Noida Ghaziabad Luxury Housing: दिल्ली-NCR के रियल एस्टेट बाजार में पिछले कुछ वर्षों के दौरान बड़ा बदलाव देखने को मिला है. कभी जहां नोएडा और गाजियाबाद को मुख्य रूप से मिड-सेगमेंट और किफायती आवास के बाजार के रूप में देखा जाता था, वहीं अब ये दोनों शहर तेजी से लग्जरी और प्रीमियम हाउसिंग के प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहे हैं. उच्च आय वर्ग, एनआरआई निवेशकों, कॉरपोरेट प्रोफेशनल्स और बड़े घरों की तलाश कर रहे खरीदारों की बढ़ती रुचि ने इस बदलाव को नई गति दी है.
नोएडा के इन सेक्टर्स में क्यों बढ़ी लग्जरी घरों की मांग?
नोएडा के सेक्टर 150, सेक्टर 128, सेक्टर 107, सेक्टर 94 और नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के आसपास स्थित प्रीमियम परियोजनाओं में लग्जरी घरों की मांग लगातार रिकॉर्ड तोड़ रही है. विशेषज्ञों के मुताबिक, इसके पीछे कई बड़े कारण हैं.
- बदलती प्राथमिकताएं: खरीदार अब केवल एक फ्लैट नहीं, बल्कि प्रीमियम लाइफस्टाइल, बेहतर सुरक्षा, क्लब सुविधाएं, हरित वातावरण, अधिक खुले स्थान, बड़े अपार्टमेंट, होम ऑफिस, फिटनेस सेंटर, स्पोर्ट्स सुविधाएं और स्मार्ट होम जैसी सुविधाओं वाले प्रोजेक्ट्स को प्राथमिकता दे रहे हैं.
- इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी: बेहतर सड़क और मेट्रो कनेक्टिविटी, एक्सप्रेसवे नेटवर्क और आधुनिक सामाजिक सुविधाओं ने इन सेक्टर्स को प्रीमियम बना दिया है.
- जेवर एयरपोर्ट का असर: जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का निर्माण और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जुड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के चलते निवेशक इन सेक्टर्स को पहली पसंद मान रहे हैं.
काउंटी ग्रुप के डायरेक्टर अमित मोदी कहते हैं, 'नोएडा और गाजियाबाद में लग्जरी रियल एस्टेट की बढ़ती मांग इस बात का संकेत है कि इन शहरों का आवासीय बाजार तेजी से परिपक्व हो रहा है. रोजगार के बढ़ते अवसर, आईटी एवं कॉरपोरेट सेक्टर का विस्तार, बेहतर सड़क एवं मेट्रो नेटवर्क और जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे जैसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स ने इन दोनों शहरों को उच्च आय वर्ग के खरीदारों के लिए आकर्षक बनाया है. महामारी के बाद लोगों की प्राथमिकताओं में भी बड़ा बदलाव आया है और अब वे बड़े घर, कम घनत्व वाले प्रोजेक्ट्स, स्वास्थ्य औ वेलनेस सुविधाएं, स्मार्ट सिक्योरिटी और प्रीमियम कम्युनिटी लिविंग को अधिक महत्व दे रहे हैं.'

नोएडा सेक्टर 37 जैसे इलाके हाल के कुछ वर्षों में तेजी से डेवलप हुए हैं. Photo Credit: Canva
उनके मुताबिक, डेवलपर्स भी इसी बदलती मांग के अनुरूप विश्वस्तरीय डिजाइन, टिकाऊ निर्माण और आधुनिक सुविधाओं से लैस परियोजनाएं विकसित कर रहे हैं. हमें विश्वास है कि आने वाले समय में नोएडा और गाजियाबाद देश के सबसे मजबूत लग्जरी हाउसिंग बाजारों में अपनी पहचान और मजबूत करेंगे.
गाजियाबाद में कहां-कहां है प्रीमियम डिमांड?
पारंपरिक किफायती आवास की छवि को पीछे छोड़कर गाजियाबाद भी अब हाई-एंड आवासीय परियोजनाओं का गढ़ बन रहा है. सिद्धार्थ विहार, वेव सिटी, राजनगर एक्सटेंशन और इंदिरापुरम जैसे क्षेत्रों में बड़े आकार के अपार्टमेंट्स, आधुनिक क्लब सुविधाओं, ओपन ग्रीन स्पेस और हाई-एंड एमेनिटीज वाले प्रोजेक्ट्स के प्रति खरीदारों की रुचि लगातार बढ़ रही है. गाजियाबाद में मुख्य रूप से इन क्षेत्रों में आधुनिक लग्जरी घरों की भारी डिमांड देखी जा रही है,
- सिद्धार्थ विहार
- राजनगर एक्सटेंशन
- इंदिरापुरम
- एनएच-24 कॉरिडोर
- वेव सिटी
गाजियाबाद में क्यों बढ़ी है प्रीमियम डिमांड
गाजियाबाद, अब केवल दिल्ली का एक्सटेंशन नहीं रहा, बल्कि खुद में एक बेहतरीन बड़ा शहर बन गया है. एसकेए के डायरेक्टर संजय शर्मा कहते हैं, 'गाजियाबाद का रियल एस्टेट बाजार अब पारंपरिक किफायती आवास की छवि से आगे निकलकर प्रीमियम और लग्जरी हाउसिंग की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है. दिल्ली-मेरठ आरआरटीएस, एनएच-24 का चौड़ीकरण, बेहतर मेट्रो कनेक्टिविटी और आधुनिक शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर ने शहर की कनेक्टिविटी को नई पहचान दी है.'
उनका कहना है कि आज का ग्राहक केवल कीमत नहीं देखता, बल्कि गुणवत्ता, सुरक्षा, ब्रांड की विश्वसनीयता और भविष्य में संपत्ति के मूल्यवृद्धि की संभावनाओं को भी प्राथमिकता देता है. यही कारण है कि गाजियाबाद का लग्जरी सेगमेंट आने वाले वर्षों में और अधिक मजबूत होगा.

मजबूत निवेश विकल्प और बेहतर जीवनशैली
नोएडा और गाजियाबाद में विकसित हो रहे इंफ्रास्ट्रक्चर ने भी इस मांग को मजबूत आधार दिया है. दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल कॉरिडोर, विस्तारित मेट्रो नेटवर्क, फिल्म सिटी, डेटा सेंटर हब, आईटी पार्क और औद्योगिक निवेश के कारण रोजगार के अवसर लगातार बढ़ रहे हैं. इसका सीधा असर प्रीमियम आवासीय बाजार पर दिखाई दे रहा है.
कार्यन ग्रुप के निदेशक अमित अग्रवाल कहते है, 'गाजियाबाद की वर्तमान स्थिति इस शहर पर बढ़ते भरोसे को दर्शाती है. आज लोग सिर्फ घर नहीं, बल्कि सुरक्षा, सुविधा और आधुनिकता से युक्त जीवनशैली चाहते हैं. हमारा उद्देश्य केवल इमारतें बनाना नहीं, बल्कि एक खुशहाल भविष्य की नींव रखना है. खासकर वेव सिटी और NH-24 के पास. गाजियाबाद की सबसे बड़ी खासियत ये है कि यहां अभी भी विश्वस्तरीय सुविधाएं अपेक्षाकृत किफायती दामों में उपलब्ध हैं.'
विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि लग्जरी प्रॉपर्टी अब केवल रहने का साधन नहीं रह गई है, बल्कि यह एक मजबूत निवेश विकल्प के रूप में भी उभर रही है. सीमित आपूर्ति और लगातार बढ़ती मांग के कारण प्रीमियम परियोजनाओं में कैपिटल ग्रोथ और बेहतर किराया रिटर्न की संभावनाएं भी मजबूत हुई हैं. रियल एस्टेट कंपनियां भी बदलती मांग के अनुरूप ग्रीन बिल्डिंग, ऊर्जा दक्ष तकनीक, डिजिटल सिक्योरिटी, स्मार्ट एक्सेस सिस्टम, प्राइवेट क्लब, रूफटॉप एमेनिटीज, वेलनेस सेंटर और रिसॉर्ट जैसी सुविधाएं दे रही हैं.
अमित मोदी उम्मीद करते हैं कि आने वाले वर्षों में जेवर एयरपोर्ट के संचालन, मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी, नए एक्सप्रेसवे और विदेशी निवेश, एनआरआई खरीदारों की भागीदारी से नोएडा और गाजियाबाद न केवल दिल्ली-NCR बल्कि देश के सबसे प्रमुख लग्जरी रियल एस्टेट बाजारों में अपनी मजबूत पहचान स्थापित करेंगे.
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