
अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री किरेन रिजिजू (Kiren Rijiju) ने बुधवार को वक्फ (संशोधन) बिल 2025 (Waqf Amendment Bill) पेश किया. इस बिल के लिए आठ घंटे का वक्त निर्धारित किया गया था. हालांकि बाद में वक्त बढ़ाया गया और इस बिल पर 10 घंटे से भी ज्यादा वक्त तक बहस चली. इस बहस के दौरान कई ऐसे मौके भी आए जब सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तकरार देखने को मिली तो कुछ ऐसे मौके भी थे, जहां पर दोनों पक्ष के सांसद साथ ठहाके लगाते नजर आए. लोकसभा में चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कह दिया कि अपोजिशन के 12 बज गए हैं.
दरअसल, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू वक्फ (संशोधन) बिल 2025 पर चर्चा का जवाब दे रहे थे. इस दौरान रात के 12 बज गए. इस पर किसी ने कहा कि 12 बज गए. रिजिजू ने इस पर तुरंत प्रतिक्रिया दी और कहा कि हमारे नहीं अपोजिशन के 12 बज गए. इस दौरान सत्ता पक्ष के कुछ सांसद मुस्कुराते नजर आए.
कैसे कह सकते हैं कि बिल असंवैधानिक है: रिजिजू
किरेन रिजिजू ने लोकसभा में चर्चा का जवाब देते हुए सभी नेताओं को बिल के बारे में अपने विचार रखने के लिए धन्यवाद दिया. साथ ही कहा कि कुछ नेता कह रहे हैं कि बिल असंवैधानिक है, और मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि वे कैसे कह सकते हैं कि बिल असंवैधानिक है. अगर यह असंवैधानिक था, तो अदालत ने इसे रद्द क्यों नहीं किया? साथ ही उन्होंने कहा कि असंवैधानिक जैसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए.. उन्होंने कहा कि यह बिल संविधान के खिलाफ नहीं है, जैसा कि विपक्ष ने दावा किया है. उन्होंने कहा कि हमें 'संवैधानिक' और 'असंवैधानिक' शब्दों का इस्तेमाल इतने हल्के ढंग से नहीं करना चाहिए."
वक्फ के पास तीसरा सबसे बड़ा लैंड बैंक: रिजिजू
इससे पहले, रिजिजू ने चर्चा के दौरान कहा कि वक्फ के पास तीसरा सबसे बड़ा लैंड बैंक है. रेलवे, सेना की जमीनें हैं. यह सब देश की प्रॉपर्टी है. वक्फ की संपत्ति निजी संपत्ति है. दुनिया में सबसे ज्यादा वक्फ प्रॉपर्टी हमारे देश में है. 60 साल आप सरकार में रहे, फिर भी मुसलमान इतना गरीब क्यों है? उनके लिए क्यों काम नहीं हुआ? गरीबों के उत्थान, उनकी भलाई के लिए काम क्यों नहीं हुए? हमारी सरकार गरीब मुसलमानों के लिए काम कर रही है, तो इसमें क्या आपत्ति है?
इतनी वक्फ प्रॉपर्टी को बेकार पड़ा नहीं रहने देंगे: रिजिजू
उन्होंने कहा कि देश में इतनी वक्फ प्रॉपर्टी है, तो इसे बेकार में पड़ा नहीं रहने देंगे. गरीब और बाकी मुसलमानों के लिए इसका इस्तेमाल किया ही जाना चाहिए. हमने रिकॉर्ड देखा है. सच्चर कमेटी ने भी इसका डिटेल में जिक्र किया है. साल 2006 में 4.9 लाख वक्फ प्रॉपर्टी थी. इनकी टोटल आय 163 करोड़ रुपये थी. साल 2013 में बदलाव करने के बाद आयकर बढ़कर 166 करोड़ रुपये हुई. आज 10 साल के बाद भी तीन करोड़ रुपये बढ़ी थी. हम इसे मंजूर नहीं कर सकते.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं