IPL 2026 Playoff scenarios: इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के प्लेऑफ की रेस में कौन बाजी मारेगा, यह तस्वीर अभी तक साफ नहीं है. 4 जगहों के लिए आठ दावेदार है. दिल्ली और कोलकाता को अगर छोड़ भी दें तो छह टीमों के बीच कड़ी टक्कर जारी है. दिल्ली और कोलकाता भी रेस में है, लेकिन उनकी संभावनाएं काफी कम है. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और गुजरात टाइंटस के चांस अधिक हैं कि वह टॉप पर रहे, लेकिन उन्हें अपने बचे बाकी मुकाबले जीतने होंगे. लीग स्टेज खत्म होने में अब 11 मैच बचे हैं और सभी मुकाबले अब वर्चुअल नॉकआउट की तरह हैं. नीचे सभी टीमों के क्वालिफिकेशन समीकरण दिए गए हैं.
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB)
RCB को क्वालिफिकेशन पक्का करने के लिए एक जीत की ज़रूरत है. बेंगलुरु, गुजरात और पंजाब को छोड़कर अब कोई भी टीम अधिकतम 18 अंक तक नहीं पहुंच पाएगी. बेंगलुरु को अब पंजाब और हैदराबाद का सामना करना है. अगर आरसीबी दोनों बचे मैच जीत जाती है तो वह टॉप पर फिनिश करेगी. लेकिन अगर वह हारी तो उस पर बाहर होने का खतरा होगा, क्योंकि पंजाब, राजस्थान, चेन्नई उससे ऊपर खत्म कर सकती हैं, अगर बचे बाकी मैच जीत जाए तो. RCB के बाकी दो मैच घर से बाहर हैं, जहां उन्होंने इस सीज़न में अब तक पांच में से सिर्फ़ दो जीते हैं.
गुजरात टाइटन्स (GT)
गुजरात टाइटंस को का भी हाल बेंगलुरु की तरह है. अगर गुजरात अपने बचे दो मैचों में सिर्फ एक जीत जाती है तो वह प्लेऑफ का टिकट हासिल कर लेगी. जबकि दोनों में हार उसे बाहर होने की कगार पर खड़ा कर देगा. गुजरात अगर दोनों मैच हारती है तो यह नेट रन-रेट पर निर्भर करेगा कि वह प्लेऑफ में पहुंचेगी या नहीं.
सनराइजर्स हैदराबाद (SRH)
सनराइजर्स हैदराबाद के 12 मैचों में 14 अंक हैं. हैदराबाद को क्वालिफ़ाई करने के लिए अपने आखिरी दोनों मैच बड़े अंतर से जीतने होंगे. हालांकि, अगर पंजाब और राजस्थान अपने बाकी सभी मैच हार जाते हैं, तो नेट रन रेट की चिंता के बिना 14 पॉइंट्स भी क्वालिफ़ाई करने के लिए काफ़ी हो सकते हैं. उस स्थिति में, गुजरात, बेंगलुरु, चेन्नई और हैदराबाद क्वालिफ़ाई करेंगे. अगर पंजाब एक मैच जीतकर 15 पॉइंट्स पर पहुंच जाता है, तो 14 पॉइंट्स के साथ क्वालिफ़ाई करने का मौका नेट रन रेट पर आ सकता है.
पंजाब किंग्स (PBKS)
PBKS लगातार पांच मैच हार चुकी है और 13 पॉइंट्स पर अटकी हुई है, लेकिन हैरानी की बात है कि अगर कई और नतीजे उनके पक्ष में जाते हैं तो वे 13 पॉइंट्स के साथ चौथी टीम के तौर पर क्वालिफ़ाई कर सकती हैं. गुजरात को अपने बचे हुए दो मैच जीतने होंगे, राजस्थान और चेन्नई को अपने सभी गेम हारने होंगे, और कोलकाता को दिल्ली को हराना होगा लेकिन मुंबई इंडियंस से हारना होगा. तब बेंगलुरु, गुजरात, हैदराबाद और पंजाब बिना नेट रन रेट की चिंता किए बिना क्वालिफ़ाई करेंगी. क्योंकि पांच टीमों के 12 पॉइंट्स और कोलकाता के 11 पॉइंट्स होंगे. पंजाब के लिए आसान रास्ता यह होगा कि वे अपने बचे हुए दो मैच जीतें और 17 पॉइंट्स तक पहुंचें. चेन्नई के लखनऊ सुपर जायंट्स से हारने के बाद, अब चार दूसरी टीमों के लिए 17 या उससे आगे पहुंचना नामुमकिन है, जिसका मतलब है कि पंजाब की किस्मत उनके हाथों में है.
राजस्थान रॉयल्स (RR)
पिछले सात मैचों में पांच हार का मतलब है कि राजस्थान के लिए कुछ भी अच्छा नहीं जा रहा है. मैचों के बीच लंबे गैप का मतलब यह भी है कि कई टीमें पॉइंट्स टेबल में उनसे आगे निकल गई हैं. कुछ हफ़्ते पहले, अपने नौवें गेम के बाद, वे 12 पॉइंट्स के साथ तीसरे स्थान पर थे. अब, वे पांचवें स्थान पर खिसक गए हैं और बचने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. दूसरी टीमों की तरह, नेट रन रेट के बिना 14 पॉइंट्स पर क्वालिफ़ाई करना अभी भी संभव है, लेकिन तभी जब कई नतीजे सामने आएं, जिसमें पंजाब और चेन्नई बाकी सभी मैच हार जाएं. हालांकि, अगर राजस्थान तीनों बचे मैच जीत जाती है है तो उनका टिकट कंफर्म हो जाएगा. उनके बाकी तीन मैच दिल्ली, लखनऊ और मुंबई के खिलाफ हैं. राजस्थान ने अगर दिल्ली को हरा दिया तो दिल्ली प्लेऑफ की रेस से बाहर हो जाएगी. जबकि राजस्थान के चांस और अधिक बढ़ जाएंगे.
चेन्नई सुपर किंग्स (CSK)
लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ मिली हार ने चेन्नई सुपर किंग्स के क्वालिफिकेशन के चांस कम कर दिए हैं. लेकिन अगर वे अपने आखिरी दो मैच जीतते हैं तो वे अभी भी 16 पॉइंट्स तक पहुंच सकते हैं. यह अंक भी चेन्नई को प्लेऑफ का टिकट दिलाएंगे यह कंफर्म नहीं है. चेन्नई को उम्मीद करनी होगी कि हैदराबाज, पंजाब और राजस्थान अपने बचे मैचों में से कम से कम दो हारें. तो चेन्नई क्वालीफाई कर सकती है. इसके अलावा, अगर पंजाब किंग्स और राजस्थान रॉयल्स अपने बाकी मैच हार जाते हैं, और अगर दिल्ली कैपिटल्स को कोलकाता के खिलाफ हार मिलती है और फिर कोलकाता अपने बचे मैच हार जाती है तो, चेन्नई 14 पॉइंट्स के साथ भी क्वालिफिकेशन हासिल कर सकते हैं. अगर ये सभी नतीजे सही रहते हैं, तो रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, सनराइजर्स हैदराबाद, गुजरात टाइटन्स और चेन्नई सुपर किंग्स क्वालिफाई करेंगी.
दिल्ली कैपिटल्स
पंजाब किंग्स के खिलाफ जीत ने दिल्ली को रेस में बनाए रखा है. उनके लिए इक्वेशन सिंपल है: अपने आखिरी दो मैच बड़े मार्जिन से जीतकर 14 पॉइंट्स पर खत्म करें, और फिर उम्मीद करें कि कई और रिजल्ट्स भी सही हों.
कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR)
KKR ने लगातार चार जीत के साथ अपने कैंपेन को वापस ज़िंदा कर दिया, लेकिन RCB से हार का मतलब है कि वे सिर्फ़ 15 पॉइंट्स तक ही पहुंच पाएंगे, जिससे वे दूसरे नतीजों पर निर्भर हो जाएंगे. कोलकाता को उम्मीद करनी होगी कि वह चेन्नई, राजस्थान और पंजाब अपने बचे तीनों मैच हार जाएं. ऐसे में कोलकाता क्वालीफाई कर सकती हैं. अगर तीन टीमें जिनके पास पहले से ही 13 से ज़्यादा पॉइंट्स हैं - बेंगलुरु, गुजरात और हैदराबाद - अपने ज़्यादातर गेम जीत जाती हैं, और पंजाब, राजस्थान और चेन्नई अपने मैच हार जाती हैं, तो कोलकाता और पंजाब 13 पॉइंट्स के साथ मुकाबले में बने रहेंगे. कोलकाता के बाकी तीन मैच घर पर हैं, लेकिन इस सीज़न में अब तक उन्होंने ईडन गार्डन्स में चार में से सिर्फ़ एक मैच जीता है.
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