
कई खिलाड़ियों के चोटिल होने से मेजबान टीम बुरी तरह से पस्त है.
नई दिल्ली:
केपटाउन,एक बार फिर टीम इंडिया वहां है जहां से इस दौरे की शुरुआत हुई. लेकिन तब से अब तक में काफी कुछ बदल गया है. तब केपटाउन के पहले टेस्ट में टीम इंडिया को करारी मिली थी, और अब विराट कोहली एंड कंपनी की नजरें यहां 3-0 की अजेय बढ़त पर लगी हुई हैं. जहां टीम इंडिया निरंतर हर छोर पर मज़बूत दिख रही है, तो वहीं घरेलू टीम की दिक्कतें खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही हैं. पहले उनके सबसे घातक बल्लेबाज एबी डिविलियर्स, इन फॉर्म और नियमित कप्तान फैफ डु प्लेसिस और अब अब विकेटकीपर क्विंटन डि कॉक चोट के कारण सीरीज से बाहर हो गए हैं.
फैफ डु प्लेसिस और डिकॉक जहां वनडे-टी20 सीरीज़ से पूरी तरह बाहर हो गए हैं, तो डिविलियर्स की तीसरे वनडे के बाद फिट होने पर वापसी हो सकती है. लेकिन इसका मतलब यह है कि नए कप्तान और नई टीम के लिए मजबूत टीम इंडिया से पार पाना आसान नहीं होने वाला
यह भी पढ़ें : IND VS SA: दक्षिण अफ्रीका को एक और बड़ा झटका, अब क्विंटन डि कॉक वनडे और टी-20 सीरीज से बाहर
केपटाउन के रिकॉर्ड पर नजर डालें तो भारत ने यहां खेले 4 मैचों में से 2 जीते और 2 हारे हैं, तो दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 3 में से 1 जीत और 2 हार मिली हैं. खुद दक्षिण अफ्रीका का रिकॉर्ड यहां शानदार रहा है और उसे कुल 33 मैचों में से 28 जीते और 5 में हार मिली हैं. लेकिन कुल 3 वनडे मैच खेलने वाले एडेन मार्करैम के लिए बतौर कप्तान प्रोटियाजका दबदबा इस मैदान पर बरकरार रखना बिल्कुल भी आसान होने नहीं जा रहा. मेजबान बल्लेबाजों के पास भारतीय स्पिनर्स का कोई जवाब नहीं दिखा है. पहले 2 वनडे में 20 में से 13 विकेट कुलदीप-युजवेंद्र चहल की जोड़ी ने लिए. कुलदीप ने 6 विकेट 9 की औसत और 3.37 की इकॉनमी से लिए तो युजवेंद्र चहल ने 7 विकेट 3.65 की इकॉनमी से लिए
VIDEO : सेंचुरियन में शतक बनाने के बाद भारतीय कप्तान विराट कोहली.
भारतीय टीम की नजर पहली बार दक्षिण अफ्रीकी ज़मीं पर सीरीज जीत दर्ज करने पर है. और केपटाउन में जीत ये सुनिश्चित करेगी की भारत यह सीरीज हार नहीं सकता.
#TeamIndia win the 2nd ODI by 9 wickets #SAvIND pic.twitter.com/zfJvJJmUsH
— BCCI (@BCCI) February 4, 2018
फैफ डु प्लेसिस और डिकॉक जहां वनडे-टी20 सीरीज़ से पूरी तरह बाहर हो गए हैं, तो डिविलियर्स की तीसरे वनडे के बाद फिट होने पर वापसी हो सकती है. लेकिन इसका मतलब यह है कि नए कप्तान और नई टीम के लिए मजबूत टीम इंडिया से पार पाना आसान नहीं होने वाला
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केपटाउन के रिकॉर्ड पर नजर डालें तो भारत ने यहां खेले 4 मैचों में से 2 जीते और 2 हारे हैं, तो दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 3 में से 1 जीत और 2 हार मिली हैं. खुद दक्षिण अफ्रीका का रिकॉर्ड यहां शानदार रहा है और उसे कुल 33 मैचों में से 28 जीते और 5 में हार मिली हैं. लेकिन कुल 3 वनडे मैच खेलने वाले एडेन मार्करैम के लिए बतौर कप्तान प्रोटियाजका दबदबा इस मैदान पर बरकरार रखना बिल्कुल भी आसान होने नहीं जा रहा. मेजबान बल्लेबाजों के पास भारतीय स्पिनर्स का कोई जवाब नहीं दिखा है. पहले 2 वनडे में 20 में से 13 विकेट कुलदीप-युजवेंद्र चहल की जोड़ी ने लिए. कुलदीप ने 6 विकेट 9 की औसत और 3.37 की इकॉनमी से लिए तो युजवेंद्र चहल ने 7 विकेट 3.65 की इकॉनमी से लिए
VIDEO : सेंचुरियन में शतक बनाने के बाद भारतीय कप्तान विराट कोहली.
भारतीय टीम की नजर पहली बार दक्षिण अफ्रीकी ज़मीं पर सीरीज जीत दर्ज करने पर है. और केपटाउन में जीत ये सुनिश्चित करेगी की भारत यह सीरीज हार नहीं सकता.
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