सरकार ने पद्म पुरस्कार 2026 की घोषणा कर दी है. इस बार की लिस्ट में खास तौर पर ऐसे नाम शामिल हैं, जिन्होंने देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ साथ समाज के जरूरतमंद लोगों के लिए भी काम किया है. गणतंत्र दिवस 2026 की पूर्व संध्या पर जब पद्म पुरस्कारों का ऐलान हुआ, तो बिजनेस जगत के लिए सबसे बड़ी खबर 'उदय कोटक' का नाम रही. बिजनेस और इंडस्ट्री से जुड़े कई दिग्गजों को सम्मान मिला है और इन्हीं में एक बड़ा नाम देश के जाने माने बैंकर उदय कोटक का है .
इस साल पद्म पुरस्कार उन लोगों को दिया गया है जिन्होंने सिर्फ पैसा कमाने तक खुद को सीमित नहीं रखा बल्कि बैंकिंग और फाइनेंस जैसे सेक्टर को आम लोगों के लिए आसान बनाया. इन हस्तियों ने अपने काम से कॉरपोरेट दुनिया में अलग पहचान बनाई है और युवाओं के लिए एक मिसाल भी पेश की है.
उदय कोटक को मिला पद्म भूषण सम्मान
कोटक महिंद्रा बैंक के संस्थापक उदय कोटक को बैंकिंग और फाइनेंस सेक्टर में उनके शानदार योगदान के लिए पद्म भूषण से सम्मानित किया गया है. सरकार ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर यह ऐलान किया. आज उदय कोटक को देश के सबसे दिग्गज बिजनेस लीडर्स में गिना जाता है.
कैसे हुई कोटक महिंद्रा बैंक की शुरुआत?
उदय कोटक की कहानी किसी बड़े कारोबारी घराने से शुरू नहीं होती. न उनके पास बड़ी पूंजी थी और न ही किसी बड़े निवेशक का साथ.उन्होंने अपने करियर की शुरुआत किसी आलीशान केबिन से नहीं, बल्कि मुंबई के एक छोटे से ऑफिस से की थी. उन्होंने परिवार और दोस्तों से करीब 30 लाख रुपये उधार लेकर एक छोटे से बिल डिस्काउंटिंग का काम शुरू किया.
उस दौर में नई कंपनी खोलना और लोगों का भरोसा जीतना सबसे बड़ी चुनौती थी. कई लोग एक नई फाइनेंस कंपनी पर भरोसा करने से हिचकिचा रहे थे लेकिन उदय कोटक के पास एक साफ विजन था.
1991 के बाद बदला खेल
1990 के दशक की शुरुआत में उदय कोटक ने सही मौके को पहचाना,जिसे बाकी लोग देख नहीं पा रहे थे. 1991 की नई आर्थिक नीति के बाद उन्होंने उन्होंने रिस्क लिया और कोटक फाइनेंस के जरिए ऑटो लोन निवेश बैंकिंग और स्टॉक ब्रोकिंग जैसे क्षेत्रों में कदम रखा. उस दौर में यह एक बड़ा और जोखिम भरा फैसला माना जाता था लेकिन यही फैसला आगे चलकर उनकी पहचान बन गया.
उनकी सबसे बड़ी जीत 2003 में हुई, जब कोटक महिंद्रा फाइनेंस देश की पहली ऐसी NBFC बनी जिसे बैंक का लाइसेंस मिला.
कोटक महिंद्रा बैंक कैसे बना बड़ा नाम?
उदय कोटक ने अपने बिजनेस को हमेशा कम जोखिम वाली लोन पॉलिसी पर आगे बढ़ाया. उन्होंने बैंकिंग में पारदर्शिता और सही नियमों पर जोर दिया. इसी वजह से धीरे धीरे लोगों का भरोसा बढ़ा और कोटक का नाम मजबूत होता चला गया. उनका फोकस हमेशा रिटेल बैंकिंग और आम ग्राहकों को बेहतर सेवा देने पर रहा, जिससे ग्राहकों का भरोसा इस ब्रांड पर बढ़ता गया
आज कोटक महिंद्रा बैंक देश का चौथा सबसे बड़ा प्राइवेट सेक्टर बैंक बन चुका है. यह सफर आसान नहीं था लेकिन सही फैसलों और साफ सोच ने इसे मुमकिन बनाया. उदय कोटक ने भारतीय बैंकिंग सिस्टम को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक ले जाने में अहम भूमिका निभाई है.
क्यों खास है यह पद्म भूषण सम्मान?
पद्म भूषण सम्मान सिर्फ एक अवॉर्ड नहीं है बल्कि यह उस भरोसे और असर की पहचान है जो उदय कोटक ने भारतीय बैंकिंग और फाइनेंस सेक्टर पर छोड़ा है. यह सम्मान उनके उस योगदान को मानता है जिसने भारत को एक मजबूत प्राइवेट बैंकिंग सिस्टम दिया. सरकार ने उन्हें यह सम्मान देकर भारत के आर्थिक ढांचे को मजबूत करने में उनके योगदान पर मुहर लगा दी है.
यह अवॉर्ड उन युवाओं के लिए एक बड़ा मैसेज है जो आज अपना स्टार्टअप शुरू करना चाहते हैं.आज जब युवा स्टार्टअप और बिजनेस की ओर बढ़ रहे हैं तब उदय कोटक जैसी कहानियां उन्हें यह भरोसा देती हैं कि बिना बड़े नाम और बड़ी पूंजी के भी सफलता हासिल की जा सकती है.उदय कोटक की कहानी बताती है कि एक छोटा सा आइडिया सही मेहनत और सोच के साथ कितना बड़ा रूप ले सकता है.यही वजह है कि पद्म पुरस्कार 2026 सिर्फ सम्मान नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ी के लिए एक सीख भी है.
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