
पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने गुरुवार को बायें हाथ के स्पिनर प्रज्ञान ओझा को बाहर करने के चयनकर्ताओं के फैसले की आलोचना की जबकि उन्होंने अपने अंतिम टेस्ट में 10 विकेट हासिल किए थे।
न्यूजीलैंड में टेस्ट शृंखला में 0-1 की करारी शिकस्त में भारत की कमजोर स्पिन गेंदबाजी की ओर इशारा करते हुए गांगुली ने कहा कि ओझा और अनुभवी ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह का टेस्ट टीम में होना जरूरी है।
गांगुली ने आज कहा, 'मैं ओझा को बाहर करने के फैसले से काफी हैरान हूं। उसमें पांच विकेट हासिल करने की काबिलियत है।'
ओझा ने सचिन तेंदुलकर के विदाई टेस्ट में वेस्टइंडीज के खिलाफ 10 विकेट हासिल किए थे, लेकिन उन्हें न्यूजीलैंड का दौरा करने वाली टीम से बाहर कर दिया गया।
गांगुली ने कहा, 'अगर आप उसका करियर देखो तो उसने मुंबई में पहले दिन पांच विकेट झटके थे। इन्हीं हालात में अश्विन को तीन विकेट मिले थे। उसमें विविधता है।'
उन्होंने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि तेज गेंदबाज भारत की हार का एक कारण हैं, बल्कि यह हमारा स्पिन विभाग है जिसमें हम पिछड़ रहे हैं। सभी बड़ी टीमों में महान स्पिनर रहे हैं, भले ही यह मुथया मुरलीधरन हों या ग्रीम स्वान।'
गांगुली ने कहा, 'धोनी को अपने स्पिन विभाग के बारे में सोचना होगा। जडेजा की गेंदबाजी में कोई वैरिएशन नहीं है।'
उन्होंने कहा, 'हमें हरभजन सिंह को भी वापस लाने की जरूरत है। उसका विदेशों में रिकॉर्ड काफी अच्छा है। हरभजन और ओझा टेस्ट क्रिकेट के लिए जरूरी हैं।'
गांगुली ने धोनी की टेस्ट कप्तानी को निंदा योग्य कहा। उन्होंने कहा कि धोनी को फैसले लेने में थोड़ा और साहसी होना होगा।
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