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Petrol Diesel Price Hike: Nayara Energy ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में किया इजाफा, पेट्रोल ₹5 और डीजल ₹3 महंगा

Petrol-Diesel Price Hike: सूत्रों के मुताबिक नायरा एनर्जी की तरफ से पेट्रोल ₹5 और डीजल ₹3 बढ़ाए गए हैं, लेकिन राज्यों के VAT के कारण कुछ जगहों पर पेट्रोल की कीमत में बढ़ोतरी ₹5.30 प्रति लीटर तक पहुंच गई है.

Petrol Diesel Price Hike: Nayara Energy ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में किया इजाफा, पेट्रोल ₹5 और डीजल ₹3 महंगा
Petrol Diesel Prices Hike in India : भारत की सबसे बड़ी प्राइवेट फ्यूल रिटेल कंपनियों में से एक नायरा एनर्जी ने गुरुवार को पेट्रोल की कीमत ₹5 प्रति लीटर और डीजल ₹3 प्रति लीटर बढ़ा दी है.
नई दिल्ली:

Petrol Diesel Price Hike: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल का असर अब भारत के फ्यूल बाजार पर भी दिखने लगा है. देश की बड़ी निजी ईंधन कंपनी नायरा एनर्जी ने पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ा दिए हैं. कंपनी ने इनपुट कॉस्ट बढ़ने का हवाला देते हुए पेट्रोल ₹5 और डीजल ₹3 प्रति लीटर महंगा किया है.इससे पहले सरकारी तेल कंपनियों ने प्रीमियम पेट्रोल के दाम 2 रुपये तक बढ़ाए थे. 

Nayara Energy ने पेट्रोल ₹5 और डीजल ₹3 किया महंगा

भारत की सबसे बड़ी प्राइवेट फ्यूल रिटेल कंपनियों में से एक नायरा एनर्जी ने गुरुवार को पेट्रोल की कीमत ₹5 प्रति लीटर और डीजल ₹3 प्रति लीटर बढ़ा दी है.सूत्रों के मुताबिक कंपनी ने यह फैसला मिडिल ईस्ट में युद्ध की वजह से अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में आई तेजी के बाद लिया है.

मिडिल ईस्ट तनाव के बाद तेल कीमतों में करीब 50% उछाल

28 फरवरी के बाद से अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में तेज बढ़ोतरी देखी गई है.यह बढ़ोतरी उस समय शुरू हुई जब अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर सैन्य कार्रवाई की, जिसके बाद ईरान की तरफ से जवाबी कार्रवाई हुई. इसके चलते तेल कंपनियों पर लागत का दबाव बढ़ गया. देशभर में नायरा एनर्जी के 6,967 पेट्रोल पंप  हैं, जबकि पूरे भारत में कुल 1,02,075 पेट्रोल पंप हैं.सूत्रों के मुताबिक कंपनी ने बढ़ी हुई लागत का कुछ हिस्सा अब ग्राहकों तक पहुंचाया है.इस पूरे मामले पर कंपनीके प्रवक्ता ने फिलहाल कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है.

VAT के कारण अलग-अलग राज्यों में बढ़ोतरी अलग

सूत्रों के मुताबिक नायरा एनर्जी की तरफ से पेट्रोल ₹5 और डीजल ₹3 बढ़ाए गए हैं, लेकिन राज्यों के VAT के कारण कुछ जगहों पर पेट्रोल की कीमत में बढ़ोतरी ₹5.30 प्रति लीटर तक पहुंच गई है.सूत्रों का कहना है कि प्राइवेट तेल कंपनियों को कीमतें नहीं बढ़ाने पर होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए सरकार से कोई मुआवजा नहीं मिलता. बढ़ते नुकसान के कारण निजी कंपनियों के पास कीमत बढ़ाने के अलावा ज्यादा विकल्प नहीं बचा.

सरकारी तेल कंपनियों ने नहीं बढ़ाए तेल के दाम

हालांकि सरकार की तरफ से आम आदमी के लिए राहत भरी खबर भी है. सरकारी तेल कंपनियों HPCL,BPCL और IOC  ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की है. ये तीने कंपनियां मिलकर करीब 90% बाजार हिस्सेदारी रखती हैं, उन्होंने अभी तक सामान्य पेट्रोल और डीजल के दाम नहीं बढ़ाए हैं. सरकारी तेल कंपनियों ने अप्रैल 2022 से सामान्य पेट्रोल और डीजल की कीमतों को स्थिर रखा हुआ है.जब कच्चा तेल महंगा होता है तो कंपनियां नुकसान उठाती हैं और सस्ता होने पर मुनाफा कमाती हैं.

पिछले हफ्ते प्रीमियम पेट्रोल और बल्क डीजल हुए महंगे

पिछले सप्ताह सरकारी तेल कंपनियों नेप्रीमियम पेट्रोल ₹2 प्रति लीटर महंगा किया और इंडस्ट्रियल उपयोग वाले बल्क डीजल में लगभग ₹22 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की.हालांकि सामान्य पेट्रोल और डीजल की कीमतें अभी भी नहीं बदली गई हैं.

दिल्ली में प्रीमियम पेट्रोल और बल्क डीजल की नई कीमत

  • दिल्ली में 95 ऑक्टेन प्रीमियम पेट्रोल ₹99.89 से बढ़कर ₹101.89 प्रति लीटर और बल्क या इंडस्ट्रियल डीजल ₹87.67 से बढ़कर ₹109.59 प्रति लीटर हो गया है.
  • दिल्ली में अभी भी सामान्य पेट्रोल ₹94.77 प्रति लीटर और सामान्य डीजल ₹87.67 प्रति लीटर पर उपलब्ध है.

सामान्य पेट्रोल का ऑक्टेन लेवल 91–92 होता है, जो गाड़ियों के लिए पर्याप्त होता है.जबकि प्रीमियम पेट्रोल का ऑक्टेन स्तर 95–98 होता है, जो हाई-परफॉर्मेंस इंजन के लिए बेहतर माना जाता है.

अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतें $119 प्रति बैरल तक पहुंचीं

ईरान युद्ध के दौरान इस महीने अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतें $119 प्रति बैरल तक पहुंच गई थीं.हालांकि बाद में कीमतें घटकर करीब $100 प्रति बैरल के आसपास आ गईं.

भारत 88% कच्चे तेल के लिए आयात पर निर्भर

भारत अपनी जरूरत का लगभग 88% कच्चा तेलऔर करीब आधी प्राकृतिक गैस आयात करता है.इनकी सप्लाई का बड़ा हिस्सा Strait of Hormuz के रास्ते आता है. ईरान पर हमलों के बाद जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई और कई बीमा कंपनियों ने कवरेज वापस ले लिया, जिससे टैंकर मूवमेंट पर असर पड़ा.

FY24 में तेल कंपनियों ने कमाया रिकॉर्ड मुनाफा

रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद जून 2022 में भी तेल कीमतें $119 प्रति बैरल तक पहुंची थीं.उस समय कंपनियों को सीमित मुनाफा हुआ था, लेकिन FY24 में सरकारी तेल कंपनियों ने रिकॉर्ड ₹81,000 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया.इस साल दिसंबर तिमाही में ही IOC, BPCL और HPCL ने मिलकर करीब ₹23,743 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया है.

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