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Gold Importers: भारत किस देश से कितना सोना खरीदता है? टॉप 5 कंट्री के नाम जान लें

India Gold Imports: भारत अपनी सोने की जरूरतों के लिए किस 5 देशों पर सबसे ज्यादा निर्भर है? स्विट्जरलैंड से लेकर यूएई तक, जानें आयात के आंकड़े और क्यों 2026 तक सोना $6,000 प्रति औंस के पार जा सकता है.

Gold Importers: भारत किस देश से कितना सोना खरीदता है? टॉप 5 कंट्री के नाम जान लें

India Gold Imports: भारत में सोने की डिमांड लगातार बढ़ती जा रही है. शादियों का सीजन हो या निवेश, भारतीयों की पहली पसंद गोल्ड बनती जा रही है. फिजिकल के साथ-साथ गोल्ड ईटीएफ में निवेशक अपना पैसा लगाते जा रहे हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि तिजोरी में चमकने वाला यह सोना किन देशों से होकर आप तक पहुंचता है? आज हम आपको इस खबर में बताते हैं कि उन 5 बड़े देशों के बारे में जिनसे भारत सबसे ज्यादा गोल्ड इंपोर्ट यानी खरीदता है.

स्विट्जरलैंड

बिना किसी शक के सबसे ज्यादा सोना स्विट्जरलैंड से देश आयात कर रहा है. स्विट्जरलैंड में शानदार रिफाइनरी मौजूद हैं, जिसकी वजह से यहां का सोना सबसे प्योर माना जाता है. साल 2024 में भारत ने सिर्फ स्विट्जरलैंड से 19.6 बिलियन डॉलर का सोना इंपोर्ट किया था.

संयुक्त अरब अमीरात

भारत और यूएई के बीच आर्थिक समझौतों होने के बाद व्यापार में कमाल की ग्रोथ देखी गई है. इसी बीच सरकार यूएई से करीब 80 मीट्रिक टन सोना आयात करने की तैयारी में है. दुबई की व्यापारिक नीतियां भारत के लिए इस देश को दूसरा सबसे बड़ा सोर्स बनाती हैं.

India Gold Imports

India Gold Imports

दक्षिण अफ्रीका

तीसरे नंबर पर दक्षिण अफ्रीका का नाम आता है.  कहा जाता है कि दक्षिण अफ्रीका का खदानों से सीधा कनेक्शन है. यहां सोने की विशाल खदानें मौजूद हैं. 2024 में दक्षिण अफ्रीका से भारत ने 6.35 बिलियन डॉलर का सोना मंगाया था. भारत के साथ मजबूत डिप्लोमेटिक रिलेशन ने इस बिजनेस को और आसान बनाया है.

ऑस्ट्रेलिया और पेरू

उभरते हुए बाजारों में शामिल ऑस्ट्रेलिया और पेरू का नंबर चौथे और पांचवें क्रम पर आता है. ऑस्ट्रेलिया बड़े भंडार की वजह से भारत का अहम पार्टनर है. वहीं, दक्षिण अमेरिकी देश पेरू भी समय-समय पर भारत की सोने की आपूर्ति में बड़ी भूमिका निभाता है.

क्या है 2026 का अनुमान?

मार्केट एक्सपर्ट का मानना है कि सोने की कीमतों में अभी की गिरावट केवल तूफान से पहले की शांति है. निवेशक इस समय मुनाफावसूली कर रहे हैं, जिससे कीमतों पर प्रेशर बन रहा है. लेकिन लंबी अवधि की तस्वीर बहुत अलग है. अगर वैश्विक परिस्थितियां इसी तरह बनी रहीं, तो 2026 के आखिर तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत $6,000 प्रति औंस तक पहुंच सकती है.

कीमतों में बढ़ोतरी की वजह

  • दुनिया भर में चल रहे वॉर और बिगड़ते संतुलन ने निवेशकों को डरा दिया है.
  • दुनिया भर के सेंट्रल बैंक अपने रिजर्व में सोने का भंडार लगातार बढ़ा रहे हैं.
  • बढ़ती महंगाई के खिलाफ सोना हमेशा से सबसे मजबूत ढाल रहा है.

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