Rishabh Pant's inning: श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट के दूसरे दिन सोमवार को ऋषभ पंत (Rishabh Pant) ने जो पारी खेली, उसे फैंस हमेशा याद रखेंगे. पहले दिन पंत को काफी चोट लगी थी. इस वजह से पंत ने अपने शॉट सीमित कर दिए थे. और कई गेंदों को उन्होंने अपने शरीर पर झेला. पिछली शाम 3 रन पर रिटायर हर्ट होने के बाद भी उनके बाएं हाथ पर पट्टी बंधी हुई थी और उन्होंने एक बार फिर वही कर दिखाया. लंच के तुरंत बाद वे आउट होकर वापस लौटे, लेकिन तब तक वे विरोधी टीम का नुकसान कर चुके थे. भले ही ऋषभ शतक बना बना सके हों, लेकिन भारत के लिए यह पारी बहुत ही ज्यादा कीमती थी. चलिए आप ऋषभ पंत की पारी को 5 बड़े प्वाइंट्स से समझिए कि क्यों यह उनकी पारी वेरी-वेरी स्पेशल बन गई.
1. चोट पर भारी हौसला
दूसरे दिन के पहले सत्र की शुरुआत में सारांश जैन के सस्ते में आउट होने के बाद पंत बल्लेबाजी के लिए उतरे. इस बात पर संदेह था कि क्या वे अपना स्वाभाविक खेल खेल पाएंगे, या फिर श्रीलंका द्वारा उनकी चोट का परीक्षण करने के प्रयासों का सामना कर पाएंगे. लेकिन उन्होंने इसका करारा जवाब दिया. रनों से अधिक महत्वपूर्ण वह निडरता (ऑडेसिटी) थी जिसके साथ पंत ने बल्लेबाजी की. मानो बंधी हुई पट्टी उनके पीछे हटने का कारण बनने के बजाय महज एक मामूली असुविधा हो.
2. असिथा ने लगाई बाउंसरों की झड़ी, नहीं ही डिगे पंत
असिथा फर्नांडो ने लगातार जोर लगाकर पंत के शरीर और कंधे की तरफ बाउंसर फेंके. पंत कुछ गेंदों से बचे, कुछ से दूर हटे और फिर से एक गेंद उनके शरीर पर लगी. एक मौके पर वे बचने और हटने के बीच उलझ गए और गेंद उनके कंधे पर लगकर खतरनाक रूप से स्टंप्स के बेहद करीब गिर गई. लेकिन वे बल्लेबाजी करते रहे. उनके बाएं हाथ पर टेप लगा रहा, उनके दस्ताने बार-बार निकलते और वापस पहने जाते रहे. इसके बावजूद उन्होंने उन गेंदों पर भी शॉट खेले जिन्हें ज्यादातर बल्लेबाज सिर्फ छोड़ना या सहना पसंद करते.
3. बाउंसरों का बेखौफ सामना
सबसे अहम पल 90वें ओवर की पांचवीं गेंद पर आया. कुमारा ने पंत की तरफ शॉर्ट गेंद फेंकी. ठीक वही गेंद जिससे श्रीलंका उनकी चोट की परीक्षा ले रहा था. वे बैकफुट पर गए, सही पोजीशन में आए और गेंद को फाइन लेग के ऊपर से हुक कर दिया. गेंद सीधे छत पर जाकर गिरी. उन्होंने फर्नांडो की शॉर्ट गेंदों को बैकवर्ड स्क्वायर की तरफ पुल किया, कुमारा की गेंदों को प्वाइंट के पीछे टैप किया और जब गेंदबाजों की लाइन भटकी तो स्ट्राइक रोटेट की. चोटिल हाथ के कारण पारंपरिक बल्लेबाजी करना मुश्किल था, लेकिन इससे नवप्रवर्तन (इम्प्रोवाइजेशन) और जोखिम लेने की उनकी क्षमता और तीखी हो गई.
4. स्पिनरों की लय बिगाड़ने का तरीका ढूंढा
इसके बाद स्पिनर आए, और पंत ने उनकी लय को बिगाड़ने का एक और तरीका ढूंढ निकाला. केशरा नुवांता लगातार मिडिल और लेग पर गेंदबाजी कर रहे थे, ताकि उन्हें बांधकर रखा जा सके. पंत ने क्रीज का इस्तेमाल किया. वह पुल शॉट के लिए जगह बनाने पीछे गए, स्वीप के लिए नीचे झुके, जब गेंद को फ्लाइट मिली तो आगे बढ़कर शॉट खेला और बीच-बीच में रिवर्स स्वीप का भी इस्तेमाल किया.
5. इस रणनीति से बिगाड़ी प्रभात जयसूर्या की लय
प्रबात जयसूर्या के खिलाफ वे विशेष रूप से रचनात्मक रहे. उन्होंने डीप प्वाइंट की तरफ रिवर्स-स्वीप किया, लेग साइड में फाइन पैडल शॉट खेला और फिर इस बाएं हाथ के स्पिनर के सिर के ऊपर से सीधा लॉफ्टेड शॉट खेला. जब जयसूर्या ने लेग की तरफ लाइन बिगाड़ी, तो पंत क्रीज में गहराई तक गए और गेंद को बैकवर्ड स्क्वायर की तरफ फ्लिक कर दिया. यह सिर्फ शॉट-मेकिंग नहीं थी; यह एक ऐसी पारी थी जहां बल्लेबाज ने अपनी स्पष्ट शारीरिक सीमा (चोट) के बावजूद मैदान पर बेखौफ अंदाज दिखाया
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं