विज्ञापन

IPL 2026: एक ही साल में वैभव सूर्यवंशी की ब्रांड वैल्यू बनी 'रॉकेट', जानें कितने गुना आया उछाल, कितने हुए प्रति विज्ञापन के रेट

Vaibhav Sooryavanshi's Brand valule: आईपीएल के इस सीजन में शुरुआती 4 मैचों के सुनामी प्रदर्शन ने वैभव सूर्यवंशी की वैल्यू कई गुना बढ़ा दी है. और भारतीय बाजार की नजर उन गड़ गई है

IPL 2026: एक ही साल में वैभव सूर्यवंशी की ब्रांड वैल्यू बनी 'रॉकेट', जानें कितने गुना आया उछाल, कितने हुए प्रति विज्ञापन के रेट
Vaibhav Sooryavanshi's Brand valule: भारतीय बाजार की नजरें वैभव सूर्यवंशी पर जा टिकी हैं
X: social media

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2026) में ज्यादातर टीमें एक अपने हिस्से के एक तिहाई मैच खेल चुकी हैं. अभी तक एक से बढ़कर प्रदर्शन और मैच देखने को मिले हैं. बल्लेबाजों और बॉलरों दोनों ने ही दमदार प्रदर्शन किया है, लेकिन  15 साल के वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) ने अपनी चर्चा से सभी को फीका कर दिया है. पूर्व दिग्गजों से लेकर मीडिया के तमाम कैमरे और कलम वैभव के इर्द-गिर्द सिमट गए हैं.  इस सीजन में ठीक उनकी लोकप्रियता की तरह ही उनकी ब्रांड वैल्यू और प्रति विज्ञापन फीस भी किसी शेयर बाजार के सूचकांक की तरह आसमान पर चली गई है. और सबसे कम उम्र में कई रिकॉर्ड अपनी झोली में डालने वाले वैभव को वर्तमान सीजन के सिर्फ चार मैचों के बाद अब उन्हें "सबसे युवा मिलियन डॉलर प्लयेर" भी कहा जा सकता है. हम आपको वैभव की ब्रांड वैल्यू के बारे में बताएंगे, लेकिन आप पहले सरल  शब्दों में यह समझ लें कि यह ब्रांड वैल्यू आखिर होती क्या है?

Latest and Breaking News on NDTV

ब्रांड वैल्यू (Brand Value):

इसका सीधा और सरल मतलब है किसी नाम या पहचान की वह अतिरिक्त कीमत जो लोग चुकाने को तैयार होते हैं. अगर दो प्रोडक्ट बिल्कुल एक जैसे हों, लेकिन एक पर किसी मशहूर कंपनी का लोगो लगा हो, तो लोग उस नाम के भरोसे को अक्सर ज्यादा पैसे देते हैं. यही 'भरोसा' और 'पहचान' ब्रांड वैल्यू है. कुल मिलाकर ब्रांड वैल्यू का आधार भरोसा,  विशिष्टता और भावनात्मक जुड़ाव शामिल होता है.  इसमें मुख्य रूप से ये 5 चीज़ें शामिल होती हैं:-

1. ब्रांड पहचान

इसका मतलब है कि कितने लोग उस ब्रांड को जानते हैं. उदाहरण के तौर पर जब आप किसी ठंडे पेय का नाम लेते हैं, तो सबसे पहले आपके दिमाग में क्या आता है? वह पहचान ही उस ब्रांड की वैल्यू का हिस्सा है.

2. धारणा और गुणवत्ता 

अहम बात यह भी है कि लोग उस ब्रांड के बारे में क्या सोचते हैं? क्या वे उसे भरोसेमंद, प्रीमियम या सस्ता' मानते हैं? अगर जनता मानती है कि यह ब्रांड सबसे अच्छा है, तो उसकी वैल्यू अपने आप बढ़ जाती है.

3. ग्राहकों की वफादारी

वफादार ग्राहक वे होते हैं जो बार-बार उसी ब्रांड के पास जाते हैं, चाहे फिर बाजार में उत्पाद विशेष के बीच कितनी भी प्रतिस्पर्धा हो. उदाहरण के तौर पर एक आई फोन यूजर अक्सर नया फोन लेते समय दोबारा भी इसे ही चुनता है. यह वफादारी कंपनी की ब्रांड वैल्यू बढ़ाती है.

4. वित्तीय प्रदर्शन 

इसमें ब्रांड की असल कमाई और मार्केट शेयर आता है. कंपनी का मुनाफ़ा, उसकी संपत्तियां और स्टॉक मार्केट में उसकी क्या कीमत है, ये सब ब्रांड वैल्यू को मापने के गणितीय तरीके हैं

5. भविष्य की संभावनाएं

 ब्रांड वैल्यू सिर्फ आज की कमाई नहीं, बल्कि कल की उम्मीद भी है. इसके तहत किसी पर पैसा लगाने से पहले भविष्य का भी आंकलन किया जाता है. उदारण के तौर पर अगर कोई कंपनी वैभव सूर्यवंशी के करार करती है, तो उसके मैनेजर तमाम पहलुओं का आंकलन करेंगे कि उनका भविष्य कैसा है. मान लीजिए एक बिना नाम की सफेद टी-शर्ट दो सौ रुपये की  लेकिन अगर उसी शर्ट पर Nike का लोगो लग जाए, तो वह दो हजार की हो जाती है. यही नाइक की ब्रांड वैल्यू है. 

वैभव सूर्यवंशी की वर्तमान ब्रांड वैल्यू और विज्ञापन दरें (2025 बनाम 2026)

पिछले सीजन की तुलना में इस साल वैभव की ब्रांड वैल्यू में कई गुना और जबर्दस्त उछाल आया है. और इसके पीछे आईपीएल ही नहीं, बल्कि पिछले दिनों अंडर-19 वर्ल्ड कप का प्रदर्शन भी शामिल है. पिछले साल वैभव की ब्रांड वैल्यू 1.5-2 करोड़ के बीच थी, लेकिन पिछले एक साल और अब आईपीएल के शुरुआती 4 मैचों के प्रदर्शन से उनकी ब्रांड वैल्यू को रॉकेट बना दिया है. जूनियर विश्व कप और आईपीएल के शुरुआती चार मैचों के प्रदर्शन के बाद अलग-अलग स्रोतों के आधार पर वैभव की वर्तमान ब्रांड वैल्यू करीब 8 से 12 करोड़ रुपये के बीच है. मतलब वैभव की वैल्यू में 5-7 गुना का इजाफा हुआ है. 

प्रति विज्ञापन फीस

साल 2026 से पहले तक वैभव की  प्रति विज्ञापन फीस करीब 5-15 लाख रुपये के बीच थी. उनके पास केवल डिजिटल और क्षेत्रीय विज्ञापन थे, लेकिन एक साल के बाद अब उनकी फीस प्रति विज्ञानप 75 लाख से 1.25 करोड़ रुपये हो गई है. अब वैभव के पास राष्ट्रीय स्तर के विज्ञापन हैं. वह फिलहाल कॉम्पलान का चेहरा हैं. 

जबर्दस्त उछाल की वजह 

1. रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन: वैभव के बल्ले से यूं तो रिकॉर्ड पिछले सीजन में ही आईपीएल में बरसने शुरू हो गए थे, लेकिन अंडर-19 विश्व कप के फाइनल में खेली 175 रन की पारी ने सूर्यवंशी के भविष्य के बड़े सुपरस्टार बनने पर मुहर लगा दी. अगर यहां भी कुछ बाकी था, तो वह आईपीएल के शुरुआती 4 मैचों ने पूरा कर दिया. और अगर वैभव टूर्नामेंट में इस बार ऑरेन्ज कैप (टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन) लेने में सफल रहते हैं, तो उनकी ब्रांड वैल्यू क्या होगी, या यह और कितना ऊपर जाएगी, आप सहज ही अंदाजा लगा सकते हैं. 

2. सबसे युवा फैक्टर: उम्र में सबसे छोटा होना, लेकिन वो कारनामे करना, जो स्थापित खिलाड़ी भी नहीं कर पा रहे हैं, वह एक बड़ा फैक्टर है, जो वैभव के पक्ष में जा रहा है.यही वजह है कि वैभव की उम्र से जुड़े तमाम उत्पादों से जुड़ी कंपनियां उन्हें लेकर बहुत ही ज्यादा सक्रिय होने जा रही हैं. आने वाले समय में टीवी पर उनके और ज्यादा एड दिखाई पड़ेंगे ही पड़ेंगे.  

3. लोकप्रियता का टेंपो हाई है: वैभव की रॉयल चैलेंजर्स के खिलाफ 26 गेंदों पर 78 रन की पारी ने वैश्विक स्तर पर उनकी लोकप्रियता को कई गुना पढ़ा दिया. पूर्व दिग्गज से लेकर कॉर्पोरेट हाउस के सीईओ, शहर के बच्चों से लेकर गांव-गांव वैभव की चर्चा हो रही है. बिहार के छोटे से गांव से निकलकर वह टीयर-3 और टीयर-3 में लोकप्रिय हो रहे हैं. और ये शहर ब्रांड्स के लिए सबसे बड़ा मार्केट है. शेयर की परिभाषा में कहें, तो साल 2025 तक अगर साधारण स्टॉक थे, तो इस साल वह ब्लू-चिप शेयर बन चुके हैं. 

यह भी पढ़ें:  क्या वैभव सूर्यवंशी को मिलना चाहिए टीम इंडिया में मौका? IPL चेयरमैन ने दिया जवाब

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com