
2011 का वनडे वर्ल्ड कप जीतने के बाद धोनी को सचिन ने गले लगा लिया (फाइल फोटो)
टी-20 वर्ल्ड कप का आगाज होने जा रहा है। हाल ही में एशिया कप के फाइनल में कप्तान धोनी ने एक बार फिर छक्के से टीम को जीत दिलाई है। क्या आप जानते हैं भारत के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी छक्का लगाकर टीम इंडिया को कितनी बार मैच जिता चुके हैं? आपकी यादों में दो, चार या छह मैच होंगे, लेकिन आप यह जानकर हैरान रह जाएंगे कि माही ने 12 मैचों में छक्के के साथ भारत को जीत दिलाई है। हम आपको ऐसे ही मैचों के बारे में बताने जा रहे हैं।
सिर्फ एशिया कप के फाइनल में ही नहीं, महेंद्र सिंह धोनी ने 2011 के आईसीसी वर्ल्ड कप फाइनल और 2013 में पोर्ट ऑफ स्पेन में त्रिकोणीय सीरीज के फाइनल (श्रीलंका के खिलाफ) में भी भारत को छक्के के साथ मैच जिताया है।
सबसे पहले टी-20 की बात, जिनमें धोनी ने तीन बार छक्के के साथ मैच जिताए हैं-
एशिया कप 2016
हाल ही में खेले गए एशिया कप-2016 के फाइनल में धोनी ने बांग्लादेश के गेंदबाजों का जो हश्र किया, वह तो आपने देखा ही होगा। उन्होंने इस मैच में 6 गेंदों पर 20 रन बनाए और अल-अमीन हुसैन की गेंद पर छक्का लगाकर भारत को छठी बार एशिया कप जितवाया।
जब ब्रेट ली नजर आए लाचार
20 अक्टूबर 2007 को मुंबई के वानखेड़े मैदान पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी-20 मैच में धोनी ने ब्रेट ली को छक्का लगाकर मैच जितवाया था। भारत को ऑस्ट्रेलिया ने 167 रन का लक्ष्य दिया था। गौतम गंभीर ने भी इस मैच में 67 रन की शानदार पारी खेली थी।
रहमान पर भी रहम नहीं
भारत और बांग्लादेश के बीच ढाका में 28 मार्च 2014 को खेले गए टी-20 मैच में धोनी ने जियाउर रहमान के तीसरे ओवर की तीसरी गेंद पर छक्का लगाकर टीम के नाम जीत की थी। धोनी ने इस मैच में 12 गेंदों पर 22 रन बनाए थे और भारत ने यह मैच 9 गेंद शेष रहते आठ विकेट से जीता था।
वनडे में तो कई बार किया कमाल
वनडे मैचों में छक्के से मैच जिताने का कमाल धोनी कई बार कर चुके हैं, जिनमें कई बड़े मैच भी शामिल हैं-
वेस्टइंडीज के खिलाफ शुरू हुआ सिलसिला
31 जुलाई 2005, भारत और वेस्टइंडीज के बीच इंडियन ऑयल कप का दूसरा वनडे मैच। महेंद्र सिंह धोनी ने इस मैच में 36वें ओवर की अंतिम गेंद पर छक्का लगाकर भारत को जीत दिलाई थी। यह मैच श्रीलंका के दांबुला अंतरराष्ट्रीय मैदान पर खेला गया था। वेस्टइंडीज की तरफ से जर्मेन लॉसन बॉलिंग कर रहे थे। लॉसन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2003 में हैट्रिक भी ले चुके हैं।
जिम्बाब्वे को दिखाया अपना जलवा
4 सितंबर 2005, भारत और जिम्बाब्वे के बीच त्रिकोणीय सीरीज का छठा मैच। जिम्बाब्वे ने पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत के सामने 251 रन का लक्ष्य रखा था। जब टीम इंडिया 91 रन पर पांच विकेट खोकर हार के कगार पर पहुंच गई थी, तब धोनी ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 63 गेंदों पर 67 रन बनाए थे और ब्लेसिंग महारे की गेंद पर छक्का लगाकर भारत को जीत दिलाई थी।
जब श्रीलंका के खिलाफ मारे 10 छक्के
31 अक्टूबर 2005 सवाई मानसिंह स्टेडियम, भारत और श्रीलंका के बीच तीसरा वनडे मैच। कुमार संगकारा की 138 रन की शानदार पारी की बदौलत श्रीलंका ने भारत के सामने 299 रन का लक्ष्य रखा था। भारत के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर सिर्फ 2 रन बनाकर आउट हो गए, फिर कप्तान राहुल द्रविड़ ने महेंद्र सिंह धोनी को प्रमोट करते हुए बैटिंग के लिए भेजा। उस दिन जो हुआ वह देखने लायक था। धोनी ने विस्फोटक पारी खेलते हुए अपने करियर के बेस्ट 183 रन बनाए, जिसमें 15 चौके और 10 छक्के शामिल थे। 47वें ओवर की पहली गेंद पर धोनी ने छक्का लगाकर भारत को जीत दिलाई। विकेटकीपर बल्लेबाज के रूप में धोनी का वनडे मैच में सर्वाधिक स्कोर का यह रिकॉर्ड आज तक भी कायम है।
सिर्फ इतना नहीं इस सीरीज के अगले मैच यानी दोनों टीम के बीच खेले गए चौथे वनडे, जो पुणे में खेला गया, उसमें भी धोनी ने रसेल अर्नाल्ड की गेंद पर छक्का लगाकर भारत को जीत दिलाई थी। धोनी ने 43 गेंदों पर 45 रन बनाए थे।
पाकिस्तान को भी किया परेशान
15 नवंबर 2007, ग्वालियर का कैप्टन रूप सिंह स्टेडियम, भारत और पाकिस्तान के बीच चौथा वनडे। इस मैच में पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत के सामने 255 रन का टारगेट रखा था। धोनी ने इस मैच में 45 रन की शानदार पारी खेली थे और सलमान बट की गेंद पर छक्का लगाते हुए भारत को जीत दिला दी थी। भारत ने यह मैच 6 विकेट से जीता था।
पाकिस्तान के कराची में भी कमाल कर चुके हैं धोनी। 26 जून 2008 को भारत और पाकिस्तान के बीच कराची में खेले गए मैच में धोनी ने यूनुस खान की गेंद पर छक्का लगाते हुए भारत को जीत दिलाई थी। पाकिस्तान ने भारत के सामने 300 रन का लक्ष्य रखा था। इस मैच में वीरेंद्र सहवाग ने शानदार बैटिंग करते हुए 119 रन बनाए थे और धोनी 26 रन पर नाबाद रहे थे।
वर्ल्ड कप फाइनल जीतकर रचा इतिहास
2011 आईसीसी वर्ल्ड कप फाइनल। भला इसे कौन भूल सकता है। 28 साल के बाद भारत के पास मौका था दोबारा वर्ल्ड कप जीतने का। श्रीलंका के खिलाफ 274 रन का पीछा करते हुए जब भारत सचिन तेंदुलकर, सहवाग और कोहली के विकेट खोकर दबाब में था, तब कप्तान धोनी ने युवराज से पहले उतरने का फैसला किया और शानदार बल्लेबाजी करते हुए न केवल 79 गेंदों पर 91 रन बनाए, बल्कि गौतम गंभीर को भी बीच-बीच में समझाते रहे और उन्हें लंबी पारी खेलने के लिए प्रेरित किया। बाद में नुवान कुलसेकरा की गेंद पर छक्का लगाते हुए भारत को वर्ल्ड कप दिला दिया।
त्रिकोणीय सीरीज के फाइनल में भी किया कारनामा
11 जुलाई 2013, पोर्ट ऑफ़ स्पेन का मैदान। इस मैदान पर एशिया की दो दिगज टीमें भारत और श्रीलंका त्रिकोणीय टूर्नामेंट का फाइनल खेल रहीं थीं। श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत के सामने 201 का लक्ष्य रखा था। धोनी ने इस मैच में 45 रन की पारी खेली और आखिरी ओवर में एरंगा की गेंद पर छक्का लगाते हुए भारत को जीत दिला दी।
सिर्फ एशिया कप के फाइनल में ही नहीं, महेंद्र सिंह धोनी ने 2011 के आईसीसी वर्ल्ड कप फाइनल और 2013 में पोर्ट ऑफ स्पेन में त्रिकोणीय सीरीज के फाइनल (श्रीलंका के खिलाफ) में भी भारत को छक्के के साथ मैच जिताया है।
सबसे पहले टी-20 की बात, जिनमें धोनी ने तीन बार छक्के के साथ मैच जिताए हैं-
एशिया कप 2016
हाल ही में खेले गए एशिया कप-2016 के फाइनल में धोनी ने बांग्लादेश के गेंदबाजों का जो हश्र किया, वह तो आपने देखा ही होगा। उन्होंने इस मैच में 6 गेंदों पर 20 रन बनाए और अल-अमीन हुसैन की गेंद पर छक्का लगाकर भारत को छठी बार एशिया कप जितवाया।
जब ब्रेट ली नजर आए लाचार
20 अक्टूबर 2007 को मुंबई के वानखेड़े मैदान पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी-20 मैच में धोनी ने ब्रेट ली को छक्का लगाकर मैच जितवाया था। भारत को ऑस्ट्रेलिया ने 167 रन का लक्ष्य दिया था। गौतम गंभीर ने भी इस मैच में 67 रन की शानदार पारी खेली थी।
रहमान पर भी रहम नहीं
भारत और बांग्लादेश के बीच ढाका में 28 मार्च 2014 को खेले गए टी-20 मैच में धोनी ने जियाउर रहमान के तीसरे ओवर की तीसरी गेंद पर छक्का लगाकर टीम के नाम जीत की थी। धोनी ने इस मैच में 12 गेंदों पर 22 रन बनाए थे और भारत ने यह मैच 9 गेंद शेष रहते आठ विकेट से जीता था।
वनडे में तो कई बार किया कमाल
वनडे मैचों में छक्के से मैच जिताने का कमाल धोनी कई बार कर चुके हैं, जिनमें कई बड़े मैच भी शामिल हैं-
वेस्टइंडीज के खिलाफ शुरू हुआ सिलसिला
31 जुलाई 2005, भारत और वेस्टइंडीज के बीच इंडियन ऑयल कप का दूसरा वनडे मैच। महेंद्र सिंह धोनी ने इस मैच में 36वें ओवर की अंतिम गेंद पर छक्का लगाकर भारत को जीत दिलाई थी। यह मैच श्रीलंका के दांबुला अंतरराष्ट्रीय मैदान पर खेला गया था। वेस्टइंडीज की तरफ से जर्मेन लॉसन बॉलिंग कर रहे थे। लॉसन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2003 में हैट्रिक भी ले चुके हैं।
जिम्बाब्वे को दिखाया अपना जलवा
4 सितंबर 2005, भारत और जिम्बाब्वे के बीच त्रिकोणीय सीरीज का छठा मैच। जिम्बाब्वे ने पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत के सामने 251 रन का लक्ष्य रखा था। जब टीम इंडिया 91 रन पर पांच विकेट खोकर हार के कगार पर पहुंच गई थी, तब धोनी ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 63 गेंदों पर 67 रन बनाए थे और ब्लेसिंग महारे की गेंद पर छक्का लगाकर भारत को जीत दिलाई थी।
जब श्रीलंका के खिलाफ मारे 10 छक्के
31 अक्टूबर 2005 सवाई मानसिंह स्टेडियम, भारत और श्रीलंका के बीच तीसरा वनडे मैच। कुमार संगकारा की 138 रन की शानदार पारी की बदौलत श्रीलंका ने भारत के सामने 299 रन का लक्ष्य रखा था। भारत के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर सिर्फ 2 रन बनाकर आउट हो गए, फिर कप्तान राहुल द्रविड़ ने महेंद्र सिंह धोनी को प्रमोट करते हुए बैटिंग के लिए भेजा। उस दिन जो हुआ वह देखने लायक था। धोनी ने विस्फोटक पारी खेलते हुए अपने करियर के बेस्ट 183 रन बनाए, जिसमें 15 चौके और 10 छक्के शामिल थे। 47वें ओवर की पहली गेंद पर धोनी ने छक्का लगाकर भारत को जीत दिलाई। विकेटकीपर बल्लेबाज के रूप में धोनी का वनडे मैच में सर्वाधिक स्कोर का यह रिकॉर्ड आज तक भी कायम है।
सिर्फ इतना नहीं इस सीरीज के अगले मैच यानी दोनों टीम के बीच खेले गए चौथे वनडे, जो पुणे में खेला गया, उसमें भी धोनी ने रसेल अर्नाल्ड की गेंद पर छक्का लगाकर भारत को जीत दिलाई थी। धोनी ने 43 गेंदों पर 45 रन बनाए थे।
पाकिस्तान को भी किया परेशान
15 नवंबर 2007, ग्वालियर का कैप्टन रूप सिंह स्टेडियम, भारत और पाकिस्तान के बीच चौथा वनडे। इस मैच में पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत के सामने 255 रन का टारगेट रखा था। धोनी ने इस मैच में 45 रन की शानदार पारी खेली थे और सलमान बट की गेंद पर छक्का लगाते हुए भारत को जीत दिला दी थी। भारत ने यह मैच 6 विकेट से जीता था।
पाकिस्तान के कराची में भी कमाल कर चुके हैं धोनी। 26 जून 2008 को भारत और पाकिस्तान के बीच कराची में खेले गए मैच में धोनी ने यूनुस खान की गेंद पर छक्का लगाते हुए भारत को जीत दिलाई थी। पाकिस्तान ने भारत के सामने 300 रन का लक्ष्य रखा था। इस मैच में वीरेंद्र सहवाग ने शानदार बैटिंग करते हुए 119 रन बनाए थे और धोनी 26 रन पर नाबाद रहे थे।
वर्ल्ड कप फाइनल जीतकर रचा इतिहास
2011 आईसीसी वर्ल्ड कप फाइनल। भला इसे कौन भूल सकता है। 28 साल के बाद भारत के पास मौका था दोबारा वर्ल्ड कप जीतने का। श्रीलंका के खिलाफ 274 रन का पीछा करते हुए जब भारत सचिन तेंदुलकर, सहवाग और कोहली के विकेट खोकर दबाब में था, तब कप्तान धोनी ने युवराज से पहले उतरने का फैसला किया और शानदार बल्लेबाजी करते हुए न केवल 79 गेंदों पर 91 रन बनाए, बल्कि गौतम गंभीर को भी बीच-बीच में समझाते रहे और उन्हें लंबी पारी खेलने के लिए प्रेरित किया। बाद में नुवान कुलसेकरा की गेंद पर छक्का लगाते हुए भारत को वर्ल्ड कप दिला दिया।
त्रिकोणीय सीरीज के फाइनल में भी किया कारनामा
11 जुलाई 2013, पोर्ट ऑफ़ स्पेन का मैदान। इस मैदान पर एशिया की दो दिगज टीमें भारत और श्रीलंका त्रिकोणीय टूर्नामेंट का फाइनल खेल रहीं थीं। श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत के सामने 201 का लक्ष्य रखा था। धोनी ने इस मैच में 45 रन की पारी खेली और आखिरी ओवर में एरंगा की गेंद पर छक्का लगाते हुए भारत को जीत दिला दी।
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