RBI New Rules 2026 for NBFC: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों (NBFC) को बड़ी राहत देते हुए ब्रांच खोलने से जुड़े नियम आसान कर दिए हैं. अब ज्यादातर मामलों में NBFC कंपनियां बिना पहले से अनुमति लिए नई शाखाएं खोल सकेंगी. हालांकि इसके लिए RBI को सूचना देना जरूरी होगा. इस फैसले का मकसद NBFC कंपनियों को कारोबार बढ़ाने में मदद करना और ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस को मजबूत करना है.
नई गाइडलाइन्स लागू होते ही देशभर में NBFC कंपनियों के लिए विस्तार करना आसान हो जाएगा. साथ ही RBI ने डिपॉजिट लेने वाली कंपनियों, गोल्ड लोन कंपनियों और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों के लिए अलग-अलग शर्तें भी तय की हैं.
NBFCs अब बिना प्री-अप्रूवल खोल सकेंगी शाखाएं
RBI की नई संशोधित ब्रांच ऑथराइजेशन गाइडलाइन्स के तहत अब सामान्य तौर पर NBFC कंपनियों को नई शाखा खोलने से पहले RBI की अनुमति लेने की जरूरत नहीं होगी. कंपनियां सीधे शाखा खोल सकती हैं, लेकिन इसके बारे में RBI को जानकारी देना जरूरी रहेगा.इस कदम से NBFC कंपनियों को अपना नेटवर्क तेजी से बढ़ाने में मदद मिलेगी और वे ज्यादा ग्राहकों तक पहुंच बना सकेंगी.
डिपॉजिट लेने वाली NBFC कंपनियों के लिए अलग शर्तें
RBI ने डिपॉजिट लेने वाली NBFC कंपनियों के लिए उनकी वित्तीय स्थिति के आधार पर अलग-अलग नियम तय किए हैं.जिन NBFC कंपनियों का Net Owned Fund (NOF) 50 करोड़ रुपये तक है या जिनकी क्रेडिट रेटिंग AA से कम है, वे केवल उसी राज्य के भीतर नई शाखाएं खोल सकेंगी जहां उनका रजिस्टर्ड ऑफिस मौजूद है.वहीं जिन कंपनियों का NOF 50 करोड़ रुपये से ज्यादा है और क्रेडिट रेटिंग AA या उससे बेहतर है, उन्हें पूरे देश में कहीं भी शाखाएं खोलने की अनुमति दी गई है.
RBI को सूचना देना जरूरी, 30 दिन में आगे बढ़ सकेगा प्रोसेस
नई शाखा खोलने के लिए NBFC कंपनियों को RBI को जानकारी देनी होगी. अगर 30 दिनों के भीतर कोई आपत्ति नहीं आती है, तो कंपनी अपनी शाखा खोलने की प्रक्रिया आगे बढ़ा सकती है.इसके लिए आवेदन PRAVAAH पोर्टल के जरिए करना होगा.
हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों के लिए भी जारी हुए निर्देश
हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों (HFCs) को भारत में नई शाखा खोलने से पहले नेशनल हाउसिंग बैंक(NHB) को सूचना देना जरूरी होगा.हालांकि, इन कंपनियों को विदेश में शाखाएं खोलने की अनुमति नहीं दी गई है.
गोल्ड लोन देने वाली कंपनियों के लिए बदला नियम
जो NBFC-ICC कंपनियां गोल्ड लोन देती हैं, उनके लिए RBI ने खास नियम बनाए हैं. ऐसी कंपनियों को 1,000 से ज्यादा शाखाएं खोलने से पहले RBI की पूर्व अनुमति लेनी होगी.इसके अलावा, गिरवी रखे गए सोने की सुरक्षित स्टोरेज और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना भी अनिवार्य होगा.
विदेश में प्रतिनिधि कार्यालय खोलने पर भी लागू होंगे नियम
NBFC कंपनियों को विदेश में प्रतिनिधि कार्यालय (Representative Office) खोलने के लिए RBI की पहले से अनुमति लेनी होगी.इन कार्यालयों में केवल रिसर्च और संपर्क (liaison) से जुड़े काम किए जा सकेंगे. यहां से किसी तरह का फंड ट्रांजैक्शन नहीं किया जा सकेगा.
शाखा बंद करने से पहले देना होगा 3 महीने का नोटिस
अगर कोई NBFC अपनी शाखा बंद करना चाहती है, तो उसे कम से कम 3 महीने पहले अखबारों में सार्वजनिक सूचना देनी होगी.साथ ही इसकी जानकारी RBI या National Housing Bank को भी देनी जरूरी होगी.
पुराने नियम खत्म, नई गाइडलाइन्स तुरंत लागू
RBI ने साफ किया है कि नई ब्रांच ऑथराइजेशन गाइडलाइन्स लागू होने के साथ ही पुराने नियम समाप्त हो गए हैं. हालांकि पहले के नियमों के तहत जो कार्रवाई पहले से चल रही थी, वह जारी रहेगी.RBI का कहना है कि इन बदलावों से NBFC सेक्टर में पारदर्शिता बढ़ेगी, नियमन मजबूत होगा और कंपनियों का विस्तार संतुलित तरीके से हो सकेगा.
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