Aakash Chopra on Team India X-Factor: श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट में जीत की तरफ बढ़ रही टीम इंडिया के लिए एक बेहतर मौका होगा खुद को वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में मजबूत करने की. इससे पहले आखिरी दिन टीम इंडिया ने पहले सेशन में ही 2 विकेट चटकाकर अपनी उम्मीदों को नया आयाम दिया. मैच के पांचवें और आखिरी दिन लंच तक, भारत ने श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट में दो तेजी से विकेट लेकर मेजबान टीम को 175 रन पर छह विकेट के नुकसान के साथ मुश्किल स्थिति में डाल दिया और जीत के करीब पहुंच गया.
आकाश चोपड़ा ने चौथे दिन ऋषभ पंत की बल्लेबाजी देखकर बेहद खुश दिखे और अपने यूट्यूब चैनल पर बातचीत करते हुए पंत की जमकर तारीफ की.
भारतीय टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में ऐसा कोई नहीं
"यह एक बार फिर याद दिलाता है कि भारतीय टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में उनसे बेहतर कीपर-बल्लेबाज कोई नहीं रहा है. वह लगातार रन बनाते हैं, विकेट के पीछे शानदार काम करते हैं, टीम को आगे बढ़ाते हैं और विकेट के पीछे से लगातार कमेंट्री करके उन्हें सतर्क रखते हैं; वह टीम के लिए 'एक्स-फैक्टर' हैं. बहुत कम लोग आपको टेस्ट क्रिकेट से प्यार करने पर मजबूर करते हैं. वह उन्हीं में से एक हैं," उन्होंने कहा.
"ऋषभ पंत की कहानी बहुत दिलचस्प रही है. वह लोगों में भावनाएं जगाते हैं. वह ऐसे ही खिलाड़ी हैं. जब आप उन्हें खेलते हुए देखते हैं, तो या तो आप उन्हें पसंद करते हैं या फिर उनसे नफरत करते हैं. कभी-कभी जब आप उन्हें पसंद भी करते हैं, तब भी आपको लगता है कि कुछ गलत हो गया है," कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के पूर्व खिलाड़ी ने कहा.
"फिर वह 'बेवकूफी भरा, बेवकूफी भरा, बेवकूफी भरा' वाला बयान आता है, और जब वह इस तरह बल्लेबाजी करते हैं, तो वही कमेंटेटर - मैं महान सुनील गावस्कर की बात कर रहा हूं - कहते हैं कि वह कितनी अच्छी बल्लेबाजी करते हैं. वह आपकी भावनाओं को कार के वाइपर की तरह ऊपर-नीचे करते रहते हैं. इसका मतलब है कि अगर ऋषभ खेल रहे हैं, तो मनोरंजन की गारंटी है," उन्होंने आगे कहा.
"जब हालात थोड़े मुश्किल हो जाते हैं, तो उनका सर्वश्रेष्ठ खेल बाहर आता है. हर किसी के खेलने का अपना एक तरीका होता है. आम तौर पर, जब चीजें बदलती हैं, खासकर जब पिच से थोड़ी ज्यादा मदद मिलने लगती है - चाहे सीम हो या स्पिन - तो आपसे कुछ अलग करने की उम्मीद की जाती है," उन्होंने कहा.
"आप सामान्य तरीके से नहीं खेल सकते. ऐसा करने की कोशिश में, हर कोई अपने स्वाभाविक खेल से दूर हो जाता है और कई बार फेल हो जाता है. ऋषभ पंत का खेलने का अंदाज़ इन हालात के लिए एकदम सही है. चाहे पहली पारी हो या चौथी, पिच सीमिंग हो या बल्लेबाजों के अनुकूल, इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता. वह इसी तरह खेलते हैं. वह बहुत ज़्यादा रिस्क वाला खेल खेलते हैं," चोपड़ा ने कहा.
इससे पहले 372 रन के जीत के लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंका की पारी ठीक-ठाक चल रही थी, लेकिन रवींद्र जडेजा ने कप्तान धनंजय डी सिल्वा (59) का अहम विकेट लेकर घरेलू टीम के पार्टनरशिप को तोड़ा और भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया. इससे पहले धनंजय ने सोनल दिनुशा के साथ 95 रन की साझेदारी करके मेहमान टीम के गेंदबाज़ों का डटकर सामना किया था. इसके बाद यशस्वी जायसवाल से कुछ कहा-सुनी होने के बाद निरोशन डिकवेला एक गैर-जिम्मेदाराना शॉट खेलकर आउट हो गए.
लंच ब्रेक के समय श्रीलंका लक्ष्य से 197 रन पीछे था और दिनुशा (65) व केशरा नुवान्था (8) क्रीज़ पर मौजूद थे. श्रीलंका ने आखिरी दिन का खेल 288 रन पीछे रहते हुए शुरू किया था.
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