इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2026) में बल्लेबाज आग उगल रहे हैं, हर दिन कोई न कोई रिकॉर्ड जमींदोज हो रहा है, नए मानक बन रह हैं. और इसका सबसे बड़ा सबूत शनिवार को देखने को मिला. खेले गए खेले राजस्थान और हैदराबाद (RR vs SRH) के बीच मैच में भी और पंजाब और दिल्ली (DC vs PBKS) के मैच में भी. एक नहीं, शनिवार को दो बड़े धमाके हुए कि बॉलर एक एक बार को सिहर उठे हैं. शनिवार को रिकॉर्डबुक के कुछ खास पन्ने फिर से पलटे गए और ये बॉलरों के लिए चिंता का बड़ सबब हो चले हैं.
रनों का अंबार, 1000 बाल-बाल बच गए
खेल गए दोनों ही मुकाबलों में संयुक्त रूप से मिलकर 986 रन बने. मतलब हजार का आंकड़ा बस जरा सा दूर रह गया. मतलब औसत हर टीम का स्कोर 250 रन. और एक ही रात के भीतर चार अलग खिलाड़ियों के बीच ऑरेन्ज कैप इधर से उधर होती रही.
सुपर-सेटर-डे में में बदला शनिवार!
पहले केएल राहुल के नाबाद 152 रन और फिर सुपर किड 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने बल्ला कुछ घुमाया कि शनिवार का दिन 'सुपर-सेटरडे' में तब्दील हो गया. और इस दिन को एक ऐसे दिन के रूप में याद किया जाएगा, जब बल्ले ने आधिकारिक रूप से बॉल की भावना को तार-तार कर दिया
केएल राहुल की धमाकेदार पारी
दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडिम में केएल राहुल ने कई सालों से चले स्ट्राइक-रेट को लेकर राहुल के सिर पर सवार आलोचकों को एकदम शांत कर दिया. केएल ने सिर्फ 67 गेंदों पर नाबाद 152 रन बनाए. केएल आईपीएल में डेढ़ से ऊपर का आंकड़ा छूने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बने. इस पारी में 16 चौके, 9 छक्के शामिल रहे और केएल का स्ट्राइकड-रेट 226 का रहा.
श्रेयस अय्यर की निरंतरता
जहां पहले मैच में केएल का तूफान छाया रहा, तो दूसरे मैच में यही बात अपने सरपंच साहब यानी श्रेयस अय्यर पर लागू रही. अय्यर (नाबाद 71 रन, 36 गेंद) की तूफानी पारी से पंजाब ने 7 गेंद बाकी रहते आईपीएल इतिहास का सबसे बड़ा (265) का स्कोर सफलतापूर्क चेज कर लिया. और इससे तो यही लगता है कि अगर एक बार को स्कोर 300 भी होता, तो शायद किंग्स इसे हासिल कर लेते.
सूर्यवंशी की सुनामी
पहले मैच में केएल और अय्यर के चर्चे थमे भी नहीं थे कि सूर्यवंशी ने अपने प्रहारों से सभी को मदहोश कर दिया. सुपर किड ने सिर्फ 36 गेंदों पर 9 चौकों और 11 छक्कों से तूफानी शतक जड़ा जो बॉलरों के लिए माो काल बन गया. और 'दिन की समाप्ति' पर वैभव ने ऑरेन्ज कैप केएल राहुल के सिर से छीन ली.
बॉलर हुए बेदम, करें तो क्या करें?
दिल्ली के बॉलरों का क्या हाल हुआ यह आप इससे समझें कि सभी छह बॉलरों ने दस रन प्रति ओवर की दर से रन खर्च किए. और इससे भी ऊपर इसी साल रणजी ट्रॉफी के सबसे सफल बॉलर आकिब नबी (2-0-41-0) को समझ में आ गया होगा कि आईपीए का मेला कितना अलग है. और कुछ ऐसा ही युवा उभरते पेसर साकिब हुसैन (4-0-62-1) ने भी महसूस किया होगा कि उन्हें आगे यहां से कौन से ऐसे तरीके अपनाने होंगे, जिससे उन्हें कम से कम ऐसी रात से गुजरना पड़े, जैसा इनके साथ शनिवार को हुआ.
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