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NITI Aayog Vice Chairman: अशोक कुमार लाहिड़ी कौन हैं? ADB, वर्ल्‍ड बैंक और IMF का अनुभव, अब नीतियां बनाने में आएगा काम

थिंक टैंक को उम्मीद है कि लाहिड़ी भारत के विकास एजेंडे को आगे बढ़ाने और विभिन्न क्षेत्रों में रणनीतिक नीतिगत पहलों को मजबूत करने में अहम योगदान देंगे. उन्होंने सुमन बेरी की जगह ली है, जो मई 2022 से नीति आयोग के उपाध्यक्ष के रूप में कार्य कर रहे थे.

NITI Aayog Vice Chairman: अशोक कुमार लाहिड़ी कौन हैं? ADB, वर्ल्‍ड बैंक और IMF का अनुभव, अब नीतियां बनाने में आएगा काम
Niti Aayog Vice Chairman: नीति आयोग के नए उपाध्‍यक्ष बनाए गए अशोक कुमार लाहिड़ी

सरकार के थिंक टैंक नीति आयोग ने शुक्रवार को बताया कि अशोक कुमार लाहिड़ी ने उपाध्यक्ष के रूप में अपना कार्यभार संभाल लिया है. लाहिड़ी आर्थिक नीति और सार्वजनिक वित्त के क्षेत्र में लंबा अनुभव रखते हैं. वह पहले भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार रह चुके हैं और 15वें वित्त आयोग के सदस्य के रूप में भी काम कर चुके हैं. नीति आयोग के अनुसार, शिक्षा जगत, सार्वजनिक संस्थानों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों में उनके अनुभव से साक्ष्य आधारित नीतियां बनाने और आर्थिक बदलाव से जुड़े प्रयासों को और मजबूती मिलेगी.

थिंक टैंक ने कहा कि उसे उम्मीद है कि लाहिड़ी भारत के विकास एजेंडे को आगे बढ़ाने और विभिन्न क्षेत्रों में रणनीतिक नीतिगत पहलों को मजबूत करने में अहम योगदान देंगे. उन्होंने सुमन बेरी की जगह ली है, जो मई 2022 से नीति आयोग के उपाध्यक्ष के रूप में कार्य कर रहे थे.

कौन हैं अशोक कुमार लाहिड़ी? 

पश्चिम बंगाल से भाजपा विधायक और प्रसिद्ध अर्थशास्त्री लाहिड़ी को इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंजूरी के बाद इस पद पर नियुक्त किया गया था. पश्चिम बंगाल विधानसभा में बालूरघाट सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले लाहिड़ी का करियर शिक्षा, नीति निर्माण और वित्तीय संस्थानों के क्षेत्र में काफी लंबा और प्रतिष्ठित रहा है.

वो मुख्य आर्थिक सलाहकार के अलावा दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स, एशियाई विकास बैंक, बंधन बैंक और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक फाइनेंस एंड पॉलिसी जैसे संस्थानों से जुड़े रहे हैं. इसके साथ ही उनका संबंध विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से भी रहा है.

  • लाहिड़ी अपने साथ आर्थिक नीति और सार्वजनिक वित्त (Public Finance) का व्यापक अनुभव लेकर आए हैं.
  • उन्होंने पहले भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) के रूप में कार्य किया है.
  • वह 15वें वित्त आयोग के सदस्य भी रह चुके हैं. उनके पास दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स का भी अनुभव है. 
  • लाहिड़ी के पास एशियाई विकास बैंक (ADB), विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में काम करने का अनुभव है.

इससे पहले अप्रैल में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि नीति आयोग भारत की नीति निर्माण व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बनकर उभरा है. इसने सहकारी संघवाद को मजबूत करने, सुधारों को आगे बढ़ाने और लोगों के जीवन को आसान बनाने में बड़ी भूमिका निभाई है.

PM मोदी ने दी बधाई 

प्रधानमंत्री मोदी ने लाहिड़ी और नीति आयोग के अन्य नए पूर्णकालिक सदस्यों को बधाई देते हुए कहा कि पुनर्गठित नीति आयोग विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार और दीर्घकालिक रणनीतिक सोच के लिए एक गतिशील मंच के रूप में काम करेगा.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'अशोक कुमार लाहिड़ी को उपाध्यक्ष बनने पर मेरी शुभकामनाएं. राजीव गौबा, प्रोफेसर केवी राजू, प्रोफेसर गोबर्धन दास, प्रोफेसर अभय करंदीकर और डॉ एम श्रीनिवास को भी नीति आयोग का पूर्णकालिक सदस्य बनने पर शुभकामनाएं. मैं सभी के सफल और प्रभावशाली कार्यकाल की कामना करता हूं.'

पीएम मोदी ने लाहिड़ी से मुलाकात कर उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए बधाई भी दी. उन्होंने विश्वास जताया कि अर्थशास्त्र और सार्वजनिक नीति में उनका अनुभव भारत की सुधार यात्रा को मजबूत करेगा और 'विकसित भारत' के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में मदद करेगा.

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