Kapil Dev's advice on Players' injury: बड़ी संख्या में पंडित कहते हैं कि अगर गावस्कर ने कपिल देव को एक टेस्ट में ड्रॉप नहीं किया होता, तो वह भारत के लिए लगातार 100 टेस्ट मैच खेलने का रिकॉर्ड बना लेते. बहरहाल, यह पहलू कपिल देव की फिटनेस के बारे में जरूर बताने के लिए काफी है. और अगर कपिल खिलाड़ियों की चोट पर कुछ कहते हैं, तो उसके अपने ही मायने हैं. कपिल ने टीम इंडिया के कई खिलाड़ियों के चोटिल होने पर कहा, 'आजकल बहुत ज़्यादा टी20 क्रिकेट खेला जा रहा है, इसलिए शरीर पर पड़ने वाले इसके असर को लेकर सावधान रहना ज़रूरी है.'
एक कार्यक्रम की लॉन्चिंग के मौके पर कपिल ने कहा, 'हर किसी को अपने शरीर के बारे में पता होना चाहिए. आजकल बहुत ज़्यादा टी20 क्रिकेट हो रहा है. इसलिए शरीर पर पड़ने वाले इसके असर को लेकर आपको सावधान रहना होगा. हमारा शरीर असल में तेज़ गेंदबाज़ बनने के अनुकूल नहीं बना है. हमारा शरीर बल्लेबाज़ बनने के ज़्यादा अनुकूल है. बीसीसीआई को इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि एक तेज़ गेंदबाज़ को कितना वर्कलोड दिया जा सकता है.'
पूर्व दिग्गज ने कहा, 'हाल के समय में भारत स्पिन गेंदबाज़ी के खिलाफ सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर पाया है. वे बहुत ज़्यादा टी20 और वनडे मैच खेलते हैं. टेस्ट मैच एक अलग तरह का खेल है. मुझे उम्मीद है कि वे मिलकर इस पर विचार करेंगे और सही समाधान निकालेंगे.'
कपिल देव ने कहा, 'भारतीय टीम के स्पिन के सामने संघर्ष करने की मुख्य वजह यह है कि शीर्ष खिलाड़ी पर्याप्त घरेलू क्रिकेट नहीं खेलते हैं. यहीं पर बीसीसीआई को कड़ाई बरतनी चाहिए और सभी से मल्टी-डे (कई दिनों के) मैच खेलने को कहना चाहिए. इसका दूसरा पहलू यह है कि युवा पीढ़ी को शीर्ष खिलाड़ियों से सीखने का मौका मिलेगा.'
चोट पर चोट ने खड़े किए सवाल
भारतीय खिलाड़ियों के लगातार चोटिल होने पर कुछ सवाल उठने लगे हैं। शनिवार से शुरू हो रही श्रीलंका के खिलाफ आगामी श्रृंखला के लिए, भारतीय टीम में इस प्रारूप के नियमित खिलाड़ी जसप्रीत बुमराह, साई सुदर्शन और वॉशिंगटन सुंदर शामिल नहीं होंगे. बुमराह और सुदर्शन दोनों को टीम में चुना गया था, लेकिन बाद में इस महत्वपूर्ण दो-टेस्ट मैचों की श्रृंखला से उनके नाम वापस ले लिए गए. हालांकि बीसीसीआई ने बताया था कि उनकी उपलब्धता उनकी फिटनेस पर निर्भर करेगी, लेकिन उनके लंबे समय तक बाहर रहने से इस बात पर सवाल खड़े हो गए हैं कि क्या सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) में सही प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है या नहीं.
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