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'गंभीर ने XI में पसंदीदा खिलाड़ियों को खिलाया', भारतीय पूर्व बल्लेबाज ने टीम चयन पर उठाया सवाल

पूर्व बल्लेबाज मनोज तिवारी हमेशा ही गंभीर को लेकर खासे मुखर रहे हैं. और इस बार भी उन्होंने भारतीय हेड कोच को लेकर काफी कुछ कहा है

'गंभीर ने XI में पसंदीदा खिलाड़ियों को खिलाया', भारतीय पूर्व बल्लेबाज ने टीम चयन पर उठाया सवाल
मनोज तिवारी हेड कोच गंभीर को लेकर हमेशा ही बहुत मुखर रहे हैं
Source: Social media

Manoj Tiwary on Gambhir: टीम इंडिया की हाल ही में इंग्लैंड दौरे में 0-4 से क्या हार हुई, की 'तमाम बंदूकें' सपोर्ट स्टॉफ की ओर घूम गईं. जी हां, निशाने पर गंभीर एंड कंपनी भी है, BCCI पहले ही प्रदर्शन के रिव्यू की बात कह चुकी है, तो आयरलैंड और इंग्लैंड के टी20 दौरों पर सात में से छह मैच हारने के बाद भारतीय हेड कोच गौतम गंभीर की चयन नीतियों के खिलाफ व्यापक आलोचना शुरू हो गई है. अब हनुमा विहारी ने यू-ट्यूब चैनल पर बिना किसी लाग-लपेट के गंभीर पर कुछ चुनिंदा खिलाड़ियों को तरजीह देने का आरोप लगाया. साथ ही, उन्होंने खराब फॉर्म के बावजूद शिवम दुबे और वॉशिंगटन सुंदर को लगातार टीम में शामिल करने पर सवाल उठाए.

ये खिलाड़ी क्यों चुने गए?

विहारी ने वीडियो में कहा,'गौतम गंभीर के कुछ पसंदीदा खिलाड़ी हैं और वह उन्हें टीम में लेकर खिलाना चाहते हैं. मुझे इन खिलाड़ियों के टीम में होने से कोई फायदा नजर नहीं आता.वे टीम में क्यों हैं?' विहारी ने आगे कहा, 'मुझे समझ नहीं आ रहा है कि कुछ खिलाड़ी टीम में क्या कर रहे हैं. दुबे गेंदबाजी नहीं करते, फील्डिंग नहीं कर सकते, और बल्लेबाजी में भी वह फॉर्म नहीं दिखाई है. शेडगे भी गेंदबाजी या बल्लेबाजी में प्रभावशाली नहीं थे. मुझे नहीं पता कि वॉशिंगटन सुंदर अभी भी टीम में क्यों बने हुए हैं. यदि आप पिछले कुछ वर्षों में उनके योगदान को देखें, तो यह उतना अच्छा नहीं रहा है.'

'बार-बार बदलाव समझ से परे'

विहारी ने सीरीज के दौरान प्लेइंग इलेवन में लगातार किए जा रहे बदलावों पर भी सवाल उठाए. उनका मानना है कि प्रबंधन संजू सैमसन और किशोर स्टार वैभव सूर्यवंशी के मामले में टीम में सुरक्षा का माहौल बनाने में विफल रहा है. जहां सैमसन ने कुल मिलाकर चार मैच खेले, तो उन्हें बीच में बेंच पर बैठा दिया गया. वहीं,सूर्यवंशी ने तीन मैच खेले, लेकिन उन्हें फिर से केरल के इस विकेटकीपर के लिए ड्रॉप कर दिया गया.

'सूर्यवंशी को 5-6 मैच मिलने थे'

विहारी ने कहा, 'स्पिनर समस्या थे, चाहे वह वरुण चक्रवर्ती हों या अक्षर पटेल. रवि बिश्नोई को इस दौरे पर क्यों ले जाया गया? समस्या टीम के चयन और प्लेइंग इलेवन के चयन में है. आपने आयरलैंड में सैमसन को अवसर दिए और फिर सूर्यवंशी को खिलाया. तीन मैचों के बाद आपने उन्हें भी ड्रॉप कर दिया. टीम में कहीं भी सुरक्षा नहीं है. यदि आप प्रदर्शन नहीं करते हैं, तो आपको बाहर निकाल दिया जाएगा. आपको उन्हें लंबा मौका देना चाहिए. यदि आप सूर्यवंशी को खिलाने के लिए तय थे, तो कम से कम उन्हें पांच या छह मैच दें और फिर तय करें कि वह काफी अच्छे हैं या नहीं. मुझे नहीं लगता कि यह सही रवैया है. खिलाड़ियों के लिए सुरक्षा महत्वपूर्ण है.'

भारत को टी20 प्रारूप में अपनी सबसे खराब हार का सामना करना पड़ा है, श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली टीम सात वर्षों में लगातार सीरीज हारने वाली पहली टीम बन गई है. साउथेम्प्टन में अंतिम टी20 हारने के साथ ही, भारत ने टी20 विश्व कप खिताब जीतने के केवल चार महीने बाद ही इस प्रारूप में अपनी नंबर 1 रैंकिंग भी गंवा दी।

'सैमसन बने बलि का बकरा'

विहारी ने कहा, 'इस सीरीज में बहुत ज्यादा काट-छांट हुई. हमने ऐसा पहले कभी नहीं देखा. यहां तक कि जब सूर्यकुमार यादव ने विश्व कप में टीम का नेतृत्व किया था, तब भी केवल न्यूनतम बदलाव किए गए थे. मुझे सैमसन के लिए दुख है क्योंकि उन्हें बलि का बकरा बनाया गया. सूर्यवंशी तीन मैचों में विफल रहे, इसलिए आपने उन्हें हटा दिया और सैमसन को वापस ले आए. यह बिल्कुल भी सही नहीं है. एक टीम बनाने के लिए, खिलाड़ी को पर्याप्त अवसर मिलने चाहिए. अन्यथा खिलाड़ी अपनी जगह बचाने के लिए खेलेंगे और इससे असुरक्षा पैदा होगी.'
 

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