India vs New Zealand: साल 2024 में घर में टेस्ट में कीवियों के हाथों माथे पर सूपड़ा साफ का कलंक लगने के बाद अब भारत पर वनडे में भी धब्बा लग गया. न्यूजीलैंड ने अपने 52 साल के इतिहास में पहली बार भारत को उसके घर में 2-1 से पीट दिया. जैसा प्रदर्शन न्यूजीलैंड टीम ने किया, उसे देखते हुए यह कहना गलत नहीं ही होगा कि ईश्वर की कृपा ही समझिए कि यहां भारत का सूपड़ा साफ होने से बच गया. वैसे इस परिणाम में पूरी सीरीज में भारतीय बॉलरों के लिए एक विकेट जी का जंजाल बन गया. और यह रहे इंदौर में प्लेयर ऑफ द मैच और प्लेयर ऑफ द सीरीज डारेल मिचेल. मानो सिर्फ यह एक ही विकेट टीम शुभमन गिल और सीरीज जीत के बीच एक दीवार में तब्दील हो गया. डारेल मिचेल तीनों ही मैचों में पिच पर किसी जोंक की तरह चिपके और भारतीय बॉलरों का खून चूस लिया! लेकिन सवाल यह है कि अपने ही घरेलू पिचों पर गंभीर कोचिगं स्टॉफ डारेल मिचेल का तोड़ क्यों नही निकाल सका?
भारतीय मैदान, मिचेल का प्रदर्शन बवाल!
अपने पूरे करियर में 59 वनडे मैचों में 58.47 का औसत निकालने वाले और 9 शतक जड़ने वाले डारेल मिचेल को भारत टीम जरूरत से ज्यादा ही भाती है. मिचेल का भारत के खिलाफ 13 मैचों की 11 पारियों में 74.1 का औसत है. इसमें 4 शतक और 2 अर्द्धशतक शामिल हैं. भारत की जमीन भी उन्हें बहुत भाती है. भारत में खेले 16 वनडे में मिचेल ने 72.15 का औसत निकाला है. चार शथक और 3 पचासे भी भारत में आए हैं.
क्यों नहीं निकाल सके मिशेल की काट?
सवाल यह है कि इतना सब होने के बावजूद गौतम एंड गंभीर और उनके बॉलिंग कोच मॉर्ने मॉर्कल मिचेल की काट क्यों नहीं निकाल सके? मिचेल तकनीकी रूप से कोई दक्ष खिलाड़ी नहीं हैं. वह अपनी पारी में जोखिम भी अच्छा खासा लेते हैं, लेकिन बार-बार भारतीय बॉलरों की कुटाई के बावजूद अगर बॉलिंग कोच मॉर्कल उनके खिलाफ नाकाम रहे, तो यह बहुत ही ज्यादा गंभीर समस्या है.
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