मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच वेस्टइंडीज, दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे जैसी टीमों भारत में फंसी रही, जबकि इंग्लैंड को कोई परेशानी नहीं हुई और वो स्वदेश लौट गई. ऐसे में कई दिग्गजों ने आईसीसी पर इंग्लैंड को खास तवज्जो देने का आरोप लगाया. जबकि कोई अपडेट ना होने पर फंसे हुए खिलाड़ियों ने अपनी निराशा जाहिर की. वहीं अब इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल ने एक बयान जारी करके उन खिलाड़ियों, कोच, सपोर्ट स्टाफ और परिवारों की निराशा को माना है जो ICC मेन्स T20 वर्ल्ड कप 2026 के खत्म होने के बाद भी फंसे हुए हैं.
हालात उसके कंट्रोल से बाहर- ICC
गवर्निंग बॉडी ने कन्फर्म किया है कि गल्फ रीजन में चल रही दिक्कतों ने इंटरनेशनल एयर ट्रैवल पर बहुत बुरा असर डाला है, जिससे टीमों की अपने देशों में सुरक्षित वापसी में देरी हो रही है. ICC के मुताबिक, मध्यपूर्व में जारी संकट के चलते एयरस्पेस बंद हैं. ऐसे में कई रूट बदलें हैं जबकि कमर्शियल और चार्टर दोनों तरह की फ्लाइट्स को आखिरी समय में कैंसल करना पड़ा है. ICC ने ज़ोर देकर कहा कि ये हालात पूरी तरह से उसके कंट्रोल से बाहर हैं और जंग ने ट्रैवल के इंतज़ामों को आम दिनों से "काफी ज़्यादा मुश्किल और ज़्यादा समय लेने वाला" बना दिया है.
आईसीसी ने बताया कि अभी के इंतज़ाम के हिसाब से, साउथ अफ्रीका का ग्रुप आज रात साउथ अफ्रीका के लिए निकलना शुरू कर देगा, और उम्मीद है कि सभी सदस्य अगले 36 घंटों में निकल जाएंगे. वेस्ट इंडीज़ के ग्रुप में से, नौ सदस्य पहले ही अपने देशों के लिए उड़ान भर चुके हैं. जबकि बाकी 16 की बुकिंग अगले 24 घंटों में भारत से निकलने वाली फ़्लाइट्स में हो गई है. जैसे ही इंतज़ाम पक्के हो जाएंगे, हम आगे के डिपार्चर के बारे में अपडेट देंगे.
'किसी भी देश को तवज्जो नहीं'
ICC इस बात को खारिज करता है कि ये फैसले सुरक्षा, संभावना और भलाई के अलावा किसी और वजह से लिए गए हैं. अलग-अलग मीडिया प्लेटफॉर्म पर जिन लोगों को स्थिति की जानकारी नहीं है, उनके दूसरे सुझाव जितने बेकार हैं, उतने ही गलत भी हैं. साउथ अफ्रीका और वेस्ट इंडीज के मामलों में किए गए इंतज़ामों और इंग्लैंड या किसी दूसरे देश के लिए पहले किए गए इंतज़ामों के बीच कोई लिंक नहीं है.
इससे पहले, मंगलवार देर शाम वेस्टइंडीज क्रिकेट ने बताया था कि इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल की चार्टर फ्लाइट में लगातार देरी होने के कारण वेस्टइंडीज की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के लिए अब कमर्शियल फ्लाइट का इंतजाम किया गया है. वेस्टइंडीज ने टूर्नामेंट में अपना आखिरी मुकाबला 1 मार्च को भारत के खिलाफ खेला था. दरअसल, वेस्टइंडीज की टीम उन टीमों में शामिल है जो भारत में फंसी हुई थी.
भारत में ही फंसी हुईं थी ये टीमें
क्रिकेट वेस्टइंडीज ने अपने बयान में कहा कि खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ की सुरक्षा और भलाई को ध्यान में रखते हुए आईसीसी को सलाह दी गई कि अब चार्टर फ्लाइट का इंतजार करना सही नहीं होगा, क्योंकि इसकी व्यवस्था अभी भी स्पष्ट नहीं थी. इसके बाद वेस्टइंडीज क्रिकेट, खिलाड़ियों और अन्य संबंधित पक्षों ने मिलकर आईसीसी के साथ बातचीत की और टीम की सुरक्षित वापसी के लिए कमर्शियल यात्रा का इंतजाम किया. वेस्टइंडीज क्रिकेट ने इस दौरान फैंस और अन्य संबंधित लोगों की चिंता और समर्थन के लिए धन्यवाद भी दिया। बोर्ड ने कहा कि सभी के धैर्य और सहयोग की सराहना की जानी चाहिए.
वेस्टइंडीज की तरह जिम्बाब्वे क्रिकेट टीम भी इसी स्थिति से प्रभावित हुई थी. जिम्बाब्वे ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में अपना आखिरी मैच 1 मार्च को नई दिल्ली में खेला था, जहां उन्हें साउथ अफ्रीका के खिलाफ सुपर-8 मुकाबले में 5 विकेट से हार का सामना करना पड़ा था. टीम को पहले तीन बैच में भारत से रवाना होना था, लेकिन एयरस्पेस बंद होने के कारण उनकी यात्रा योजना रद्द कर दी गई.
इसके बाद में जिम्बाब्वे क्रिकेट ने 5 मार्च को जानकारी दी कि आईसीसी के नए यात्रा इंतजाम के बाद टीम के खिलाड़ी अलग-अलग समूहों में भारत से घर लौट रहे हैं. आईसीसी के एक अधिकारी ने 'आईएएनएस' को बताया था कि जिम्बाब्वे की टीम अदीस अबाबा होते हुए अपने देश की राजधानी हरारे पहुंचेगी.
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