Vaibhav Sooryavanshi V/S Ireland: आईपीएल और श्रीलंका की पिचें अब इतिहास की बात है. यही बात मौसम और जर्सी पर भी लागू होती है. जब कोई भी खिलाड़ी सीनियर टीम इंडिया की जर्सी पहनता है, तो उसे साफ तौर पर अहसास हो जाता है कि भारत A और टीम इंडिया में कितना अंतर है. और आयरलैंड दौरे के लिए BCCI से टीम इंडिया की मिली जर्सी के बाद वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) की प्रतिक्रिया से आप भी बहुत अच्छी तरह समझ सकते हैं कि वास्तव में यह अंतर कितना बड़ा है! निश्चित तौर पर शुक्रवार से आयरलैंड के खिलाफ शुरू होने जा रही दो मैचों की सीरीज खासी छोटी है, लेकिन यह सीरीज कई पहलुओं से सूर्यवंशी के लिए चुनौतीपूर्ण होने जा रही है. चलिए आप बारी-बारी से अहम पहलुओं के बारे में जान लें:
1. सीनियर टीम इंडिया का दबाव!
आप इस बारे में सोचने से पहले सोशल मीडिया पर वैभव सूर्यवंशी की सीनियर टीम इंडिया की जर्सी के साथ पोस्ट किए गए वीडियो में उनकी प्रतिक्रिया से समझ सकते हैं कि दबाव मैदान पर उतरने से पहले ही शुरू हो चुका है. टीम इंडिया की जर्सी को पहनने का सपना सच होने के साथ ही यह दबाव शुरू हो गया है. और निश्चित तौर पर यह भारत A से कहीं ज्यादा वजनी होने जा रहा है. वैभव अभी 15 साल के हैं. और जब वह पहले टी20 में ऑयरलैंड के खिलाफ मैदान पर उतरेंगे, तो दुनिया के तमाम पंडित और वैश्विक मीडिया उन्हें तौलेगी. और हेलमेट पर लगा तिरंगा वैभव को अलग तरह के दबाव का एहसास कराएगा. और उनके सामने पहली और सबसे बड़ी चुनौती यही है.

2. सीमिंग और स्विंगिंग कंडीशंस
श्रीलंका और और आयरलैंड की पिच, मौसम में एकदम उलट अंतर है. अब वैभव को यहां भारतीय उपमहाद्वीप जैसी और आईपीएल जैसी पिच नहीं मिलने जा रही हैं. यहां की पिचों में खासा उछाल है. मौसम ठंडा और हवादार होने जा रहा है. गेंद कहीं ज्यादा गतिवान, सीम और स्विंग से भरी होने जा रही है. पहली ही गेंद से खुलकर और बॉलरों के होश उड़ाने वाले वैभव इससे कैसे निपटेंगे, यह दूसरी बड़ी चुनौती उनके सामने है.
3. शॉर्टपिच और एक्सप्रेस पेस का सामना
वैसे तो टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सिर्फ 1 ही बाउंसर डालने की अनुमति है, लेकिन हाल ही में आईपीएल में गुजरात टाइटंस ने वैभव के खिलाफ 'बॉडी लाइन' रणनीति अपनाकर वैश्विक गेंदबाजों को इस नीति पर चलने की राह दिखा दी. एक विकल्प तो पेसरों को मिल ही गया है. और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोई आपकी कम उम्र को देखकर तरस खाने नहीं जा रहा. साफ है कि वैभव को तीखी शॉर्टपिच और गति वाली गेंदों का सामना आयरिश बॉलरों के खिलाफ करना पड़ सकता है, जो उनके लिए एक और बड़ा चैलेंज है.
4. एडल्ट एनवायरमेंट के साथ तालमेल
बीसीसीआई ने इस दौरे में वैभव के माता-पिता को भी साथ भेजा है. लेकिन मैदानी माहौल से सामंजस्य बैठान के लिए BCCI के कोचिंग स्टॉफ के साथ वैभव को भी काम करना होगा. सूर्यवंशी अभी सिर्फ 15 ही साल के हैं, तो दूसरी तरफ उनके साथ खेलने वाले खिलाड़ी उनसे कहीं ज्यादा उम्र के या गभग दो गुनी उम्र के हैं. ऐसे में वैभव को सीनियरों के साथ उनकी लाइफ स्टाइल में खुद को समायोजित करना एक और वह बड़ी बात है, जो उनके लिए एक चैलेंज बराबर बना रहेगा.
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