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ग्लोबल टेंशन के चलते PhonePe IPO की लिस्टिंग पर लगा ब्रेक, मार्केट में मचे हाहाकार के बीच कंपनी ने लिया ये बड़ा फैसला

PhonePe IPO: फोनपे के सीईओ समीर निगम ने कहा कि जैसे ही ग्लोबल मार्केट में शांति और स्थिरता आएगी, कंपनी लिस्टिंग की प्रक्रिया फिर से शुरू करेगी. उन्होंने साफ किया कि फोनपे भारत में ही लिस्ट होने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.

ग्लोबल टेंशन के चलते PhonePe IPO की लिस्टिंग पर लगा ब्रेक, मार्केट में मचे हाहाकार के बीच कंपनी ने लिया ये बड़ा फैसला
PhonePe IPO Update: कंपनी ने कदम पीछे खींचते हुए IPO की लिस्टिंग प्लान को होल्ड कर दिया है.
नई दिल्ली:

अगर आप डिजिटल पेमेंट के लिए फोनपे (PhonePe) का इस्तेमाल करते हैं या इसके शेयर बाजार में आने का इंतजार कर रहे थे, तो आपके लिए एक बड़ी खबर है. देश की दिग्गज फिनटेक कंपनी फोनपे ने अपनी लिस्टिंग यानी इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) के प्लान को फिलहाल के लिए टाल दिया है. दुनिया भर में चल रहे युद्ध और बाजार की भारी उठापटक को देखते हुए कंपनी ने यह बड़ा फैसला लिया है.

अभी नहीं आएगा फोनपे का IPO, ये है बड़ी वजह

सोमवार, 16 मार्च को फोनपे ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की कि मौजूदा भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions) और शेयर बाजार में मची अस्थिरता के कारण कंपनी ने आईपीओ की प्रक्रिया को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया है. 

फोनपे के सीईओ समीर निगम ने कहा कि जैसे ही ग्लोबल मार्केट में शांति और स्थिरता आएगी, कंपनी लिस्टिंग की प्रक्रिया फिर से शुरू करेगी. उन्होंने साफ किया कि फोनपे भारत में ही लिस्ट होने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.

65 करोड़ से ज्यादा यूजर्स का भरोसा

फोनपे आज भारत के घर-घर में पहचाना जाने वाला नाम बन चुका है. 30 सितंबर 2025 तक के आंकड़ों के अनुसार, फोनपे के पास 65 करोड़ से अधिक रजिस्टर्ड यूजर्स हैं. इतना ही नहीं, कंपनी का डिजिटल पेमेंट नेटवर्क 4.7 करोड़ से ज्यादा मर्चेंट्स तक फैला हुआ है. साल 2016 में लॉन्च हुई यह कंपनी आज डिजिटल ट्रांजैक्शन के मामले में मार्केट लीडर बनी हुई है.

पेमेंट को आसान बनाएगा 'फोनपे पीजी बोल्ट'

भले ही आईपीओ में देरी हो, लेकिन कंपनी टेक्नोलॉजी के मामले में लगातार आगे बढ़ रही है. इसी साल जनवरी में कंपनी ने PhonePe PG Bolt फीचर लॉन्च किया था. यह खास तौर पर वीजा (Visa) और मास्टरकार्ड (Mastercard) यूजर्स के लिए है. इसकी मदद से यूजर्स को हर मर्चेंट ऐप पर जाकर बार-बार अपने कार्ड की डिटेल नहीं डालनी होगी. डिवाइस टोकनाइजेशन के जरिए एक बार कार्ड सेव करने के बाद आप सिक्योर तरीके से पेमेंट कर पाएंगे.

बिना CVV के होगा सिक्योर पेमेंट

इस नए सिस्टम की सबसे बड़ी खूबी यह है कि एक बार कार्ड टोकनाइज (Tokenize) होने के बाद, आपको उसी डिवाइस पर दोबारा ट्रांजैक्शन करने के लिए CVV नंबर डालने की जरूरत नहीं होगी. यह न सिर्फ आपका समय बचाएगा, बल्कि पेमेंट प्रोसेस के दौरान होने वाले  ड्रॉप-ऑफ को भी कम करेगा. पेमेंट के दौरान आपको किसी बाहरी पेज पर रीडायरेक्ट नहीं किया जाएगा, जिससे धोखाधड़ी का खतरा भी कम हो जाता है.

फोनपे के चीफ बिजनेस ऑफिसर युवराज सिंह शेखावत ने बताया कि 'फोनपे पीजी बोल्ट' लाखों भारतीयों के लिए डिजिटल पेमेंट को सरल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है. यह फीचर व्यापारियों के लिए बिजनेस बढ़ाना आसान बनाएगा और ग्राहकों को एक सुरक्षित, वन-क्लिक पेमेंट एक्सपीरिएंस देगा.
 

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