केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के GDP आंकड़ों पर सवाल उठाने वालों को कड़ी प्रतिक्रिया दी है. बुधवार को ऑटोमोटिव कंपोनेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ACMA) के वार्षिक सत्र में उन्होंने विपक्षी दलों और पूर्व वित्त सचिव एस.सी. गर्ग के दावों को लेकर तीखी टिप्पणी की.
गोयल ने कहा कि कुछ लोग आर्थिक आंकड़ों की गलत तुलना कर देश की जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं. उनके मुताबिक GDP के आकलन में बेस ईयर बदल चुका है, लेकिन आलोचक पुराने पैमानों से तुलना कर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं.
बयान में क्या बोले पियूष गोयल?
पीयूष गोयल ने कहा, "मैंने टीवी पर कुछ विपक्षी नेताओं को देखा, जिनमें संभवतः एक पूर्व वित्त सचिव या पूर्व RBI गवर्नर भी शामिल थे, जो भारत में अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर सके थे. उन्हें तो तुलना करना भी नहीं आता. वे विकास दर की तुलना पुराने आंकड़ों से करके भारत की जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि बेस ईयर ही बदल गया है. वे इसमें खामियां ढूंढने की कोशिश कर रहे हैं और पूछ रहे हैं कि नौकरियां कहां हैं?" उन्होंने आगे कहा कि कुछ लोग देश की आर्थिक प्रगति को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं और लगातार नकारात्मक माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं.
GDP आंकड़ों को लेकर क्यों छिड़ा विवाद?
सांख्यिकी मंत्रालय के अनुसार वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भारत की GDP वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रही है. वहीं पूर्व वित्त सचिव एस.सी. गर्ग ने दावा किया है कि वास्तविक GDP वृद्धि दर केवल 2.6 प्रतिशत है. इसी मुद्दे को लेकर हाल के दिनों में आर्थिक आंकड़ों की विश्वसनीयता पर बहस तेज हो गई है. सरकार का कहना है कि नए बेस ईयर और संशोधित पद्धति को ध्यान में रखकर ही आंकड़ों का मूल्यांकन किया जाना चाहिए.
FTA को बताया बड़ा अवसर
अपने संबोधन में पीयूष गोयल ने भारतीय उद्योगों को वैश्विक स्तर पर विस्तार करने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि अब भारतीय कंपनियों को विदेशों में उत्पादन और निवेश बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए.
मंत्री ने आगे कहा, "अब समय आ गया है कि हम वैश्विक स्तर पर विस्तार करें, वैश्विक स्तर पर उत्पादन शुरू करें. विकासशील देशों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएं. प्रधानमंत्री के नेतृत्व में पिछले 4-5 वर्षों में हमने 9 व्यापार समझौतों को अंतिम रूप दिया है, जिनमें 38 विकसित देश शामिल हैं, जिनका कुल सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 60 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर है.
2014 से पहले के सभी मुक्त व्यापार समझौतों का आज के मूल्य के अनुसार कुल जीडीपी 10 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर था. और मोदी सरकार के नेतृत्व में पिछले 4.5 से 5 वर्षों में किए गए 9 समझौतों से हमें 60 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर के जीडीपी वाले दोतरफा बाजार तक पहुंच प्राप्त हुई है. इन सभी 38 देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते संपन्न देशों के साथ हुए हैं".
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