जब विराट कोहली ने मजाक उड़ाते हुए फॉल्कनर से पूछा, ‘गहरी नींद’ में क्यों हो!

जब विराट कोहली ने मजाक उड़ाते हुए फॉल्कनर से पूछा, ‘गहरी नींद’ में क्यों हो!

विराट कोहली और जेम्स फॉल्कनर (फाइल फोटो)

सिडनी:

कैनबरा वनडे मैच भले ही टीम इंडिया हार गई हो, लेकिन मैच के दौरान विराट कोहली ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज जेम्स फॉल्कनर पर भारी पड़े। दोनों के बीच मजाकिया छींटाकशी का दौर भी चला। कोहली ने सीरीज में एक और शानदार पारी खेलकर ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर की लय बिगाड़ने की कोशिश की थी। इससे पहले मेलबर्न में भी इन दोनों के बीच छींटाकशी की चर्चा रही थी।

रनआउट का मौका खोया, कोहली ने उड़ाई खिल्ली
कैनबरा में कोहली ने मेलबर्न की अपनी फॉर्म को आगे बढ़ाते हुए बाएं हाथ के गेंदबाज फॉल्कनर की 16 गेंदों पर चार चौकों की मदद से 29 रन जुटाए थे। ऑस्ट्रेलिया के समाचार पत्र ‘पर्थ नाउ’ के अनुसार जब फॉल्कनर ने कोहली को रनआउट करने का मौका गंवा दिया था तो भारतीय उप कप्तान ने कोई मौका नहीं गंवाते हुए मेजबान टीम के खिलाड़ी से पूछा था कि वह ‘गहरी नींद’ में क्यों हैं।

'कई बार तुम्हारी गेंदों की धुनाई की है, जाओ और गेंदबाजी करो'
इससे पहले मेलबर्न मैच के दौरान भी फॉल्कनर ने कोहली को भड़काने की कोशिश की थी। दरअसल अपनी 117 रन की पारी के दौरान सबसे कम मैचों में 7000 वनडे रन और 24 शतक पूरे करने वाले कोहली तब 73 रन पर खेल रहे थे। फॉल्कनर ने कोहली को उसकी गेंदों पर बड़े शॉट खेलने की चुनौती दी, इस पर कोहली को कहते हुए सुना गया, ‘तुम अपनी ऊर्जा बेकार में खर्च कर रहे हो। इसका कोई मतलब नहीं है। मैं अपनी जिंदगी में कई बार तुम्हारी गेंदों की धुनाई कर चुका हूं। जाओ और बॉलिंग करो।’ ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी ने इसके जवाब में कहा, ‘मुस्करा लो। हम तो मस्ती कर रहे हैं।’ उनके बीच हुई इस बातचीत को स्टंप माइक्रोफोन ने पकड़ ली।

विरोधी के पास शब्दों के इस्तेमाल का पूरा अधिकार
विराट कोहली ने दो दिन पहले भारतीय टीम के फेसबुक पेज पर प्रशंसकों से बात करते हुए कहा था, ‘‘विरोधी टीम के पास शब्दों के इस्तेमाल का पूरा अधिकार है जब तक कि यह सीमा पार नहीं करे। आपके पास भी जवाब देने का पूरा अधिकार है जब तक कि इससे सीमा पार नहीं हो।’’

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'जो मेरे मन में आया, वह बोला'
कोहली ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि वर्षों से काफी स्मार्ट प्रतिक्रिया दी जा रही है और मेरी टिप्पणी बिलकुल सही समय पर थी। मैं ऐसा करना नहीं चाहता था, लेकिन मैंने सिर्फ वह बोला जो मेरे मन में आया। इसका मैदान पर लुत्फ उठाया जाता है लेकिन साथ ही आपको अपने खेल पर ध्यान देना होता है।’’