
टेस्ट मैचों में संघर्ष करने के बाद टीम इंडिया वनडे में मैदान पर उतरने को तैयार है। पहला मुकाबला मेज़बान ऑस्ट्रेलिया से मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर होगा।
यहां पर फोकस कप्तान धोनी पर रहेगा जिन्होंने इसी मैदान पर पिछले महीने टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहा है।
प्रेस कॉन्फ्रेस में कप्तान ने अपने संन्यास पर तो कुछ नहीं कहा, लेकिन चोटिल खिलाड़ियों पर अपनी रणनीति साफ़ कर दी।
धोनी ने कहा कि 'हम सही कॉम्बिनेशन ढूंढ़ने की कोशिश करेंगे, लेकिन हम उन खिलाड़ियों को ज़बरदस्ती नहीं खिलाएंगे जो चोट से नहीं उभरे हैं। हम उन्हें वक्त देंगे ताकि वो वर्ल्ड कप से पहले कम से कम 90 फीसदी फ़िट हो जाएं।'
ज़ाहिर है कि पहले वन-डे में रविंद्र जडेजा और ईशांत शर्मा को आराम दिया जाएगा, वो प्लेइंग 11 का हिस्सा नहीं होंगे।
हालाकि ये ट्राई सीरीज़ वर्ल्ड कप से पहले उन खिलाड़ियों के लिए हालात से तालमेल बिठाने के लिए अच्छा मौका है, जो टेस्ट सीरीज़ का हिस्सा नहीं थे।
टेस्ट में ऑउट ऑफ़ फॉर्म दिखे रोहित शर्मा और सुरेश रैना के लिए भी लय में लौटने का ये सही प्लेटफ़ॉर्म है।
मगर बड़ा सवाल ओपनिंग को लेकर बना हुआ है। शिखर धवन, रोहित शर्मा और अजिंक्य रहाणे के बीच में दो का चुनाव करना आसान नहीं होगा।
नज़रें गेंदबाज़ों पर भी टिकी रहेंगी क्योंकि टेस्ट सीरीज़ में गेंदबाज़ों की ही बदौलत टीम को जीत नसीब नहीं हुई थी।
ऑस्ट्रेलिया का जहां तक सवाल है तो उनके लिए रंगीन कपड़ों में सीरीज़ की शुरुआत अच्छी रही है। पहले मैच में ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को तीन विकेट से हराकर बोनस अंक हासिल किए।
रिकॉर्ड भी ऑस्ट्रेलिया के साथ है।
ऑस्ट्रेलिया में टीम इंडिया के खिलाफ़ ऑस्ट्रेलिया ने 40 वनडे मैच खेले हैं, जिसमें ऑस्ट्रेलिया को 29 में जीत मिली, भारत 10 बार जीता और एक वन-डे बेनतीजा रहा।
मेलबर्न में दोनों टीमों के बाच 12 वनडे हुए हैं, जिसमें भारत को पांच बार जीत मिली जबकि ऑस्ट्रेलिया ने सात बार बाज़ी मारी है।
टक्कर ज़बरदस्त होगी और ऑस्ट्रेलिया जहां जीत के सिलसिले को बरकरार रखना चाहेगा, वहीं भारतीय टीम को तलाश दौरे पर पहली जीत की है।
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