भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने सोमवार को कहा कि भारतीय महिला टीम का मोहसिन नकवी से एशिया कप की ट्रॉफी लेने से इनकार करना बोर्ड का "सामूहिक फ़ैसला" था. शुक्ला ने इस दौरान यह भी कहा कि एशियन क्रिकेट काउंसिल के चेयरमैन ने भी इस पर "कोई आपत्ति नहीं जताई". बता दें, भारत ने रविवार को दुबई में फाइनल में श्रीलंका को 72 रनों से हराया था.लेकिन नकवी से ट्रॉफी नहीं ली. पिछले साल भी पुरुष टीम ने एशिया कप जीतने पर पहलगाम आतंकी हमले के विरोध में नक़वी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया था. उस आतंकी हमले में 26 लोग मारे गए थे.
टीम के साथ इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचने के बाद शुक्ला ने पत्रकारों से कहा,"हमने आपस में इस मामले पर चर्चा की और तय किया कि हम उनसे (नकवी से) ट्रॉफी नहीं लेंगे. यह हमारा सामूहिक फैसला था. उन्होंने (नकवी ने) भी इस पर कोई आपत्ति नहीं जताई." शुक्ला ने आगे कहा,"हमने अपनी टीम को इसके बारे में बता दिया था, और उन्होंने जिसे भी ट्रॉफी देनी थी, उसे दी और फिर चले गए."
इससे पहले बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने कहा था कि महिला क्रिकेट टीम का एशियाई क्रिकेट परिषद (एसीसी) के पाकिस्तानी प्रमुख मोहसिन नकवी से एशिया कप ट्रॉफी नहीं लेना बोर्ड का मौजूदा परिस्थितियों और भावनाओं को ध्यान में रखकर लिया गया ‘सोचा समझा संस्थागत' फैसला है.
सैकिया ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से कहा,"हमने सभी मौजूदा पहलुओं पर विचार करते हुए सोच समझ कर यह फैसला लिया था. हमने पहले ही एसीसी को अपनी स्थिति से अवगत करा दिया था कि इन परिस्थितियों में भारतीय टीम पुरस्कार वितरण समारोह में भाग नहीं लेगी." उन्होंने कहा,"देश में व्याप्त परिस्थितियों और भावनाओं पर गौर करते हुए बीसीसीआई को लगा कि टीम के लिए प्रस्तावित तरीके से ट्रॉफी लेना उचित नहीं होगा." सैकिया ने कहा,"यह एक दृढ़ संस्थागत निर्णय था, जो हमारे रुख को दर्शाता है. इसका मकसद खिलाड़ियों, टूर्नामेंट या खेल पर सवाल उठाना नहीं था."
इस बात पर बहस चल रही है कि क्या भारत को पाकिस्तान के खिलाफ सभी मैचों का बहिष्कार करना चाहिए. इस संदर्भ में सैकिया ने दोहराया कि सभी खेल प्रतिबद्धताओं को हमेशा पूरा किया जाएगा क्योंकि भारत सरकार ने उन्हें बहुराष्ट्रीय टूर्नामेंट में पड़ोसी देश के साथ खेलने की अनुमति दी है.
उन्होंने कहा,"एशिया कप में हमारी भागीदारी एसीसी के सदस्य के रूप में हमारी खेल प्रतिबद्धताओं को पूरा करने और मौजूदा नीति का पालन करने के लिए थी. खेल भावना या अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के प्रति हमारी प्रतिबद्धता से समझौता करने का कोई सवाल ही नहीं था. हालांकि बहुराष्ट्रीय टूर्नामेंट में भाग लेना और ट्रॉफी हासिल करने का तरीका दो अलग-अलग मामले हैं."
किसी भी खिलाड़ी की इच्छा होती है कि वह ट्रॉफी उठाए लेकिन बीसीसीआई सचिव इस बात से खुश हैं कि हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली टीम ने अपना काम बखूबी अंजाम दिया. उन्होंने कहा,"भारतीय महिला टीम ने वह कर दिखाया है जो सबसे ज्यादा मायने रखता है. उन्होंने मैदान पर अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर एशिया कप जीता है. हमें और पूरे देश को टीम पर बहुत गर्व है. यह उपलब्धि खिलाड़ियों और भारतीय क्रिकेट की है." महिला टीम अब जापान के लिए रवाना होगी जहां वह एशियाई खेलों में अपने खिताब का बचाव करने के लिए उतरेगी.
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