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RBI ने इस NBFC पर ठोका जुर्माना, गिरवी गोल्‍ड पर गड़बड़ी पड़ी भारी! पूरा मामला समझ लें, आपके भी काम आएगा

Gold Loan Guidelines: नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनी IIFL फाइनेंस ने गोल्‍ड लोन लेने वाले ग्राहकों के साथ कुछ ऐसा किया, जो बैंक रेगुलेटर RBI के संज्ञान में आई और केंद्रीय बैंक ने IIFL पर कार्रवाई का चाबुक चला डाला.

RBI ने इस NBFC पर ठोका जुर्माना, गिरवी गोल्‍ड पर गड़बड़ी पड़ी भारी! पूरा मामला समझ लें, आपके भी काम आएगा
RBI Fines IIFL over Gold Loan Rules: केंद्रीय बैंक ने IIFL पर की बड़ी कार्रवाई

RBI Gold Loan Rules: किसी ने आपके पास सोना गिरवी रख के 10 लाख का लोन लिया. समय पर लोन नहीं चुका पाने पर आपने सोने के गहनों को बाजार में बेचा. इससे आपको 16 लाख रुपये मिले, जबकि आपका ब्‍याज जोड़कर 13.50 लाख रुपये तक बनता था. ऐसे में आपको कायदे से क्‍या करना चाहिए. जाहिर है कि अपने 13.50 लाख रुपये रख के बाकी के 2.50 लाख रुपये उसे लौटा देना चाहिए. आपने ऐसा नहीं किया तो ये गलत ही होगा न! ऐसा ही कुछ किया नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनी IIFL फाइनेंस ने. ये बात बैंक रेगुलेटर RBI के संज्ञान में आई और केंद्रीय बैंक ने IIFL पर कार्रवाई का चाबुक चला डाला. पूरी खबर जान लीजिए, डिटेल में. ताकि भविष्‍य में कभी आपके या आपके जाननेवालों के साथ ऐसा न हो. 

RBI ने लगाया 3.1 लाख का जुर्माना 

भारतीय रिजर्व बैंक ने IIFL फाइनेंस पर नियमों के पालन में कुछ कमियों के लिए 3.1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. ये जुर्माना 'मास्टर डायरेक्शन - भारतीय रिजर्व बैंक (NBFC-Scale Based Regulation)' के कुछ प्रावधानों का पालन नहीं करने के लिए लगाया गया है. एक बयान में, केंद्रीय बैंक ने कहा कि IIFL फाइनेंस का 31 मार्च, 2025 तक की उसकी वित्तीय स्थिति के संदर्भ में एक वैधानिक निरीक्षण किया गया था.

आरबीआई ने कहा, 'रिजर्व बैंक के निर्देशों का पालन नहीं करने के संबंध में निगरानी निष्कर्षों और उससे जुड़े पत्राचार के आधार पर, कंपनी को एक नोटिस जारी किया गया था. इसमें कंपनी से पूछा गया था कि उक्त निर्देशों का पालन नहीं करने के लिए उस पर जुर्माना क्यों नहीं लगाया जाना चाहिए.'

एक्‍सट्रा पैसे लौटाए नहीं, दलील भी काफी नहीं 

नोटिस पर कंपनी के जवाब और व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान दी गई मौखिक दलीलों पर विचार करने के बाद, रिजर्व बैंक ने पाया कि कंपनी के खिलाफ आरोप सही साबित हुए. इसके कारण जुर्माना लगाना जरूरी हो गया.

रिजर्व बैंक ने कहा, 'कंपनी गिरवी रखे गए सोने के सामान की नीलामी से मिली अतिरिक्त राशि... जो बकाया ऋण से ज्यादा थी, कुछ उधारकर्ताओं को देने में विफल रही थी.'

रिजर्व बैंक की एक और कार्रवाई 

केंद्रीय बैंक ने एपनिट टेक्नोलॉजीज पर भी 'अपने ग्राहक को जानें' (KYC) और 'प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट्स' (PPI) पर जारी कुछ निर्देशों का पालन नहीं करने के लिए 5.8 लाख रुपये का जुर्माना लगाया.

रिजर्व बैंक ने कहा कि कंपनी ने आधार ओटीपी-आधारित E-KYC का उपयोग करके खोले गए PPI खातों को, KYC निर्देशों के अनुसार पहचान प्रक्रिया पूरी किए बिना एक वर्ष से अधिक समय तक जारी रहने दिया.

बैंक ने कहा कि एपनिट टेक्नोलॉजीज खातों के जोखिम वर्गीकरण की समय-समय पर समीक्षा करने की प्रणाली लागू करने में भी विफल रही.

दोनों ही मामलों में, रिजर्व बैंक द्वारा लगाए गए जुर्माने, वैधानिक और विनियामक नियमों के पालन में पाई गई कमियों पर आधारित हैं. इनका उद्देश्य कंपनियों द्वारा अपने ग्राहकों के साथ किए गए किसी भी लेनदेन या समझौते की वैधता पर कोई फैसला देना नहीं है.

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