Virendra Sehwag's historical inning against Sri Lanka: टीम गिल ने श्रीलंका के खिलाफ डब्ल्यूटीसी फाइनल (WTC Final) के लिहाज से शुरू होने जा रही बहुत ही अहम दो टेस्ट मैच की सीरीज की तैयारियों का बिगुल बजा दिया है. 15 अगस्त से गॉल में टीम गिल मेजबानों के खिलाफ पहला टेस्ट मैच खेलेगी, तो इसी के साथ ही करोड़ों फैंस के ज़हन में दोनों ही टीमों और पूर्व दिग्गजों के एक-दूसरे के खिलाफ किए गए कारनामों की चर्चा भी चल रही है. ऐसे ही कारनामों में एक बड़ा कारनामा सुनामी बल्लेबाजी के लिए मशहूर रहे वीरेंद्र सहवाग ने किया. यह साल 2009 में श्रीलंका के भारत दौरे में 2 से 6 दिसंबर के बीच मुंबई के ब्रेबोर्न स्टेडियम में खेला गया तीसरा टेस्ट मैच था. और इसमें सहवाग के बैट से ऐसी सुनामी निकली की लंकाई बॉलरों के होश उड़ गए.
सहवाग का बवाली अंदाज
श्रीलंका के पहली पारी के 293 रनों के जवाब में टीम इंडिया बैटिंग के लिए मैदान पर उतरी, तो सहवाग ने इस साल 3 दिसंबर के दिन को अमर कर दिया. मुरली विजय के साथ पारी शुरू करने उतरे वीरू ने 254 गेंदों पर 40 चौकों और 7 छक्कों से 293 रन बनाए, तो यह पारी कई पहलुओं से वेरी-वेरी स्पेशल बन गई.
1. मात्र 7 रन से चूके ऐतिहासिक ट्रिपल सेंचुरी
सहवाग टेस्ट क्रिकेट में तीन ट्रिपल सेंचुरी बनाने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बनने के बेहद करीब थे. इससे पहले वे पाकिस्तान के खिलाफ 309 और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 319 रन बना चुके थे. और जब सभी ने मान लिया था कि वीरू ने कारनामा कर ही दिया, तो वह 293 के स्कोर पर मुरलीधरन की की गेंद पर उन्हीं को कैच थमाकर आउट हो गए. और इसी के साथ ही सहवाग के हाथों से टेस्ट इतिहास में तीन तिहरे शतक जड़ने वाले इकलौते बल्लेबाज बनने का मौका भी फिसल गया. इस पारी के बाद सहवाग अगले कई साल टीम इंडिया के लिए खेले, लेकिन उनके चाहने वालों का एक और तिहरा शतक देखने का सपना, सपना ही बन कर रह गया.
2. एक ही दिन में बनाए 284 रन
सहवाग ने मैच के दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक नाबाद 284 रन बना लिए थे. और यह टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में किसी भी बल्लेबाज द्वारा एक दिन विशेष के भीतर बनाया गया तीसरा सबसे बड़ा स्कोर रहा. इस मामले में सहवाग से ऊपर सर डॉन ब्रेडमैन (309, 1930, बनाम इंग्लैंड) और सर वॉली हैमंड (295, 1933, बनाम न्यूजीलैंड) रन ही ऊपर थे. और इसके बाद इस मामले में सहवाग ने अपना नाम की मुहर लगा दी.
3. सबसे तेज 250 रन का रिकॉर्ड बना, फिर टूटा भी
सहवाग ने केवल 207 गेंदों में अपने 250 रन पूरे कर लिए थे. गेंदों के लिहाज से यह टेस्ट क्रिकेट इतिहास का सबसे तेज 250+ रन का स्कोर है. हालांकि, सात साल बाद बेन स्टोक्स ने सहवाग का यह रिकॉर्ड तोड़ दिया. उन्होंने केपटाउन में साल 2016 में 195 गेंदों पर 250 रन बनाए थे. स्टोक्स कुल मिलाकर 258 रन बनाकर आउट हुए और उन्होंने पारी में 11 चौके और 11 छक्के लगाए.
4. चौकों और छक्कों की लगा दी झड़ी
सहवाग ने अपनी पारी में 40 चौके और 7 छक्के लगाए. मतलब वीरू ने 202 रन सिर्फ चौकों और छक्कों से ही बना डाले. और उनका बांड्री प्रतिशथ 68.94 का रहा. सहवाग का बाउंड्री स्ट्राइक रेट असाधारण था। उन्होंने हर 7.5 गेंदों में औसतन एक बाउंड्री (चौका या छक्का) जड़ी. उस समय जब टेस्ट क्रिकेट में 50-60 का स्ट्राइक रेट भी अच्छा माना जाता था और सहवाग ने 82.76 के स्ट्राइक रेट से बाउंड्रियां बटोरीं
5. नहीं मानी कप्तान धोनी की सलाह
तीसरे दिन की सुबह जब सहवाग 284 रन पर बल्लेबाजी कर रहे थे, तब कप्तान एमएस धोनी उनके साथ क्रीज पर थे। सहवाग ने बाद में बताया था कि धोनी ने उन्हें संभलकर खेलने और सिंगल लेकर 300 पूरा करने की सलाह दी थी, लेकिन सहवाग अपनी आक्रामक शैली से नहीं भटके और आउट हो गए. और अक्सर सहवाग इस बात का जिक्र करते हैं कि धोनी ने काफी जोर देकर यह बात कही थी और अगर वह उनकी बात मान लेते, तो वह तीसरा तिहरा शतक बना लेते.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं