विज्ञापन

ट्रंप के सीजफायर वाले ऐलान के बाद अमेरिकी तेल के दाम धड़ाम! 15% से ज्यादा टूटा, देखें नई कीमतें

US oil price Down: अमेरिकी कच्चे तेल का वायदा 14.5% गिरकर 96.55 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया. हालांकि, यह कीमत अभी भी युद्ध शुरू होने के समय की तुलना में काफी अधिक है. इससे पहले, नियमित कारोबार के दौरान अमेरिकी शेयर बाजारों में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया था.

ट्रंप के सीजफायर वाले ऐलान के बाद अमेरिकी तेल के दाम धड़ाम! 15% से ज्यादा टूटा, देखें नई कीमतें
अमेरिकी कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट (AI फोटो)
  • डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर हमलों की धमकी को टालते हुए दो सप्ताह के संघर्ष विराम पर राजी हो गए हैं
  • ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने दो सप्ताह के संघर्ष विराम को स्वीकार कर होर्मुज खोलने की सहमति दी है
  • अमेरिकी कच्चे तेल का वायदा भाव 14.5 प्रतिशत गिरकर 96.55 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है
वॉशिंगटन:

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान पर विनाशकारी हमलों की अपनी धमकी को टालने के बाद तेल की कीमतों में भारी गिरावट आई और अमेरिकी शेयर वायदा (stock futures) बाजार उछल गया है. अमेरिकी कच्चे तेल के वायदा भाव में 15% से अधिक की कमी दर्ज की गई. अमेरिकी समयानुसार रात 8:05 बजे तक, S&P 500 का वायदा 2.2% ऊपर था, जबकि डॉव (Dow) वायदा में 930 अंक या 2% की बढ़त देखी गई.

ट्रंप ने मंगलवार देर रात कहा कि वह ईरानी पुलों, पावर प्लांट और अन्य नागरिक ठिकानों पर हमलों की अपनी धमकी को फिलहाल रोक रहे हैं. यह इस शर्त पर है कि तेहरान दो हफ्ते के संघर्ष विराम (ceasefire) और 'होर्मुज जलडमरूमध्य' को फिर से खोलने पर सहमत हो जाए. ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने कहा कि उसने दो सप्ताह के संघर्ष विराम को स्वीकार कर लिया है, और उनके विदेश मंत्री ने कहा कि अगले दो हफ्तों के लिए ईरानी सैन्य प्रबंधन के तहत जलडमरूमध्य से जहाजों को गुजरने की अनुमति दी जाएगी.

अमेरिकी कच्चे तेल का वायदा गिरकर 96.55 डॉलर प्रति बैरल पर आया

अमेरिकी कच्चे तेल का वायदा 14.5% गिरकर 96.55 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया. हालांकि, यह कीमत अभी भी युद्ध शुरू होने के समय की तुलना में काफी अधिक है. इससे पहले, नियमित कारोबार के दौरान अमेरिकी शेयर बाजारों में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया था. यह अनिश्चितता तब बढ़ी जब ट्रंप ने धमकी दी थी कि अगर ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने की उनकी समय सीमा (पूर्वी समय रात 8 बजे) को पूरा नहीं किया, तो "आज रात एक पूरी सभ्यता मर जाएगी, जो कभी वापस नहीं आएगी."

शुरुआत में S&P 500 में 1.2% तक की गिरावट आई थी, लेकिन कारोबार के अंत में बाजार संभल गया. यह सुधार तब आया जब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने ट्रंप से समय सीमा को दो सप्ताह और बढ़ाने का आग्रह किया और ईरान से भी जलडमरूमध्य खोलने की अपील की. S&P 500 ने अपना सारा नुकसान कवर किया और 0.1% की मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ. डॉव जोन्स 85 अंक या 0.2% नीचे गिरा, जबकि नैस्डैक 0.1% ऊपर रहा.

ये भी पढ़ें-अमेरिका और ईरान की जंग 2 हफ्ते के लिए रुकी, सीजफायर पर राजी दोनों देश, होर्मुज भी खुला

जंग की वजह से तेल की कीमतों में आया उछाल

फरवरी के अंत से ही वित्तीय बाजारों में ऐसे बड़े उतार-चढ़ाव देखे जा रहे हैं, क्योंकि इस बात पर गहरी अनिश्चितता बनी हुई है कि लड़ाई कब खत्म होगी. तेल की कीमतें भी अस्थिर रहीं. मई में डिलीवरी होने वाले अमेरिकी कच्चे तेल की कीमत एक समय $117 के पार चली गई थी, जो बाद में $112.95 पर स्थिर हुई. युद्ध की वजह से फारस की खाड़ी में तेल उत्पादन और परिवहन ठप होने से तेल की कीमतों में उछाल आया है. खाड़ी का अधिकांश तेल होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से दुनिया भर में पहुंचता है, लेकिन ईरान ने अपने दुश्मनों के लिए इसे बंद कर दिया था.

युद्ध की वजह से फारस की खाड़ी में तेल उत्पादन और परिवहन ठप होने से तेल की कीमतों में उछाल आया है. खाड़ी का अधिकांश तेल होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से दुनिया भर में पहुंचता है, लेकिन ईरान ने अपने दुश्मनों के लिए इसे बंद कर दिया था.

ट्रंप सीजफायर पर राजी, तेल की कीमतों में गिरावट

बाजार में डर यह था कि लंबे समय तक आपूर्ति बाधित रहने से तेल की कीमतें ऊंची रहेंगी, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था में महंगाई की एक दर्दनाक लहर आ जाएगी. ट्रंप ने ईरानी पावर प्लांटों को उड़ाने की धमकियां देकर और फिर बार-बार समय सीमा बढ़ाकर व्यापारियों को तनाव में रखा.एक साल पहले, ट्रंप ने आखिरकार उन सख्त टैरिफों (टैक्स) को वापस ले लिया था, जिन्हें उन्होंने अन्य देशों के आयात पर लगाने की धमकी दी थी. हालांकि वे उनके दूसरे कार्यकाल के शुरू होने से पहले की तुलना में अधिक रहे.

बॉन्ड मार्केट (Bond market) में, संभावित संघर्ष विराम की खबर से ट्रेजरी यील्ड (Treasury yields) में कमी आई. 10 साल की ट्रेजरी यील्ड मंगलवार की शुरुआत के 4.30% से गिरकर 4.24% पर आ गई. हालांकि, यह अभी भी युद्ध से पहले के 3.97% के स्तर से काफी ऊपर है. इस बढ़त ने अमेरिकी परिवारों और व्यवसायों के लिए मॉर्गेज (होम लोन) और अन्य ऋणों की दरों को बढ़ा दिया है, जिससे अर्थव्यवस्था की गति धीमी हो जाती है.
 

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Iran US Ceasefire, Iran Israel War, Donald Trump, Us Crude Oil Price Down, Hormuz Opens
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com