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KKR vs PBKS: केकेआर के गले में पिछले साल से पड़ा '9 का फंदा', नहीं किया डिकोड, तो आज भी पड़ जाएंगे लेने के देने

Kolkata Knight Riders vs Punjab Kings: केकेआर के बल्लेबाज शुरुआती दो मैच में भी बड़ी समस्या में जकड़े दिखाई पड़े. और आज भी पंजाब के खिलाफ इससे निजात पाना मुश्किल दिख रहा है

KKR vs PBKS: केकेआर के गले में पिछले साल से पड़ा '9 का फंदा',  नहीं किया डिकोड, तो आज भी पड़ जाएंगे  लेने के देने
Indian Premier League 2026
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इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2026) में किंग खान की केकेआर के लक्षण बिल्कुल भी ठीक नहीं दिख रहे हैं. शुरुआती दोनों मैच गंवाकर फिलहाल टीम प्वाइंट्स टेबल में नीचे से दूसरे नंबर पर है. और वहीं अजिंक्य रहाणे की टीम अब जब आज ईडेन गार्डन्स में पंजाब किंग्स (KKR vs PBKS) से भिड़ेगी, तो वह एक नहीं, कई बड़ी समस्याओं से घिरी है. और इनमें है उसके गले में पिछले सीजन से पड़ा '9 का फंदा', जिसने उसका सबसे ज्यादा नुकसान किया है. जी हां, यह फंदा बैटिंग के दौरान पारी के बीच के वो 9 ओवर हैं, जो मैच दर मैच फंदे को और कसते जा रहे हैं. आप इस बारे में डिटेल से समझिए कि इस फंदे ने केकेआर का कैसे गला घोंट दिया है. 

एक नहीं, कई पहलुओं से मार

पावर-प्ले (शुरआती 6 ओवरों) को एक बार अलग रख देते हैं. कहानी सातवें से शुरू होकर 15वें ओवर तक चलती है. और यही वे 9 ओवर हैं जिसने केकेआर को पिछले सीजन में खूब परेशान किया और इस फंदे की बढ़ती कसावट बताने के लिए काफी है कोचिंग स्टॉफ ने इस पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया है. 

'फंदे' की गहरी मार, क्या कर रहा केकेआर?

पिछले संस्कर में इन ओवरों के दौरान केकेआर का औसत (7.96) सबसे कम रहा, तो इस दौरान औसत (20.52) भी सबसे कम रहा. और अगर बैटिंग इंपैक्ट= (बने रन-अनुमानित रन)  की बात करें, तो इन ओवरों में उसका इंपैक्ट साल 2022 से सभी टीमों में सबसे कम रहा है. -7.2 बैटिंग इंपैक्ट बताती है कि पारी के बीच के ओवरों में उसकी बैटिंग सबसे खराब रही,  तो 7 से 15 ओवरों के बीच केकेआर की तरफ से पिछले सीजन में सबसे कम छक्के जड़े गए. इन तमाम पहलुओं से आप समझ सकते हैं कि पारी के 7वें से 15वें ओवर के बीच केकेआर को कितना ज्यादा मुश्किल हो रही है. यही वजह रही कि पहले मैच में उसे मुंबई से 6 विकेट से हार का मुंह देखना पड़ा, तो दूसरे मैच में हैदराबाद ने उसे 65 रन से पीट दिया.

मिड्ल ओवरों में बुरे  हाल की वजह

- स्ट्राइक रेट में गिरावट: कप्तान अजिंक्य रहाणे पावरप्ले में बेहद आक्रामक रहे हैं. शुरुआती 6 ओवरों में उनका स्ट्राइक-रेट 170+ का है, लेकिन ये ओवर पार होते ही उनके बल्ले को सांप सूंघ जाता है. इस दौरान उनका स्ट्राइक-रेट किसी शेयर की तरह किरते हुए करीब 114 का हो गया है. 

- पार्टनरशिप में सुस्ती: अगर रहाणे के धीमेपन को छोड़ दें, तो इन ओवरों में बाकी बल्लेबाज भी टीम की मदद नहीं कर रहा हे. इसे आप मुंबई के खिलाफ रहाणे-रघुवंशी की साझेदारी से समझें. इस मैच में पावर-प्ले में 13.00 का था, लेकिन 14वें ओवर तक यह 11 से नीचे आ गया. 

-पावर हिटर्स की कमी: फिल सॉल्ट ओपनर बन गए, लेकिन बीच के ओवरों से आंद्रे रसेल जैसे बल्लेबाजों के जाने से केकेआर के पास मिड्ल ऑर्डर में बड़े हिट लगाने वाले बल्लेबाज नहीं दिख रहे. यही यही वजह है कि केकेआर को 7वें से 15वें ओवर के बीच वो रन नहीं मिल पा रहे, जिसकी इस टीम को बहुत ही ज्यादा सख्त जरूरत है. और यह भी एक सवाल है कि आखिर कोचिंग स्टॉफ कर क्या रहा है?
 

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