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This Article is From Dec 27, 2017

IND VS SA : 'अगर हमारे बल्लेबाज़ों के लिए मुश्किल होगी तो उनके बैट्समैन के लिए भी आसान नहीं होगा'

लंबे समय बाद टीम इंडिया पांच ऐसे पेसर्स के साथ दक्षिण अफ्रीका जा रही है जिनपर बड़े दांव लगाए जा सकते हैं. कई जानकार इसे अब तक की भारत की सबसे तेज और कारगर पेस बैटरी मानते हैं. 

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टीम इंडिया के कोच रवि शास्त्री. (फाइल फोटो)
नई दिल्ली: टीम इंडिया इस बार पांच तेज गेंदबाजों के साथ दक्षिण अफ्रीका जा रही है. कोच रवि शास्त्री कहते हैं कि भारत वहां पहली बार सीरीज जीतने के इरादे से खेलेगा. ऐसे में भारतीय तेज गेंदबाज़ों की जिम्मेदारी भी अहम होगी. एक लंबे समय बाद टीम इंडिया पांच ऐसे पेसर्स के साथ दक्षिण अफ्रीका जा रही है जिनपर बड़े दांव लगाए जा सकते हैं. कई जानकार इसे अब तक की भारत की सबसे तेज और कारगर पेस बैटरी मानते हैं. 

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दक्षिण अफ्रीकी दौरे पर जाने से पहले कोच रवि शास्त्री ने साफ कर दिया, 'अगर वहां हमारे बल्लेबाजों को मुश्किल होगी तो उनके बल्लेबाज़ों के लिए भी बड़ी मुश्किल होगी.' ज़ाहिर है कोच और टीम मैनेजमेंट को अपनी पेस बैटरी पर पूरा भरोसा है. गेंदबाजों को मैच से पहले थकान नहीं हो इसलिए इस बार आईपीएल और फर्स्ट क्लास क्रिकेट के चुनिंदा तेज गेंदबाजों को भी टीम का हिस्सा बनाया गया है.

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अंकित राजपूत (उत्तर प्रदेश), मो. सिराज (हैदराबाद), अवेश ख़ान (मध्य प्रदेश) और बैज़िल थंपी (केरल) जैसे गेंदबाज़ों को शामिल किया गया है. बाद में इस ग्रुप में दिल्ली के नवदीप सैनी जैसे गेंदबाज़ों को भी शामिल किया जा सकता है. टीम इंडिया के इन पांच ऐसे पेसर्स में फ़िलहाल किसी को कमज़ोर कड़ी नहीं कहा जा सकता. ईशांत शर्मा, उमेश यादव, भुवनेश्वर कुमार, मो. शमी और जसप्रीत बुमराह जैसे गेंदबाज़ हाल के दिनों में अपनी काबिलियत साबित करते रहे हैं. 

29 साल के दिल्ली के ईशांत शर्मा के नाम 79 टेस्ट में 226 विकेट हैं. द.अफ़्रीका में उनके नाम 5 मैचों में 12 विकेट हैं. पूर्व भारतीय तेज़ गेंदबाज़ वेंकटेश प्रसाद उनसे बड़ा रोल अदा करने की उम्मीद कर रहे हैं. प्रसाद कहते हैं, 'ईशांत को एक दशक का अनुभव हासिल है. ये सही वक्त है जब वो भारतीय आक्रमण की अगुआई करें. उनके पास स्पीड है, ऊंचाई है पर शायद वो अपनी काबिलियत नहीं पहचान पाये हैं. उन्हें जवागल श्रीनाथ, ज़हीर ख़ान या कपिल देव की तरह लीड रोल अदा करना चाहिए.' वो ये भी मानते हैं, 'द.अफ़्रीका की उछाल भरी पिचों पर भारतीय पेसर्स को यकीनन मदद मिलेगी. लेकिन घरेलू हालात में खेलने के बाद उन्हें वहां के हालात में खुद को ढालने की ज़रूरत होगी.  

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36 टेस्ट में 99 विकेट ले चुके भारत के सबसे तेज़ गेंदबाज़ उमेश यादव से भी बड़ी उम्मीद की जा रही है. लेकिन उमेश यादव, भुवनेश्वर कुमार का यह पहला द. अफ़्रीकी दौरा है. वहीं, 24 साल के जसप्रीत बुमराह अब तक कोई टेस्ट नहीं खेल सके हैं. मो. शमी को 2013 में दक्षिण अफ़्रीका में टेस्ट खेलने का अनुभव हासिल है. दक्षिण अफ़्रीका में चार साल पहले मो. शमी ने दो टेस्ट मैचों में 43.83 के औसत से 6 विकेट अपने नाम किए थे. 27 टेस्ट मैचों में 95 विकेट लेने वाले शमी से इस बार बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है. 

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पूर्व कप्तान सौरव गांगुली गेंदबाज़ी और बल्लेबाज़ी में एक बेहतर संतुलन की उम्मीद कर रहे हैं. गांगुली कहते हैं, 'भारत के पास तेज़ गेंदबाज़ हैं, इसमें कोई शक नहीं है. उमेश यादव और मो. शमी अच्छी गेंदबाज़ी कर रहे हैं. इस दौरे पर साबित हो जाएगा कि ये अब तक की सबसे अच्छी पेस बैटरी है या नहीं.' गांगुली यह भी कहते हैं कि अगर बल्लेबाज़ रन बनाते हैं तो ये गेंदबाज़ विकेट ले सकते हैं. लेकिन बगैर अभ्यास मैच के इन बल्लेबाज़ों की तरह इन गेंदबाज़ों के लिए भी द.अफ़्रीका जाते ही जल्दी खुद को मैच के हालात में ढालने की ज़रूरत होगी. 
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