विज्ञापन

35 साल पहले राशिद ने उखाड़ा स्टंप, भागते रहे रमन लांबा, देश सन्न, दलीप ट्रॉफी का सबसे बड़ा विवाद

बहुत ही हैरानी की बात यह हुई, जब यह घटना घटी, तो टीम इंडिया के तमाम दिग्गज और सीनियर खिलाड़ियों ने राशिद को रोकने की कोशिश नहीं की

35 साल पहले राशिद ने उखाड़ा स्टंप, भागते रहे रमन लांबा, देश सन्न, दलीप ट्रॉफी का सबसे बड़ा विवाद
Duleep Trophy: साल 1991 में घटी घटना में पिच पर अजय जडेजा को भी देखा जा सकता है
source: X

चेन्नई के एम चिदंबर स्टेडियम में दलीप ट्रॉफी का फाइनल खेला जा रहा है. बीसीसीआई द्वारा टूर्नामेंट की फिर से पुराने फॉर्मेट में बहाली के बाद एक बार फिर यह क्षेत्रीय टूर्नामेंट फैंस के सिर चढ़कर बोल रहा है. यही वह टूर्नामेंट है, जिसमें राज्यों के लिए बेहतर करने वाले खिलाड़ी क्षेत्रीय (अक्सर 5 या 6 राज्यों से मिलकर चुनी टीम) टीम में चुनकर आगे टीम इंडिया के लिए रास्ता बनाते हैं. इस सीजन में वैभव सूर्यवंशी, तिलक वर्मा, ईशान किशन सहित कई खिलाड़ियों ने दम दिखाया है. बहरहाल, जहां टूर्नामेंट का इतिहास बहुत ही गौरवमयी रहा है, तो वहीं इससे ऐसा विवाद भी जुड़ा हुआ है, जिसने देश को हिलाकर रख दिया था. यह विवाद साल 1991 में जमशेदपुर के कीनन स्टेडियम में खेले गए उत्तर और पश्चिम क्षेत्र के बीच खेले गए फाइनल मुकाबले के पांचवें दिन देखने को मिला. भारत के पूर्व और दिवंगत ओपनर रमन लंबा और भारत के लिए एक टेस्ट खेले लेफ्टी पेसर रशीद पटेल के बीच कुछ ऐसा देखने को मिला कि अगले दिन अखबारों के पहले पन्ने पर छपी तस्वीरों ने देश को हिलाकर रख दिया. इस घटना के कारण दोनों ही खिलाड़ियों को प्रतिबंध ही नहीं झेलना पड़ा, बल्कि इनका करियर ही लगभग खत्म हो गया. चलिए आप पूरा कहानी जानिए.

बड़ा फाइनल और जबर्दस्त प्रतिस्पर्धा

उस दौर में दलीप ट्राफी के प्रदर्शन के बहुत ही मायने थे. पश्चिम और उत्तर क्षेत्र के बीच मैच था. कपिल देव की कप्तानी में अजय जडेजा, रमन लांबा, मनोज प्रभाकर, अजय शर्मा जैसे खिलाड़ी थे, तो वहीं पश्चिम की कप्तानी शास्त्री के हाथ में थी. इस टीम में मांजरेकर, वेंगसरकर और स्थापित हो चुके सचिन के साथ ही विनोद कांबली भी थे. टीम इंडिया में जगह बनाने और खिताबी जीत के लिए इस फाइनल में दोनों ही क्षेत्रों के बीच जबर्दस्त प्रतिस्पर्धा था. यह वह दौर था जब भारतीय टीम में दिल्ली और मुंबई के खिलाड़ियों का दबदबा रहता था.  और भारतीय टीम में जगह के लिए दोनों के बीच ही जबर्दस्त मुकाबला होता था. इसका इसका इसर इस साल फाइनल में भी देखने को मिला. पहले ही टीम इंडिया के लिए खेल चुके पूर्व ओपनर रमन लांबा टीम इंडिया में वापसी के लिए पुरजोर लगा रहे थे. उन्होंने सीजन में की धमाकेदार पारियां खेलीं. और इस मैच की पहली पारी में  भी रमन लांबा ने 180 रन बनाकर आउट हुए. यह विकेट  सचिन ने लिया था. 

Latest and Breaking News on NDTV

पश्चिम की हार! सितारों की हताशा

उत्तर क्षेत्र ने पहली पारी 9 विकेट पर 229 रन बनाकर घोषित की, तो बड़े सितारों से सुसज्जित पश्चिम की हताशा देखने लायक थी. पश्चिम की पारी 561 पर खत्म हुई, तो साफ था कि पहली पारी की बढ़त (नियम) के आधार पर उत्तर की जीत सुनिश्चित हो चुकी थी. जाहिर है कि यहां से उत्तर की जीत औपचारिकता भर थी. और जब दूसरी पारी में रमन लांबा और अजय जडेजा बैटिंग करने उतरे, तो मानो यहीं से टूर्नामेंट पर लगे कलंक की भूमिका बनी

छींटाकशी..शब्द-बाण और उखड़ गया स्टंप!!

दूसरी पारी में पश्चिम के कई बड़े सितारे वेंगसरकर, शास्त्री आदि स्लिप में तैनात थे. विकेटकीपर किरन मोरे भी बॉलिंग कर रहे राशिद पटेल को गुजराती में कह रहे थे. लेकिन यह नॉन-स्ट्राइक छोर पर खड़े गुजराती अजय जडेजा को बखूबी समझ आ रहा था. उन्होंने

बैटिंग कर रहे रमन लांबा को  सब बता दिया. राशिद पटेल रमन लांबा पर एक के बाद एक बाउंसर दाग रहे थे. इसी दौरान लांबा के मुंह से निकला- 'अबे मारेगा क्या." बातचीत आगे बढ़ी, तो राशिद ने कहा, 'हां मारूंगा.' इसी के साथ ही राशिद ने बॉलिंग छोर पर गड़े  एक स्टंप को उखाड़ा और रमन लांबा की ओर दौड़कर उन्हें इससे मारना शुरू कर दिया.

रमन लांबा अपना बचाव करते हुए पवेलियन की दौड़े, लेकिन राशिद ने कई प्रहार लांबा पर किए. हैरानी की बात यह रही कि वहां खड़े दिग्गज खिलाड़ियों ने राशिद को रोकने की कोशिश नहीं की. बहरहाल बहुत देर हो चुकी थी. बाउंड्री के बाहर बैठे मीडिया के कैमरों ने तस्वीरों को कैद कर लिया था. मैच उसी समय रोक दिया गया. अगले दिन देश के सभी अखबारों ने इस तस्वीर को पहले पन्ने पर लिया, तो मानो भूचाल आ गया.  

Latest and Breaking News on NDTV


जांच और बीसीसीआई का प्रतिबंध 

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए जांच कमेटी बनाई. और फिर इसके बाद हमलावर राशिद पटेल पर 3 साल का प्रतिबंध लगाया गया, तो रमन लांबा पर भी 10 महीने का बैन लगा. लांबा पर लगा बैन बहुत ही चौंकाने वाला रहा, क्योंकि उन्होंने सिर्फ और सिर्फ अपना बचाव किया. यह घटना घरेलू क्रिकेट में अनुशासन और खिलाड़ियों के व्यवहार को लेकर एक बड़ा मोड़ साबित हुई, लेकिन इसके बाद राशिद पटेल का भारत के लिए करियर खत्म हो गया, तो रमन लांबा भी पूरा जोर लगाने के बावजूद कभी देश के लिए नहीं खेल पाए. 

F & Q: Frequently Asked Questions

प्र.-1 दलीप ट्रॉफी 1991 का यह विवादित फाइनल मुकाबला किन दो टीमों और किस मैदान पर खेला गया था?

उत्तर- यह मुकाबला उत्तर क्षेत्र और पश्चिम क्षेत्र के बीच जमशेदपुर के कीनन स्टेडियम में खेला गया था.

प्र.-2 विवाद की मुख्य वजह क्या थी और इसकी शुरुआत कैसे हुई?

उत्तर- पहली पारी के आधार पर उत्तर क्षेत्र की जीत लगभग तय हो चुकी थी। दूसरी पारी में वेस्ट ज़ोन के गेंदबाज राशिद पटेल ने रमन लांबा पर एक के बाद एक बाउंसर फेंके और दोनों के बीच छींटाकशी (कहासुनी) शुरू हो गई.

प्र.-3 मैदान पर राशिद पटेल ने रमन लांबा पर किस तरह हमला किया?

उत्तर- तनातनी बढ़ने पर राशिद पटेल ने बॉलिंग एंड का स्टंप उखाड़ लिया और रमन लांबा की ओर दौड़कर उन पर स्टंप से हमला कर दिया. रमन लांबा अपना बचाव करते हुए पवेलियन की तरफ भागे.

प्र.-4 इस हिंसक घटना के बाद बीसीसीआई (BCCI) ने दोनों खिलाड़ियों पर क्या कार्रवाई की?

उत्तर- बीसीसीआई ने जांच कमेटी का गठन कर हमलावर गेंदबाज राशिद पटेल पर 3 साल का प्रतिबंध लगाया, जबकि रमन लांबा पर 10 महीने का बैन लगाया गया.

प्र.-5 इस विवाद का दोनों खिलाड़ियों के अंतरराष्ट्रीय करियर पर क्या असर पड़ा?

उत्तर- प्रतिबंध के कारण राशिद पटेल का भारतीय टीम के लिए करियर पूरी तरह खत्म हो गया, और रमन लांबा भी इसके बाद कभी भारतीय राष्ट्रीय टीम में वापसी नहीं कर पाए.

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Ajay Jadeja, Raman Lamba, Duleep Trophy, India, Board Of Control For Cricket In India, Cricket, Dilip Vengsarkar
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com