विज्ञापन

बजट 2026: दिल्ली से वाराणसी समेत 7 नए हाईस्पीड रेलवे कॉरिडोर का हुआ ऐलान, जानें इसमें कौन से शहर शामिल

Rail Budget LIVE: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कुछ ही देर में बजट पेश करने वाली हैं. इस बजट से रेलवे को काफी उम्मीदे हैं. रेलवे के लिए कई बड़ी घोषणाएं हो सकती हैं.

बजट 2026: दिल्ली से वाराणसी समेत 7 नए हाईस्पीड रेलवे कॉरिडोर का हुआ ऐलान, जानें इसमें कौन से शहर शामिल
  • वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जल्द ही 2026-27 का बजट पेश करेंगी, जिसमें रेलवे के लिए भी घोषणाएं शामिल होंगी
  • कोविड के बाद बंद हुई सीनियर सिटीजंस को रेलवे टिकटों पर मिलने वाली छूट इस बजट में शुरू होने की संभावना है
  • रेलवे सुरक्षा पर खर्च बढ़ाकर लगभग एक लाख तीस हजार करोड़ रुपये से अधिक करने की उम्मीद है
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
नई दिल्ली:

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बजट भाषण शुरू हो गया है. 2026-27 के बजट से रेलवे को काफी उम्मीदें हैं. पहले सरकार केंद्रीय बजट के अलावा रेल बजट भी पेश करती थी. लेकिन 2017 से रेल बजट को केंद्रीय बजट में ही शामिल कर लिया गया. 2026 के बजट में रेलवे के लिए कई बड़े ऐलान होने की उम्मीद है. बजट से ये भी उम्मीद है कि इसमें सीनियर सिटीजंस को रियायतें और ज्यादा आधुनिक ट्रेनों जैसी यात्रियों की मांगों पर भी ध्यान दिया जा सकता है.

रेलवे के लिए क्या ऐलान?

7 हाईस्पीड रेल कॉरिडोर बनाए जाएंगे. ये ऐसे शहरों से जोड़े जाएंगे जो ग्रोथ को बढ़ावा देने वाले हैं. ये कॉरिडोर- मुंबई से पुणे, पुणे से हैदराबाद, हैदराबाद से बेंगलुरु, हैदराबाद से चेन्नई, चेन्नई से बेंगलुरु, दिल्ली से वाराणसी और वाराणसी से सिल्लीगुड़ी तक बनेंगे.

रेल बजट से 5 बड़ी उम्मीदें:-

  1. सीनियर सिटीजंस को रियायत: इस बार के रेल बजट से यात्रियों की सबसे बड़ी उम्मीदों में से एक सीनियर सिटीजंस के लिए टिकट रियायतों से जुड़ी है. सीनियर सिटीजंस को पहले टिकट पर छूट मिलती थी लेकिन कोविड के दौरान इसे वापस ले लिया गया था. पहले 60 साल और उससे ज्यादा उम्र के पुरुषों को 40% और 58 साल से ज्यादा उम्र की महिलाओं को 50% छूट मिलती थी. 
  2. सेफ्टी: 2026 में सेफ्टी का मुद्दा हावी रहने की उम्मीद है और सरकार इसके लिए आवंटन बढ़ा सकती है. अलग-अलग रिपोर्ट के अनुसार, रेल सुरक्षा पर खर्च 1.3 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो सकता है. साथ ही रेलवे के कैपिटल एक्सपेंडिचर में लगभग 10% की बढ़ोतरी होने की उम्मीद है, जो 2025 के 2.52 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर लगभग 2.75 लाख करोड़ रुपये हो सकता है.
  3. कवच 4.0: 30 जनवरी को ही रेलवे ने तीन सेक्शन में अपने स्वदेशी ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम कवच 4.0 को 472.3 किलोमीटर के रूट पर शुरू किया है. इस बार बजट में कवच की फंडिंग में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है और मंत्रालय को 18 हजार किलोमीटर ट्रैक तक कवच 4.0 कवरेज के लिए पैसा मिल सकता है.
  4. वंदे भारत के स्लीपर ट्रेन: रेलवे बजट में 24-कोच वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के फुल-स्केल प्रोडक्शन को सपोर्ट मिलने की उम्मीद है. इन्हें लंबे रूट पर राजधानी एक्सप्रेस सेवाओं को बदलने के लिए डिज़ाइन किया गया है और इनमें पैंट्री कार के साथ-साथ एडवांस्ड सेफ्टी फीचर्स भी होने की उम्मीद है.
  5. नॉन-एसी कोच: जुलाई 2025 में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद को बताया था कि ट्रेनों में नॉन-एी कोच का हिस्सा बढ़कर लगभग 70% हो गया है. उन्होंने यह भी कहा था कि अगले 5 साल में 17,000 नॉन-एसी जनरल और स्लीपर कोच जोड़ने पर काम चल रहा है. उम्मीद है कि इस बजट में इस प्लान को औपचारिक रूप दिया जाएगा.

आम बजट में ही रेल बजट

साल 1924 से रेल बजट को आम बजट से अलग पेश किया जाता था. आजादी के बाद भी यही परंपरा रखी गई. 2014 में मोदी सरकार आने के बाद 2016 तक तो रेल बजट को अलग से ही पेश किया गया. लेकिन 2017 के बजट में रेल बजट को आम बजट का हिस्सा बना दिया गया. तब से रेल बजट को आम बजट के साथ ही पेश किया जाता है.

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com