PM Modi appeal on International Travel: मिडिल ईस्ट में बढ़ती टेंशन और दुनिया में बनी अनिश्चितता के बीच पीएम मोदी ने लोगों से देश की विदेशी मुद्रा भंडार को बचाने की अपील की है. उन्होंने कहा है कि ऐसे समय में हर कदम सोच‑समझकर उठाना चाहिए, जिसके तहत पीएम ने लोगों से सोना ना खरीदने, फ्यूल की बचत करने और फिलहाल विदेश यात्राओं से बचने को कहा.
विदेश जाने का इरादा बदला
दिल्ली की ट्रैवल एजेंसी टेलीपोर्टर्स ट्रैवल सॉल्यूशंस एलएलपी के मैनेजिंग पार्टनर गुरिंदर बावा इसका अच्छा उदाहरण हैं. वो अगले महीने अपने परिवार के साथ यूके जाने वाले थे, लेकिन अभी उन्होंने ये यात्रा टाल दी है. उनका कहना है कि प्रधानमंत्री की सलाह बिल्कुल सही है, क्योंकि मौजूदा संकट के समय में विदेश यात्रा करना काफी महंगा साबित हो रहा है और आम लोगों की जेब पर भारी पड़ रहा है.
टिकट और पैकेज में भारी उछाल
मिडल ईस्ट में चल रहे संकट का सीधा असर एविएशन सेक्टर पर पड़ा है. ट्रैवल एक्सपर्ट गुरिंदर बावा के अनुसार, इस हालात की वजह से अंतरराष्ट्रीय हवाई टिकटों के दाम करीब 50% तक बढ़ गए हैं, जबकि विदेशी टूर पैकेज की कीमतें तो दोगुनी यानी 100% तक महंगी हो गई हैं. इसकी सबसे बड़ी वजह युद्ध की वजह से एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) का महंगा होना है. इसके अलावा, सेफ्टी कंसर्न से फ्लाइट्स को लंबे रूट लेने पड़ रहे हैं, जिससे उड़ान का समय और दूरी बढ़ गई है. नतीजतन, एयरलाइंस की लागत काफी बढ़ गई है और उसका बोझ सीधे यात्रियों की जेब पर पड़ रहा है.
2023-24 में विदेश यात्राओं में भारतीयों का कुल खर्च 2.72 लाख करोड़ रुपए था, जो 2025-26 में 3.65 लाख करोड़ रुपए हो गया. यानी भारतीयों ने विदेशों में खर्च बढ़ा दिया है.
विदेशी यात्रा ना करने से भारत को क्या फायदा
अगर भारतीय लोग विदेश घूमने के बजाय अपने ही देश में घूमना पसंद करें, तो इससे भारत की अर्थव्यवस्था को बड़ा फायदा हो सकता है. हर साल विदेश यात्राओं पर जो अरबों डॉलर खर्च होते हैं, वही पैसा देश के अंदर ही रह जाएगा. इससे रुपये की स्थिति मजबूत होगी और व्यापार घाटा भी कम होगा. अगर करीब 2.7 लाख करोड़ रुपये में से सिर्फ आधा पैसा भी कश्मीर, कन्याकुमारी, पूर्वोत्तर या लक्षद्वीप जैसे घरेलू पर्यटन स्थलों पर खर्च हो, तो देश के होटल, एयरलाइंस और स्थानीय कारीगरों को सीधे करीब 1.35 लाख करोड़ रुपये का फायदा मिलेगा. घरेलू पर्यटन बढ़ने से स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा, जैसे टूर गाइड, टैक्सी ड्राइवर, होमस्टे चलाने वाले और छोटे व्यवसाय. यानी देश में घूमने से पैसा भी देश में ही रहेगा और आम लोगों की आमदनी भी बढ़ेगी.
भारतीय टूरिस्ट घूमने के लिए सबसे ज्यादा कहां-कहां जाते हैं ?
2024 में भारतीय सबसे ज्यादा थाईलैंड (13%), यूएई (10%) और USA (6%) देश घूमने गए. रिपोर्ट और सर्वे के अनुसार, विदेश जाने वाले लगभग 48% यात्री मिलेनियल्स और Gen Z हैं.
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