपातकालीन द्वार के करीब थी। वह चोटिल है और इसलिए विमान कर्मचारी ने उनसे विमान के उड़ान भरने तक किसी अन्य सीट पर बैठने के लिये कहा ताकि किसी तरह की आपात स्थिति में कोई परेशानी नहीं हो। उन्होंने बजाय कर्मचारियों के बात मानने के उनके साथ बचकानी बहस की जिससे उड़ान में 15 मिनट की देरी हुई।’’
श्रीसंत ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा, ‘‘मैं अपने दोस्त के साथ था और मेरी साथ वाली सीट पर भी यात्री था। मैं नहीं जानता कि वे क्यों शिकायत कर रहे हैं। मैं इस घटना से पूरी तरह अनभिज्ञ हूं। मेरी किसी के साथ बमुश्किल बातचीत हुई।’’
इस क्रिकेटर ने कहा, ‘‘असल में मैं हमेशा की तरह संगीत सुन रहा था। सार्वजनिक स्थान पर अभद्र भाषा का उपयोग मैं कभी नहीं करूंगा। उन्होंने मुझे बताया कि 29 ए मेरी सीट है क्योंकि यह पूरी तरह से इकोनोमी वाली उड़ान थी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘पूरी इकोनोमी उड़ान में मैंने उस सीट के लिये इसलिए कहा था क्योंकि मैं अपना पांव फैला पाऊं। जब मैं आया तो उन्होंने कहा कि मैं वहां नहीं बैठ सकता। बस यही बात हुई। मैंने कहा कि यह 29 ए सीट है और मैं यहां बैठने का हकदार हूं। मेरे दोस्त ने भी यही बात कही। बस इतनी से बात हुई थी। उस व्यक्ति ने कहा कि मैं फिट नहीं हूं। मैंने कहा कि मैंने व्हीलचेयर तो नहीं मांगी। मेरी उड़ान छूटने वाली थी और मैं जल्दी जल्दी वहां पहुंचा था।’’ श्रीसंत को विवादों से पहले भी नाता रहा है। आईपीएल 2008 में हरभजन सिंह ने उन पर थप्पड़ मार दिया था। इस घटना के कारण तब वह काफी चर्चा में रहे थे।
रविचंद्रन ने कहा कि उन्होंने तथा अन्य यात्रियों ने श्रीसंत के व्यवहार पर आपत्ति जतायी जिसके कारण उड़ान भरने में देरी हुई। श्रीसंत ने हालांकि इन आरोपों का खंडन किया। उन्होंने कहा कि उनका यात्रियों से बमुश्किल कोई बात हुई और वह जानते हैं कि सार्वजनिक तौर पर कैसे व्यवहार करना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘मैं किसी तरह के खराब व्यवहार का खंडन करता हूं। मैंने अभद्र भाषा का उपयोग नहीं किया। मैं नहीं मानता कि मैंने विमान में किसी तरह की अभद्र भाषा का उपयोग किया। इसके अलावा मैं भारतीय टीम के लिये खेलता हूं और मैं नियम जानता हूं और समझता हूं कि सार्वजनिक तौर पर कैसा व्यवहार करना चाहिए। मैं स्वयं मानक स्थापित करना चाहता हूं।’’
रविचंद्रन ने दावा किया कि यह घटना बेंगलूर से दिल्ली आ रही उड़ान संख्या एस 2 4234 में घटी। उन्होंने एक चैनल से कहा, ‘‘श्रीसंत को 29 ए सीट दी गयी थी जो संयोग से आपातकालीन द्वार के करीब थी। वह चोटिल है और इसलिए विमान कर्मचारी ने उनसे विमान के उड़ान भरने तक किसी अन्य सीट पर बैठने के लिये कहा ताकि किसी तरह की आपात स्थिति में कोई परेशानी नहीं हो। उन्होंने बजाय कर्मचारियों के बात मानने के उनके साथ बचकानी बहस की जिससे उड़ान में 15 मिनट की देरी हुई।’’
श्रीसंत ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा, ‘‘मैं अपने दोस्त के साथ था और मेरी साथ वाली सीट पर भी यात्री था। मैं नहीं जानता कि वे क्यों शिकायत कर रहे हैं। मैं इस घटना से पूरी तरह अनभिज्ञ हूं। मेरी किसी के साथ बमुश्किल बातचीत हुई।’’
इस क्रिकेटर ने कहा, ‘‘असल में मैं हमेशा की तरह संगीत सुन रहा था। सार्वजनिक स्थान पर अभद्र भाषा का उपयोग मैं कभी नहीं करूंगा। उन्होंने मुझे बताया कि 29 ए मेरी सीट है क्योंकि यह पूरी तरह से इकोनोमी वाली उड़ान थी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘पूरी इकोनोमी उड़ान में मैंने उस सीट के लिये इसलिए कहा था क्योंकि मैं अपना पांव फैला पाऊं। जब मैं आया तो उन्होंने कहा कि मैं वहां नहीं बैठ सकता। बस यही बात हुई। मैंने कहा कि यह 29 ए सीट है और मैं यहां बैठने का हकदार हूं। मेरे दोस्त ने भी यही बात कही। बस इतनी से बात हुई थी। उस व्यक्ति ने कहा कि मैं फिट नहीं हूं। मैंने कहा कि मैंने व्हीलचेयर तो नहीं मांगी। मेरी उड़ान छूटने वाली थी और मैं जल्दी जल्दी वहां पहुंचा था।’’ श्रीसंत को विवादों से पहले भी नाता रहा है। आईपीएल 2008 में हरभजन सिंह ने उन पर थप्पड़ मार दिया था। इस घटना के कारण तब वह काफी चर्चा में रहे थे।
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