अगर आप ऑनलाइन शॉपिंग के शौकीन हैं और मीशो (Meesho) से सस्ता सामान मंगवाते हैं, तो यह खबर आपके लिए है. कम कीमतों के लिए मशहूर ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म मीशो एक बड़ी कानूनी मुसीबत में फंस गया है. इनकम टैक्स विभाग ने कंपनी को 1,499.73 करोड़ रुपये (लगभग 1,500 करोड़) का भारी-भरकम टैक्स नोटिस भेजा है. कंपनी ने साफ किया है कि वह इस नोटिस से सहमत नहीं है और इसके खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ेगी. मीशो के मुताबिक, उसके पास इस नोटिस को चुनौती देने के लिए मजबूत कानूनी आधार हैं.
कंपनी ने कहा है कि इस टैक्स डिमांड से कंपनी के काम-काज या ग्राहकों को मिलने वाली सुविधाओं पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा. आइए इस मामले के बारे में थोड़ा और समझने की कोशिश करते हैं.
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, इनकम टैक्स विभाग ने यह नोटिस असेसमेंट ईयर 2023-24 के लिए भेजा है. विभाग का कहना है कि कंपनी ने जो अपनी कमाई दिखाई थी, उसमें कुछ गड़बड़ियां और एडजस्टमेंट पाए गए हैं. 1,500 करोड़ की इस रकम में टैक्स के साथ-साथ ब्याज भी शामिल है.
दिलचस्प बात यह है कि ऐसा पहली बार नहीं हुआ है. पिछले साल (2022-23) भी कंपनी को ऐसा ही नोटिस मिला था, जिस पर कर्नाटक हाई कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा रखी है.
आमदनी बढ़ी पर घाटा भी कम नहीं हो रहा
खबर सिर्फ टैक्स नोटिस तक ही सीमित नहीं है. कंपनी की आमदनी तो बढ़ी है, लेकिन कंपनी मुनाफे में नहीं है. मीशो की वित्तीय हालत को लेकर भी कुछ चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं-
- बढ़ता घाटा: दिसंबर 2025 को खत्म हुई तिमाही में कंपनी का घाटा बढ़कर 490.6 करोड़ रुपये हो गया है. पिछले साल इसी समय यह घाटा केवल 37 करोड़ के करीब था.
- कमाई में उछाल: अच्छी बात यह है कि कंपनी की कमाई (Revenue) में 31% की बढ़ोतरी हुई है और यह 3,517 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है.
- खर्चों का अंबार: फेस्टिव सीजन के दौरान कंपनी ने जमकर खर्च किया. इस तिमाही में कंपनी का कुल खर्च 4,071 करोड़ रुपये रहा.
एक तरफ कंपनी की लोकप्रियता और आय बढ़ रही है, तो दूसरी तरफ टैक्स विभाग का शिकंजा और बढ़ता घाटा कंपनी के लिए सिरदर्द बन सकता है. फिलहाल लोगों की नजर इस बात पर है कि अगर कंपनी कोर्ट जाती है तो मीशो को कितनी राहत मिलती है.
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