प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 4 जुलाई को पचपदरा आएंगे. वे यहां HRRL रिफाइनरी का उद्घाटन करेंगे. एनर्जी इंफ्रा में देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में इस रिफाइनरी ने एक 'मील का पत्थर' जोड़ा है. ये प्रोजेक्ट भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है और साथ ही क्षेत्र के लोगों के लिए नए अवसर और बेहतर जीवन की उम्मीद लेकर आई है.
ये रिफाइनरी भारत की दूसरे देशों पर निर्भरता को और कम करने के साथ देश की तेल निर्यात करने की क्षमता बढ़ाएगी. 487 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन के जरिए रिफाइनरी को सीधा मुंद्रा पोर्ट से कनेक्ट किया गया है. रूस और खाड़ी देशों से आयातित तेल सीधा यहां रिफाइन होने आ सकेगा. रिफाइनरी से जहां एक ओर राजस्थान सरकार को 5 हजार करोड़ की सालाना आय होगी तो वहीं स्थानीय लोगों का जीवन भी बेहतर हो रहा है.

एफिल टॉवर से 40 गुना ज्यादा स्टील से बनी
देश को ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी बनाने वाली ये रिफाइनरी इंजीनियरिंग और आर्किटेक्चर का भी अनूठा नमूना है. रिफाइनरी का विशाल और जटिल स्ट्रक्चर भारतीय इंजीनियरों के कौशल को दर्शाता है. रिफाइनरी को बनाने में करीब 3 लाख मीट्रिक टन स्टील का इस्तेमाल हुआ है, जो एफिल टॉवर बनाने में इस्तेमाल स्टील से 40 गुना है. बुर्ज खलीफा से 5 गुना ज्यादा कंक्रीट से इस रिफाइनरी का निर्माण हुआ है. वहीं, रिफाइनरी में करीब 28 हजार किलोमीटर केबल से सभी काम हुए हैं. इतनी केबल से पृथ्वी को दो बार लपेटा जा सकता है.

रिफाइनरी के उद्घाटन की टाइमिंग अहम
पचपदरा की इस रिफाइनरी में जिस समय से प्रोडक्शन शुरू होने वाला है. यह समय उसकी सार्थकता को और बढ़ा देता है. यूरोपीय देशों में स्थित रिफाइनरियां 2030 तक बंद होने की कगार पर है. वुड मैकेंज़ी की रिपोर्ट के मुताबिक, 2035 तक पूरे विश्व में 101 रिफाइनरी बंद हो सकती है. यह वर्तमान क्षमता का 21 प्रतिशत है.

चीन के शेडोंग प्रांत में स्थित रिफाइनरियां भी संकट से जूझ रही है. जनवरी 2025 में करीब 18 मिलियन टन सालाना उत्पादन की क्षमता वाले चार प्लांट बंद हो चुके हैं. ऐसे दौर में पचपदरा की यह रिफाइनरी वैश्विक स्तर पर भारत को अग्रणी बनाएगी. वैश्विक जरूरतों को पूरा करने के लिए भारत एक मजबूत दावेदार बनेगा. इससे भारतीय अर्थव्यवस्था में मजबूती मिलेगी.
अत्याधुनिक रिफाइनरी
पचपदरा रिफाइनरी का नेल्सन इंडेक्स 17.0 है, जबकि वैश्विक रिफाइनरियों का औसत नेल्सन इंडेक्स 8 से 10 ही है. नेल्सन इंडेक्स 1 से 20 के बीच किसी भी रिफाइनरी की क्रूड ऑयल से बेहतर प्रोडक्ट उत्पन्न करने की क्षमता को दर्शाता है. साथ ही, 26 प्रतिशत पेट्रोकेमिकल इंटेंसिटी इंडेक्स है.

रिफाइनरी से BS VI वाहनों के अनुरूप ईंधन के साथ साथ पॉलिट्रोपिलीन, पॉलीथिलेन, बेंजीन, बूटडिन जैसे अन्य पदार्थ बनाए जाएंगे. रिफाइनरी से ये सभी पेट्रोकेमिकल उत्पाद भी बनाए जा सकेंगे.
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