अपना पहला टेस्ट मैच खेल रहे तस्मानिया के सलामी बल्लेबाज एड कोवान (68) और पूर्व कप्तान रिकी पोंटिग (62) की सधी हुई पारियों की बदौलत ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम ने भारत के साथ मेलबर्न क्रिकेट मैदान पर जारी पहले टेस्ट मैच के पहले दिन सोमवार का खेल खत्म होने तक छह विकेट पर 277 रन बना लिए। भारतीय टीम ने चायकाल के बाद नौ रन के अंतराल पर मेजबान टीम के तीन विकेट झटककर मैच में शानदार वापसी की थी लेकिन इसके बाद नाबाद लौटने वाले विकेटकीपर बल्लेबाज ब्रैड हेडिन (21) और पीटर सिडल (34) ने सातवें विकेट के लिए 63 रन जोड़कर मैच पर अपनी पकड़ बनाने की भारतीय टीम की मंशा को नाकाम कर दिया। दोनों बल्लेबाजों ने 21.5 ओवर तक विकेट पर रहते हुए 2.88 रन प्रति ओवर की गति से रन बटोरे और अपनी टीम को संतोषजनक स्थिति में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। हेडिन ने 60 गेंदों का सामना किया है जबकि सिडल 80 गेंदों पर चार चौके लगा चुके हैं। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी मेजबान टीम की शुरुआत अपेक्षाकृत अच्छी रही क्योंकि सलामी बल्लेबाज डेविड वॉर्नर ने अपनी 37 रनों की संक्षिप्त पारी में कुछ आकर्षक स्ट्रोक लगाकर आने वाले मैचों के लिए अपने आत्मविश्वास को बढ़ाया। वॉर्नर का विकेट 46 रन के कुल योग पर गिरा। उस समय कोवान अपने खाते में सिर्फ सात रन जोड़ सके थे लेकिन वह जिस संयम के साथ बल्लेबाजी कर रहे थे, उसे देखते हुए यही लग रहा था कि वह अपने पहले मैच में छाप छोड़ने को आतुर हैं। वॉनर का विकेट उमेश यादव को मिला। आस्ट्रेलिया में अपना पहला टेस्ट मैच खेल रहे यादव ने वॉर्नर को विकेट के पीछे कप्तान महेंद्र सिंह धौनी के हाथों कैच कराया। वॉर्नर ने अपनी 49 गेंदों की पारी में चार चौके और एक छक्का लगाया। यह छक्का उमेश की गेंद पर लगा था। वॉर्नर का स्थान लेने आए शॉन मार्श चोट के बाद अपनी वापसी को सार्थक नहीं बना सके और छह गेंदों का सामना करने के बाद यादव की ही गेंद पर प्वाइंट में विराट कोहली के हाथों लपके गए। मार्श ने खराब शॉट खेला और इसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ा। वह खाता भी नहीं खोल सके। इसके बाद पोंटिग विकेट पर आए। यादव ने आते ही बाउंसर के साथ उनका स्वागत किया। गेंद सीधे पोंटिग की कनपटी पर लगी लेकिन वह इसके विचलित नहीं हुए क्योंकि उनके खाते में शायद एक अच्छी पारी का संयोग था। पोंटिग ने इसके बाद सम्भलकर खेलना शुरू किया और कोवान के साथ तीसरे विकेट के लिए 113 रन जोड़े। यादव की गेंद पर लक्ष्मण के हाथों स्लिप में कैच आउट होने से पहले पोंटिंग ने 94 गेंदों पर छह चौके लगाए। इस दौरान पोंटिंग ने कुछ कलात्मक शॉट लगाए। पोंटिंग की विदाई 159 रनों के कुल योग पर हुई। इसके बाद विकेट पर कप्तान माइकल क्लार्क आए। क्लार्क को इस बात का संतोष था कि पोंटिग ने कोवान के साथ मिलकर टीम को एक अच्छा आधार दे दिया है। ऐसे में कप्तान का काम कोवान के साथ मिलकर टीम को मजबूती प्रदान करना था। इस क्रम में कप्तान ने कोवान के साथ चौथे विकेट के लिए 46 रन जोड़े। इसी बीच कोवान ने अपने टेस्ट करियर का पहला अर्धशतक पूरा किया। इसके लिए उन्होंने 120 गेंदों का सामना किया। इसमें छह चौके शामिल थे। क्लार्क और कोवान ने आस्ट्रेलिया को 200 के कुल योग तक पहुंचाया लेकिन 205 रनों के कुल योग पर क्लार्क ने अपना संयम खो दिया। विकेट के लिए लम्बे समय से प्रयासरत जहीर खान ने चार महीने के आराम के बाद पहला विकेट झटका। क्लार्क को 68 गेदों पर पांच चौके लगाने के बाद पवेलियन लौटना पड़ा। इसकी अगली ही गेंद पर जहीर ने माइकल हसी (0) को आउट कर मेजबान टीम को एक और बड़ा झटका दिया। खराब दौर से गुजर रहे हसी सिर्फ एक गेंद का सामना कर सके। जहीर हैट्रिक पर थे लेकिन हेडिन ने उसे पूरा नहीं होने दिया। इसके बाद 214 रन के कुल योग पर इस मैच में एक और नाटकीय परिवर्तन आया। भारतीय टीम के एकमात्र स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने कोवान को आउट कर आस्ट्रेलिया को बड़ा झटका दिया। कोवान का कैच धौनी ने लपका। कोवान ने 177 गेंदों का सामना करते हुए सात चौके लगाए। बारिश की आंखमिचौली के बीच दोनों टीमें 89 ओवरों का खेल पूरा करने में सफल रहीं। पहले सत्र में आई बारिश के कारण लगभग आधे घंटे का खेल खराब हुआ था। बीच-बीच में कई बार हल्की फुहार पड़ी लेकिन उससे ज्यादा असर नहीं पड़ा। मेलबर्न में बीती रात हुई जबरदस्त बारिश और ओलावृष्टि के बाद बादलों का आना-जाना लगा रहा लेकिन तीसरे सत्र में धूप निकलने के कारण खेल के लिए बहुत अच्छा हालात बन गया था।
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