टीम इंडिया ओल्डट्रैफर्ड में मेजबान इंग्लैंड से दूसरे टी20 मुकाबला खेलने की तैयारी में व्यस्त है, लेकिन दूसरी तरफ वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) का मौका न देने की चर्चा मैच दर मैच नए स्तर पर जा रही है. और इसका बहुत ज्यादा रिश्ता संजू सैमसन से हो चला है. यह भी सही है कि जैसे-जैसे सैमसन की नाकामी का सिलसिला बढ़ेगा, वैभव को लेकर आवाज और बुलंद होती जाएगी. वैसे आयरलैंड से अभी तक के 3 मैचों के सफर में वैभव के लिए करीब 50 प्रतिशत टीम इंडिया का दरवाजा खुला है और 50 प्रतिशत बाकी है. इस आधे सफर को डिकोड करना वैभव के लिए आसान नहीं है. और दूसरे मैच की पूर्व संध्या पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में आए बॉलिंग कोच मॉर्न मॉर्कल ने भी साफ-साफ कहा, 'वैभव को मौका देना इतना आसान नहीं है.' बहरहाल, बॉलिंग कोच कुछ भी हैं, लेकिन इससे कोई इनकार नहीं करेगा कि प्रबंधन पर दबाव वैभव को लेकर बहुत ही ज्यादा है. चलिए यह भी जान लीजिए कि फैंस और पूर्व क्रिकेटर किन सैमसन और बाकी वजहों से वैभव सूर्यवंशी को खिलाने की जोरदार मांग कर रहे हैं.
1. तीनों मैच में फ्लॉप रहे सैमसन
यह सही है कि संजू सैमसन करीब चार महीने पहले टी20 विश्व कप में प्रचंड फॉर्म में थे. यह संजू ही थे, जिन्होंने मेगा इवेंट के आखिरी तीन मैचों में तूफानी अर्द्धशतक बनाकर खुद के करियर में नए प्राण डालते हुए टीम इंडिया को विश्व चैंपियन बनाया था. लेकिन फैंस का कहना है कि इन चार महीने में बहुत कुछ बदल चुका है. चार महीने से पहले वैभव कुछ नहीं थे, लेकिन इन्हीं चार महीने में वैभव ने आईपीएल में सुनामी प्रदर्शन करते हुए पूरा गणित बदल दिया. भारतीय प्रबंधन का कहना है कि विश्व कप जिताने वाले खिलाड़ी को यूं ही बाहर नहीं कर सकते, तो वैभव के समर्थकों की दलील अपनी ही है.
2. एकदम जंग लगे दिखे सैमसन
आयरलैंड में सभी ने माना कि टीम इंडिया के लिए हालात विकट थे. पंडितों ने यह भी कहा कि टीम इंडिया आयरलैंड से नहीं, बल्कि यहां के हालात से हारी. दौरे से एक-दो दिन पहले ही आयरलैंड पहुंचना, बहुत मुश्किल पिच, मैदान के आयाम से सैमसन को भी उतनी ही परेशानी हुई, लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ आसान पिच पर संजू का सस्ते में लौटना बहुत को चुभ गया क्योंकि यह पिच तुलनात्मक रूप से कहीं आसान थी. और भारत ने 180 से ऊपर का स्कोर भी किया. साफ है कि अगर एक मैच में सैमसन और नाकाम हो जाते हैं, तो फिर सूर्यवंशी के लिए दरवाजा 70 से 80 प्रतिशत तक खुल जाएगा
3. विदेशी दिग्गजों की जोरदार आवाज
आयरलैंड सीरीज से पहले ही गावस्कर ने कहा था कि आप किसी भी बल्लेबाज की कीमत पर वैभव को खिलाएं, लेकिन उन्हें खिलाएं. लेकिन गंभीर एंड कंपनी की अपनी रणनीति थी. और प्रबंधन ने इसे बहुत ही मजबूती से बैक भी किया, लेकिन तीन मैच गुजरने के बाद भारत से निकली आवाज वैश्विक स्तर पर बुलंद हो गई है. इसमें इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन और कुक तक शामिल हैं. ये लगातार वैभव को न खिलाने पर हैरानी जता रहे हैं.
4. मीडिया और फैंस का जोरदार समर्थन
भारत ही नहीं, बल्कि वैश्विक मीडिया में भी वैभव को लेकर बहुत ज्यादा उत्साह है. और यह मीडिया वर्ग भी इस ओर नहीं देखना चाहता कि वैभव को किसकी जगह खिला जाएगा. इससे उलट यह सूर्यवंशी को अंतरराष्ट्रीय करियर का आगाज करते देखना चाहता है. प्रेस कॉन्फ्रेंस में ज्यादातर सवाल सूर्यवंशी को लेकर हैं, तो सोशल मीडिया और भारतीय फैंस का एक बड़ा वर्ग भी दिल से चाहता है कि वैभव को मौका मिले. फिर चाहे यह किसी भी खिलाड़ी को आराम देकर (टीम से निकालकर नहीं) मिले, लेकिन उनके करियर का आगाज हो.
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