Gautam Gambhir Master Plan in T20 World Cup 2026: भारत ने इतिहास रचते हुए तीसरी बार ICC पुरुष T20 विश्व कप 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया. रविवार को नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रनों से हराकर ट्रॉफी पर कब्जा जमाया. इस पूरे टूर्नामेंट में टीम के हेड कोच गौतम गंभीर की रणनीति और फैसले टीम की सफलता में अहम साबित हुए. टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले संजू सैमसन अच्छी फॉर्म में नहीं थे. साउथ अफ्रीका के खिलाफ T20 सीरीज में उन्हें सिर्फ एक मैच में ओपनिंग का मौका मिला, जिसमें उन्होंने 22 गेंदों में 37 रन बनाए. उस समय उनकी जगह टीम में पक्की नहीं लग रही थी और प्रदर्शन भी लगातार अच्छा नहीं था. इसके बावजूद कोच गंभीर ने उन पर भरोसा जताते हुए उन्हें विश्व कप टीम में शामिल किया.
न्यूजीलैंड सीरीज में भी नहीं चला था बल्ला
विश्व कप से ठीक पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की T20 सीरीज में भी सैमसन का बल्ला खामोश रहा. पांच मुकाबलों में वह कुल 46 रन ही बना सके. टूर्नामेंट के शुरुआती मैचों में ओपनिंग की जिम्मेदारी ईशान किशन और अभिषेक शर्मा को दी गई, लेकिन यह जोड़ी उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई. अभिषेक तो ग्रुप स्टेज के तीन मैचों में खाता तक नहीं खोल पाए.
सुपर-8 में मिला मौका
सुपर-8 स्टेज में जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच में टीम कंबीनेशन में बदलाव किया गया और सैमसन को पहली बार इस विश्व कप में खेलने का मौका मिला. उन्होंने 15 गेंदों में 24 रन बनाकर आत्मविश्वास भरी पारी खेली, जिसने उन्हें आगे के मुकाबलों के लिए तैयार किया.
वेस्टइंडीज के खिलाफ खेली यादगार पारी
इसके बाद वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम के खिलाफ अहम मुकाबले में कोच गंभीर और कप्तान सूर्यकुमार यादव ने सैमसन को खास सलामी बल्लेबाज उतारा. इस ‘करो या मरो' मुकाबले में सैमसन ने सौंपी पर पूरी तरह खरा उतरते हुए 50 गेंदों में 97 रन बनाए. एक छोर से विकेट गिरने के बावजूद उन्होंने टीम की पारी को संभाला रखा. सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ भी सैमसन का बल्ला जमकर बोला. उन्होंने 42 गेंद में 89 रन बनाकर भारत को 253 रनों के विशाल स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई. उन्होंने लगातार दो शानदार पारियों के बाद साबित कर दिया कि टीम मैनेजमेंट का भरोसा उन पर क्यों था.
फाइनल में खेली टूर्नामेंट की सबसे अहम पारी
फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ सैमसन ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 46 गेंद में 89 रन बनाए. उनकी इस पारी ने मुकाबले को पूरी तरह भारत के पक्ष में झुका दिया और टीम को बड़ी जीत दिलाने में अहम योगदान दिया.
प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट बने सैमसन
पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए संजू सैमसन को ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' चुना गया. हालांकि, उनकी इस सफलता के पीछे कोच गौतम गंभीर का भरोसा और सही समय पर लिया गया फैसला भी बड़ी वजह रहा. लगातार खराब फॉर्म के बावजूद उन्हें टीम में बनाए रखना और अहम मौकों पर मौका देना भारत के लिए फायदेमंद साबित हुआ.
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