टेक इंडस्ट्री से हैरान करने वाली खबर सामने आई. अभी एक दिन पहले ही एआई सेक्टर की दिग्गज अमेरिकी कंपनी एंथ्रोपिक ने भारत को अपना दूसरा सबसे बड़ा मार्केट बताया था. इसके लिए वो आईटी कंपनी टीसीएस के साथ एक बड़ी डील करने जा रही थी. इस खबर से भारतीय डेवलपर्स के साथ कंपनियां खुश थीं. लेकिन सिर्फ 24 घंटे के अंदर ही इन सभी उम्मीदों को तगड़ा झटका लगा है. अमेरिकी सरकार के एक्सपोर्ट कंट्रोल आदेश के बाद एंथ्रोपिक के एडवांस और पावरफुल एआई टियर , क्लॉड फेबल 5 और क्लॉड मिथोस 5 का एक्सेस पूरी तरह से सस्पेंड कर दिया है.
ब्लूमबर्ग के अनुसार एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि कॉमर्स मिनिस्ट्री ने इस बैन के बारे में लेटर भेजा था. इसके बाद कंपनी ने सभी ग्राहकों के लिए दोनों सिस्टम बंद कर दिए हैं. ये पहली बार है जब अमेरिकी सरकार ने किसी अमेरिकी कंपनी के मॉर्डन एआई मॉडल तक विदेशी पहुंच को सीमित किया हो. इससे पहले बाइडेन और ट्रंप सरकार ने सेमीकंडक्टर और सुपरकंप्यूटर जैसी अहम तकनीकों की पहुंच को रोका था.
अमेरिकी सरकार ने क्यों लिया ये फैसला?
एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सरकार ने ये कदम नेशनल सिक्योरिटी और एडवांस टेक्नोलॉजी के आउट ऑफ कंट्रोल होते माहौल को रोकने के लिए उठाया. दरअसल क्लॉड मिथोस 5 और फेबल 5 जैसे सुपर एडवांस मॉडल्स की ताकत इतनी ज्यादा है कि इनका इस्तेमाल अहम कोडिंग, साइबर सिक्योरिटी में किया जा सकता है. अमेरिकी सरकार का मानना है कि इतनी पावरफुल टेक्नोलॉजी को बिना नियम के ग्लोबल मार्केट में नहीं उतारा जा सकता. भले ही वो देश अमेरिका के कितने भी करीब क्यों ना हो.
पूरे मामले पर एंथ्रोपिक ने क्या कहा?
इस पूरे मामले पर एंथ्रोपिक की तरफ से रिएक्शन आया है. कंपनी ने बताया कि सरकार ने ये फैसला इसलिए लिया क्योंकि नए मॉडल मिथोस के लेटेस्ट वर्जन फेबल 5 में लगे सिक्योरिटी सिस्टम को बायपास किया जा सकता है, जबकि इसे साइबर सेफ्टी से जुड़े कामों के लिए ही लाया गया था. हालांकि एंथ्रोपिक ने कहा कि छोटी तकनीकी खामी के लिए वैश्विक स्तर पर इसे बैन कर देना, ठीक नहीं है. इससे पूरी इंडस्ट्री में नए एआई मॉडल लॉन्च करना मुश्किल हो सकता है, क्योंकि हर मॉडल में कुछ ना कुछ तो खामियां होती ही हैं.
एंथ्रोपिक जल्द करे समाधान
अमेरिकी सराकर चाहती है कि एंथ्रोपिक इस मॉडल में मिली खामियों को जल्द से जल्द दूर करे. एक्स पर किए पोस्ट के अनुसार, "एंथ्रोपिक सेफ्टी से जुड़ी सभी समस्याओं का समाधान जल्दी करे, इसके बाद फेबल को फिर से आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा. हैरानी तो इस बात से है कि एंथ्रोपिक ने पहले से ही सेफ्टी नॉर्म्स का पालन क्यों नहीं किया."
भारतीय टेक सेक्टर पर इसका असर
देश के स्टार्टअप्स और एआई रिसर्च में इस फैसले का व्यापक असर देखने को मिल सकता है. मसलन, जो भारतीय रिसर्चर्स क्लॉ़ के इन एआई टूल्स के जरिए अपने प्रोजेक्ट्स पूरा कर रहे थे, अब उनका काम बीच में ही अटक गया. एंथ्रोपिक की योजना बड़े पैमाने पर इन मॉडल्स को भारतीय कंपनियों तक पहुंचाने की थी, अब इस पूरे प्लान को री-स्ट्रक्टर करना होगा. साथ ही इस खबर से एक बात तो साफ हो गई कि भारतीय टेक मार्केट को विदेशी एआई मॉडल्स पर पूरी तरह से निर्भर होने से बचना होगा.
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