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भारत बनेगा 'ट्रांसशिपमेंट हब', विझिनजाम पोर्ट में अदाणी ग्रुप कर रहा 30 हजार करोड़ का निवेश

Vizhinjam Port: विझिनजाम पोर्ट भारत की समुद्री रणनीति के लिए बेहद अहम है. अभी तक भारत के बहुत से कंटेनर विदेशी पोर्ट्स के जरिए आते-जाते हैं. विझिनजाम के बड़े स्तर पर विकसित होने से भारत अब खुद एक ग्लोबल हब बनेगा

भारत बनेगा 'ट्रांसशिपमेंट हब', विझिनजाम पोर्ट में अदाणी ग्रुप कर रहा 30 हजार करोड़ का निवेश

Vizhinjam Port: केरल के समुद्री इतिहास में आज एक नया अध्याय जुड़ गया है. तिरुवनंतपुरम में मौजूद विझिंजम बंदरगाह (Vizhinjam Seaport) के विकास का दूसरा चरण आधिकारिक तौर पर शुरू हो गया है. इस मौके पर अदाणी पोर्ट्स के एमडी करण अदाणी ने बड़ी घोषणाएं करते हुए बताया कि यह बंदरगाह आने वाले समय में न केवल भारत का बल्कि भारतीय उपमहाद्वीप का सबसे बड़ा और आधुनिक ट्रांसशिपमेंट हब बनेगा.

इस विस्तार का मुख्य उद्देश्य विझिंजम पोर्ट को भारतीय उपमहाद्वीप का सबसे बड़ा ट्रांसशिपमेंट हब बनाना है. दूसरे चरण के पूरा होने से बंदरगाह की क्षमता में 4.1 मिलियन TEUs की बढ़ोत्तरी होगी. यह भारत का सबसे उन्नत और पूरी तरह से ऑटोमेटेड बंदरगाह है. दूसरे चरण में यहां 21 हाई-टेक ऑटोमेटिक क्रेनें और 45 रेल-माउंटेड गेंट्री क्रेनें लगाई जाएंगी.

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'केरल में अब तक का सबसे बड़ा निवेश'

करण अदाणी ने बताया कि विझिनजाम पोर्ट के दूसरे चरण के लिए अदाणी ग्रुप 16 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश करेगा. अगर दोनों चरणों को मिला दिया जाए, तो कुल निवेश 30 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा. यह केरल के इतिहास में किसी भी बिजनेस ग्रुप द्वारा किया गया अब तक का सबसे बड़ा निवेश है.

'2029 तक बढ़ जाएगी क्षमता'

करण अदाणी ने आगे जानकारी देते हुए कहा, "बहुत कम समय में विझिंजम ने दिखाया है कि जब विजन, एग्जीक्यूशन और साझेदारी एक साथ आते हैं तो क्या संभव है. केवल 15 महीनों के कमर्शियल ऑपरेशन में यह एक मिलियन TEUs को संभालने वाला सबसे तेज भारतीय बंदरगाह बन गया, जिससे केरल वैश्विक शिपिंग मैप पर मजबूती दिखा रहा है. साल 2029 तक पोर्ट की क्षमता को 10 लाख से बढ़ाकर 57 लाख TEUs करने का लक्ष्य है. यह भारत का सबसे हाई-टेक और स्मार्ट पोर्ट होगा, जो भविष्य के दूसरे बंदरगाहों के लिए एक मिसाल बनेगा."

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करण अदाणी ने प्रोजेक्ट की सफलता पर कहा, सीएम पिनाराई विजयन के निरंतर सहयोग के बिना यह प्रोजेक्ट पूरा करना संभव नहीं था. उन्होने पूर्व सीएम ओमान चांडी को भी याद किया, जिन्होंने इस विजन की नींव रखी थी.

भारत के लिए क्यों जरूरी विझिनजाम पोर्ट?

विझिनजाम पोर्ट भारत की समुद्री रणनीति के लिए बेहद अहम है. अभी तक भारत के बहुत से कंटेनर विदेशी पोर्ट्स के जरिए आते-जाते हैं. विझिनजाम के बड़े स्तर पर विकसित होने से भारत अब खुद एक ग्लोबल हब बनेगा, जिससे विदेशी मुद्रा की बचत होगी और रोजगार के हजारों नए अवसर पैदा होंगे.

(Disclaimer: New Delhi Television is a subsidiary of AMG Media Networks Limited, an Adani Group Company.)

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