Gautam Gambhir Next Target for Team India: भारतीय टीम को टी20 वर्ल्ड चैंपियन बनाने वाले हेड कोच ने अपना अगला टारगेट बताया है. गंभीर की मानें तो वो मेन इन ब्लू को ICC वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025-2027 एडिशन के फाइनल में ले जाना चाहते हैं. इस दौरान गंभीर ने टेस्ट क्रिकेट को "अपने दिल के बहुत करीब" बताया है. बता दें, जब से गौतम गंभीर भारतीय टीम के सभी फॉर्मेट में कोच बने हैं, टीम इंडिया आईसीसी के दो व्हाइट बॉल टूर्नामेंट- 2025 में चैंपियंस ट्रॉफी और 2026 टी20 वर्ल्ड कप का खिताब जीत चुकी है, लेकिन टेस्ट में उसकी स्थिति बहुत अच्छी नहीं है. भारत को पिछले साल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी सीरीज में हार का सामना करना पड़ा, जिससे वह लगातार तीसरी बार फाइनल में नहीं पहुंच पाई, जबकि साल के अंत तक उसे दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घर पर टेस्ट सीरीज गंवानी पड़ी. ऐसे में कोई लोगों ने गंभीर को टेस्ट कोच से हटाने की वकालत की है.
अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडिम में बीते रविवार को भारतीय टीम ने न्यूज़ीलैंड को 96 रन से हराकर अपना T20 वर्ल्ड कप टाइटल का सफलतापूर्वक बचावा किया. टीम इंडिया अपनी धरती पर T20 वर्ल्ड कप जीतने वाली पहली टीम बनी. टीम इंडिया लगातार दो खिताब जीतने वाली पहली टीम, और तीन बार (2007, 2024, और 2026) ट्रॉफी उठाने वाली पहली टीम बनी.
हालांकि भारत को अभी भी अपने पहले वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) टाइटल का इंतजार है. भारतीय टीम पहले WTC फाइनल में न्यूज़ीलैंड से हारी थी जबकि, 2021-2023 एडिशन में फाइनल में उसे ऑस्ट्रेलिया से शिकस्त झेलनी पड़ी. वहीं टीम इंडिया 2023-2025 एडिशन में फाइनल के लिए क्वालीफाई करने में नाकाम रही.
टी20 वर्ल्ड चैंपियन बनने के बाद गौतम गंभीर ने ANI से बात करते हुए कहा कि टेस्ट क्रिकेट उनके दिल के बहुत करीब है, और उनका अगला गोल भारत को वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल तक पहुंचाना है. उन्होंने रेड-बॉल क्रिकेट की चुनौतियों को माना, खासकर बदलाव के दौर में, और इस बात पर ज़ोर दिया कि टीम युवा खिलाड़ियों को सपोर्ट करती रहेगी क्योंकि वे WTC फाइनल के लिए क्वालीफाई करने पर फोकस कर रहे हैं.
गंभीर ने कहा,"टेस्ट क्रिकेट मेरे दिल के बहुत करीब है. वह एक फॉर्मेट बहुत, बहुत करीब है. और मुझे उम्मीद है कि पहले हम वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल के लिए क्वालीफाई कर सकें. वह मेरा अगला टारगेट है. और हमारे पास अभी भी, क्या, नौ टेस्ट मैच बाकी हैं? और फोकस वहीं रहेगा क्योंकि मुझे लगता है कि हां, हम रेड बॉल क्रिकेट में बदलाव से गुजरे हैं, और यह हमेशा व्हाइट बॉल क्रिकेट की तुलना में मुश्किल होता है."
गंभीर ने कहा,"कुछ युवा लड़के हैं जिन्हें हम रेड बॉल क्रिकेट में सपोर्ट करते रहेंगे क्योंकि टेस्ट क्रिकेट कभी आसान नहीं होता. इसलिए अगला टारगेट यह है कि हम वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई कर सकें." यह पूछे जाने पर कि क्या टेस्ट क्रिकेट की तरफ उनका झुकाव पारंपरिक है? इस पर गंभीर ने कहा कि वह टेस्ट क्रिकेट को बहुत महत्व देते हैं. उन्होंने कहा कि भारतीय ड्रेसिंग रूम के ज़्यादातर खिलाड़ी इस जुनून को शेयर करते हैं, क्योंकि टेस्ट क्रिकेट वह जगह है जहां विरासत बनती है और बड़े योगदान के लिए खास मौके मिलते हैं.
गंभीर ने कहा,"मुझे लगता है कि ड्रेसिंग रूम में ज़्यादातर लड़के हैं. वे सच में टेस्ट क्रिकेट में अच्छा करना चाहते हैं. क्योंकि यहीं से विरासत बनती है. यहीं पर आप वापस आकर खुश महसूस करते हैं. यही एकमात्र फ़ॉर्मेट है जो आपको शतक, दोहरा शतक और तिहरा शतक बनाने का मौका देता है. कोई दूसरा फ़ॉर्मेट आपको यह मौका नहीं देता. और जब आप उन पांच दिनों की कड़ी मेहनत करते हैं और जब आपको रिज़ल्ट मिलता है, तो टेस्ट जीतने से ज़्यादा खुशी और कुछ नहीं होती, चाहे वह T20 वर्ल्ड कप फ़ाइनल हो, या 50 ओवर का मैच हो. टेस्ट क्रिकेट आपको बहुत खुशी देता है."
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