पूर्व कप्तान विराट कोहली ने रविवार को तिरुवनंतपुरम में करियर का 55वां वनडे शतक जड़ा, तो इस पारी ने मानो एक नए कोहली को सामने पेश किया. एक आम फैन भी यही कह रहा है कि यह तो एकदम जुदा कोहली है. ज्यादा सहज, कहीं सरल और शांत. नाबाद शतक आया, तो क्रिकेट सर्किल में सचिन के 100 शतकों के रिकॉर्ड टूटने की भी चर्चा होने लगी. अब 30 टेस्ट के मिलाकर कोहली के कुल 85 शतक हो गए हैं. और अब इसी पर राय देते हुए पिछले दिनों संन्यास लेने वाले अजिंक्य रहाणे ने कहा है कोहली भी इस आंकड़े को हासिल करने के बारे में सोचेंगे. रहाणे को पूरा भरोसा है कि अगर कोहली ने ठान लिया, तो वह इस जादुई मुकाम को हासिल कर लेंगे.
क्रिकबज पर बात करते हुए अजिंक्य रहाणे ने कहा, 'मुझे लगता है कि जब विराट कोहली खुद पर दबाव डालते हैं, तभी वह अपने सबसे बेहतरीन प्रदर्शन पर होते हैं. हर पारी में उन्होंने ऐसा किया है. वह खुद से वैसी ही उम्मीदें रखते हैं. यही वजह है कि वह इतने सालों तक लगातार ऐसा करने में कामयाब रहे हैं. विराट को जानते हुए, अगर वह 100 शतकों के बारे में सोचते हैं, तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है, क्योंकि उनके आदर्श सचिन तेंदुलकर रहे हैं. इसलिए, मुझे यकीन है कि वह इसके बारे में सोच रहे होंगे. अगर वह इसके बारे में सोचते हैं, तो केवल विराट कोहली ही इसे हासिल कर सकते हैं.'
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कोहली के दिमाग की बात करते हुए, रहाणे ने खुलासा किया कि फैंस, एक्सपर्ट्स और पूर्व खिलाड़ी कभी-कभी यह सोचते हैं कि मील के पत्थरों (milestones) के बारे में सोचना किसी खिलाड़ी को स्वार्थी बना सकता है, लेकिन रहाणे ने कहा कि खुद पर दबाव बनाने का यही तरीका कोहली के लिए सबसे अच्छा काम करता है।
उन्होंने आगे कहा, "कई बार हमें लगता है कि अगर कोई खिलाड़ी मील के पत्थरों के बारे में सोच रहा है, तो इसका मतलब है कि वह स्वार्थी है। लेकिन जब विराट कोहली खुद पर दबाव डालते हैं, तभी वह अच्छा प्रदर्शन करते हैं। इसलिए, मुझे यकीन है कि उनके दिमाग में कोई आंकड़ा होगा, लेकिन साथ ही उनके मन में यह विचार भी होगा कि जब तक वह खेल रहे हैं, उन्हें खेल का आनंद लेना है।"
हालांकि, अपनी आक्रामक 139 रन (88 गेंद) की पारी के बाद, कोहली ने खुलासा किया कि उन्होंने कभी भी वास्तव में मील के पत्थरों के बारे में नहीं सोचा है।
मैच के बाद प्रस्तुति के दौरान विराट कोहली ने कहा, "मेरा ध्यान कभी भी इन मील के पत्थरों पर नहीं रहा है। यह सिर्फ खेल के दौरान स्थिति को समझने और टीम के लिए अपना काम करने के बारे में है, जो भी जरूरत हो. उपलब्धियां अपने आप साथ आ जाती हैं। जाहिर है, मैं इस स्थिति में होने के लिए बहुत आभारी और धन्य महसूस करता हूं, कि मैं इतने लंबे समय से खेल रहा हूं.'
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