1 जुलाई 2026 से नई 'विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी VB G-RAM-G अधिनियम, 2025' पूरे देश के ग्रामीण इलाकों में हो गया है. इसमें रोजगार की गारंटी 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है. साथ ही मजदूरी भी पहले से ज्यादा मिलेगी. मनरेगा की जगह इस नए कानून के जमीन पर उतरते ही ग्रामीण परिवारों के बीच इस बात को लेकर भारी असमंजस और चिंता बनी हुई है कि अगर उनके पास इस नई योजना का 'VB G-RAM-G जॉब कार्ड' नहीं है, तो क्या उन्हें काम मिलेगा या नहीं? अगर आप भी इस बात को लेकर घबराए हुए हैं, तो आपको बिल्कुल परेशान होने की जरूरत नहीं है.
सरकार ने साफ कर दिया है कि जब तक नए स्मार्ट जॉब कार्ड नहीं बन जाते, तब तक मनरेगा (MGNREGA) के पुराने जॉब कार्ड पूरी तरह मान्य रहेंगे. यानी आपके पुराने मनरेगा (MGNREGA) कार्ड पर भी इस नई योजना के तहत न सिर्फ पूरा काम मिलेगा, बल्कि साल में 125 दिन का रोजगार और पहले से कहीं ज्यादा बढ़ी हुई मजदूरी का सीधा फायदा भी दिया जाएगा. आइए जानते हैं इस नए नियम से जुड़ी 10 बड़ी बातें...
VB G-RAM-G योजना: 10 आसान प्वॉइंट्स में समझें क्या-क्या बदला?
- अगर आपके पास नया VB G-RAM-G स्मार्ट जॉब कार्ड नहीं है, तब भी आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है. सरकार ने कहा है कि ई-केवाईसी वाले पुराने मनरेगा जॉब कार्ड तब तक चलते रहेंगे, जब तक सभी लोगों को नए स्मार्ट जॉब कार्ड नहीं मिल जाते. यानी काम बिना रुके मिलता रहेगा.
- सरकार अब मनरेगा के पुराने जॉब कार्ड की जगह नए VB G-RAM-G स्मार्ट जॉब कार्ड जारी करेगी. इससे काम से जुड़ी जानकारी और रिकॉर्ड को आसान तरीके से संभाला जा सकेगा.
- नई योजना का सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब हर पात्र ग्रामीण परिवार को साल में 125 दिन रोजगार की गारंटी मिलेगी. पहले यह सीमा 100 दिन थी. यानी अब 25 दिन ज्यादा काम मिलने का मौका होगा.
- नई ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना में राष्ट्रीय औसत मजदूरी बढ़ाकर 327.40 रुपये प्रतिदिन कर दी गई है. पहले मनरेगा के तहत औसतन 298.80 रुपये मिलते थे. यानी औसतन करीब 28.60 रुपये रोज ज्यादा मिलेंगे.
- सरकार ने 300 रुपये प्रतिदिन की नई बेस मजदूरी तय की है. इसका मतलब है कि योजना के तहत किसी भी जगह तय की गई मजदूरी इससे कम नहीं होगी.
- उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और असम जैसे राज्यों में मजदूरी में 15 से 25 फीसदी तक बढ़ोतरी की गई है. अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में सबसे ज्यादा करीब 24.5 फीसदी बढ़ोतरी हुई है. वहीं हरियाणा में मजदूरी 409 रुपये, गोवा में 406 रुपये, केरल में 401 रुपये और सिक्किम के ऊंचाई वाले गांवों में 450 रुपये प्रतिदिन तय की गई है.
- VB G-RAM-G योजना लागू होने के बाद भी गांवों में चल रहे काम नहीं रुकेंगे. ग्राम पंचायत की भूमिका पहले की तरह बनी रहेगी. जल संरक्षण, खेती, गांव की सड़कों, दूसरी जरूरी सुविधाओं और महिलाओं को रोजगार देने वाले कामों पर खास ध्यान रहेगा.
- नई योजना को बिना किसी रुकावट के लागू करने के लिए केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 95,692.31 करोड रुपये की अंतरिम राशि जारी की है. इससे काम नहीं रुकेगा और मजदूरी समय पर मिल सकेगी.
- ग्रामीण विकास मंत्रालय के मुताबिक 29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने इस योजना के लिए बजट की व्यवस्था कर ली है. वहीं 24 राज्यों ने नई योजना को लागू करने की मंजूरी भी दे दी है. सरकार का कहना है कि सभी जरूरी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं.
- केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि कोई भी पात्र ग्रामीण मजदूर एक भी दिन काम से वंचित न रहे. नई योजना से गांवों में रोजगार बढ़ेगा, लोगों की कमाई मजबूत होगी और गांवों का विकास तेजी से होगा.
क्या है सरकार का मकसद?
सरकार का कहना है कि VB G-RAM-G योजना का मकसद सिर्फ रोजगार देना नहीं है. इसके जरिए गांवों में मजबूत ढांचा तैयार करना, लोगों की कमाई बढ़ाना, आजीविका को बेहतर बनाना और वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाना भी है.
अगर आप मनरेगा के लाभार्थी हैं और अभी तक नया VB G-RAM-G स्मार्ट जॉब कार्ड नहीं मिला है, तो आपका पुराना मनरेगा जॉब कार्ड फिलहाल पूरी तरह मान्य रहेगा और उसी पर काम मिलता रहेगा. वहीं नई योजना के तहत अब ज्यादा दिनों का रोजगार और पहले से ज्यादा मजदूरी का फायदा भी मिलेगा.
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