पंजाब के किसान संगठनों ने राज्यभर में 12 जून को प्रदर्शन करने का फैसला किया है... (प्रतीकात्मक फोटो)
चंडीगढ़:
महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश में किसानों के प्रदर्शन की आग दूसरे राज्यों में फैलने लगी है. पंजाब में भी किसानों ने कर्ज माफी और स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने की मांगों को लेकर हुंकार भरने का निर्णय लिया है. किसान संगठनों ने राज्यभर में 12 जून को प्रदर्शन करने का फैसला किया है. भारती किसान संघ (बीकेयू)-उग्रहण, बीकेयू-दाकुंडा, क्रांतिकारी किसान संघ, किसान संघर्ष समिति समेत सात संगठन राज्य के सभी जिला मुख्यालय पर धरना देंगे.
बीकेयू (उग्रहण) के महासचिव सुखदेव सिंह ने गुरुवार को कहा, "किसान संगठनों ने अपनी मांगों के समर्थन में 12 जून को सभी उपायुक्तों के कार्यालयों के बाहर 'धरना' देने का आज फैसला किया."राज्य में किसान कांग्रेस सरकार से कर्ज माफ करने की मांग कर रहे हैं. कांग्रेस ने अपने चुनाव घोषणापत्र में में कृषि कर्ज माफ करने, नीलामी खत्म करने तथा फसलों के लिए पूरी कीमत देने का वादा किया था. उन्होंने कहा, "हम चाहते हैं कि राज्य सरकार जल्द से जल्द कर्ज माफी की घोषणा करें." उन्होंने कहा कि राज्य को खेती को लाभकारी बनाने के लिए कदम उठाने चाहिए.
अमरिंदर सिंह शासन ने कृषि कर्ज की मात्रा का आकलन करने और इसे माफ करने के तरीकों का सुझाव देने के लिए एक विशेषज्ञ समूह गठित की है. महासचिव ने कहा कि किसान स्वामीनाथ आयोग की रिपोर्ट लागू करने की भी मांग कर रहे हैं जिसमें फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करने की सिफारिश की गई है.
सुखदेव ने कहा, "हम यह भी चाहते हैं कि राज्य कर्ज के बोझ के कारण आत्महत्या करने वाले किसान के परिवार को दस लाख रुपये के मुआवजे की राशि तय करें." किसानों संगठनों ने घोषणा की कि वह मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कथित गोलीबारी में पांच किसानों के मारे जाने के लिए मध्य प्रदेश सरकार को बख्रास्त करने की मांग को लेकर 12 जून को जिला प्रशासनों के जरिए केंद्र को एक ज्ञापन भी सौंपेंगे.
बीकेयू (उग्रहण) के महासचिव सुखदेव सिंह ने गुरुवार को कहा, "किसान संगठनों ने अपनी मांगों के समर्थन में 12 जून को सभी उपायुक्तों के कार्यालयों के बाहर 'धरना' देने का आज फैसला किया."राज्य में किसान कांग्रेस सरकार से कर्ज माफ करने की मांग कर रहे हैं. कांग्रेस ने अपने चुनाव घोषणापत्र में में कृषि कर्ज माफ करने, नीलामी खत्म करने तथा फसलों के लिए पूरी कीमत देने का वादा किया था. उन्होंने कहा, "हम चाहते हैं कि राज्य सरकार जल्द से जल्द कर्ज माफी की घोषणा करें." उन्होंने कहा कि राज्य को खेती को लाभकारी बनाने के लिए कदम उठाने चाहिए.
अमरिंदर सिंह शासन ने कृषि कर्ज की मात्रा का आकलन करने और इसे माफ करने के तरीकों का सुझाव देने के लिए एक विशेषज्ञ समूह गठित की है. महासचिव ने कहा कि किसान स्वामीनाथ आयोग की रिपोर्ट लागू करने की भी मांग कर रहे हैं जिसमें फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करने की सिफारिश की गई है.
सुखदेव ने कहा, "हम यह भी चाहते हैं कि राज्य कर्ज के बोझ के कारण आत्महत्या करने वाले किसान के परिवार को दस लाख रुपये के मुआवजे की राशि तय करें." किसानों संगठनों ने घोषणा की कि वह मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कथित गोलीबारी में पांच किसानों के मारे जाने के लिए मध्य प्रदेश सरकार को बख्रास्त करने की मांग को लेकर 12 जून को जिला प्रशासनों के जरिए केंद्र को एक ज्ञापन भी सौंपेंगे.
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